Heatwaves in India Explainer: भारत में क्यों टूट रहे हैं तापमान के रिकॉर्ड? लू के जानलेवा प्रभाव और बचाव के आसान तरीके
45°C पार तापमान, हीट डोम से लेकर अल नीनो तक कारण; जानें सेहत पर असर और बचाव के जरूरी उपाय
Heatwaves in India Explainer: देश के कई हिस्सों में अप्रैल के आखिरी सप्ताह में ही तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है। मैदानी इलाकों में दिन की गर्मी सहन करना मुश्किल हो रहा है तो रातें भी राहत नहीं दे रही हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि इस साल गर्मी सामान्य से काफी ज्यादा रहने वाली है। दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों में से 92 भारत के हैं और टॉप 20 में 19 भारतीय शहर शामिल हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि भारत में इस बार इतनी भीषण गर्मी क्यों पड़ रही है और यह हीटवेव स्वास्थ्य के लिए कितनी खतरनाक है?
तापमान के बढ़ते आंकड़े: देश का आधा हिस्सा भीषण गर्मी की चपेट में
इस साल अप्रैल में कई शहरों में तापमान 44-45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। भागलपुर (बिहार), तालचेर (ओडिशा), आसनसोल (पश्चिम बंगाल) जैसे इलाकों में दिन के साथ रात का तापमान भी सामान्य से काफी ऊपर दर्ज किया जा रहा है।
CEEW की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के 734 जिलों में से 417 जिले हाई या वेरी हाई हीट रिस्क जोन में आ चुके हैं। यानी देश का लगभग 55 प्रतिशत हिस्सा गर्मी के उच्च जोखिम वाले क्षेत्र में है। मौसम विभाग की मासिक रिपोर्ट भी यही संकेत दे रही है कि जलवायु परिवर्तन के कारण हर मौसम प्रभावित हो रहा है।
विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) के अनुसार, पिछले डेढ़ दशक से वैश्विक औसत तापमान 1 डिग्री सेल्सियस से अधिक बढ़ा हुआ है। वर्ष 2026 में यह बढ़ोतरी 1.44 डिग्री तक पहुंच गई है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2027 में गर्मी और भी प्रचंड रूप ले सकती है।
गर्मी के प्रकोप के पीछे के 5 प्रमुख वैज्ञानिक कारण
भारत में बढ़ती गर्मी के पीछे कई कारण हैं, जिनमें सबसे प्रमुख जलवायु परिवर्तन है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, निम्नलिखित कारक इस बार की भीषण गर्मी के लिए जिम्मेदार हैं:
1. हीट डोम का निर्माण हीट डोम एक तरह का उच्च दबाव वाला क्षेत्र है जो गर्म हवा को जमीन के पास ही कैद कर लेता है। यह अदृश्य ढक्कन गर्म हवा को ऊपर उठने नहीं देता। परिणामस्वरूप तापमान तेजी से बढ़ता है और लंबे समय तक ऊंचा रहता है। इस साल कई राज्यों में हीट डोम जैसी स्थिति बन रही है।
2. कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सामान्यतः अप्रैल-मई में पश्चिमी विक्षोभ से ठंडी हवाएं और बारिश आती है, जो गर्मी से राहत देती है। लेकिन इस बार इन विक्षोभों की गतिविधि कमजोर रही है। नतीजतन, गर्मी लगातार बनी हुई है।
3. अर्बन हीट आइलैंड प्रभाव शहरों में कंक्रीट की इमारतें, सड़कें और इमारतें दिन भर सूरज की गर्मी सोख लेती हैं और रात में धीरे-धीरे छोड़ती हैं। इससे रात का तापमान भी नहीं गिर पाता। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई जैसे बड़े शहरों में यह प्रभाव सबसे ज्यादा दिख रहा है।
4. अल नीनो का प्रभाव NOAA और ECMWF की रिपोर्ट्स के अनुसार, 2026 में अल नीनो की संभावना काफी मजबूत है। जून-अगस्त में यह 62 प्रतिशत तक सक्रिय रह सकता है, जबकि अगस्त से अक्टूबर तक 80 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। अल नीनो गर्म हवाओं को बढ़ावा देता है और मानसून पैटर्न को भी प्रभावित करता है।
5. वनों की कमी और भूजल स्तर में गिरावट जंगलों की कटाई, पेड़ों की कमी और भूजल का तेजी से घटना नमी को कम कर रही है। शुष्क हवा गर्मी को और तीखा बना रही है।
‘सीवियर वार्म नाइट्स’: जब रात का तापमान भी सताने लगे
सिर्फ दिन नहीं, रातें भी राहत नहीं दे रही हैं। जब न्यूनतम तापमान सामान्य से 6.4 डिग्री या उससे ज्यादा ऊपर रहता है, तो उसे ‘सीवियर वार्म नाइट’ कहा जाता है।
शरीर को दिन की गर्मी से राहत रात में मिलती है, जब तापमान गिरता है और पसीना सूखता है। लेकिन गर्म रातों में शरीर ठीक से ठंडा नहीं हो पाता। इससे डिहाइड्रेशन, थकान, चिड़चिड़ापन, नींद की समस्या और ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा रहता है।
सेहत पर हीटवेव का हमला: किन अंगों पर पड़ता है असर?
हीटवेव केवल असुविधा नहीं, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इसके प्रमुख प्रभाव निम्न हैं:
-
हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन: शरीर का तापमान नियंत्रण करने की क्षमता कम हो जाती है। लक्षणों में चक्कर आना, उल्टी, बेहोशी और बेहद तेज बुखार शामिल है।
-
हृदय और किडनी पर दबाव: गर्मी में शरीर ज्यादा पानी खोता है, जिससे ब्लड प्रेशर प्रभावित होता है और किडनी पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है।
-
बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग सबसे ज्यादा प्रभावित: इनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, इसलिए उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
-
उत्पादकता पर असर: CSE की रिपोर्ट के मुताबिक, 2030 तक ग्लोबल वार्मिंग के कारण भारत में 5.8 प्रतिशत वर्किंग ऑवर्स गंवाए जा सकते हैं। इससे अर्थव्यवस्था को भी नुकसान होगा।
आंकड़ों के अनुसार, 1998-2017 के बीच दुनिया भर में हीटवेव से 1.66 लाख लोगों की मौत हुई। भारत में 2023 में हीट स्ट्रोक के 48,000 मामले और 159 मौतें दर्ज की गईं। आने वाले वर्षों में कंपाउंड हीटवेव (दिन और रात दोनों गर्म) और आम होने की आशंका है।
सावधानियां और उपचार: लू के कहर से बचने की गाइड
भीषण गर्मी से बचने के लिए कुछ सरल लेकिन प्रभावी उपाय अपनाए जा सकते हैं:
-
दिन के 11 बजे से 4 बजे तक बाहर निकलने से बचें।
-
हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें, सिर ढककर रखें और छाता या टोपी का इस्तेमाल करें।
-
भरपूर पानी पिएं, भले ही प्यास न लगे। नारियल पानी, छाछ, नींबू पानी जैसे पेय फायदेमंद हैं।
-
घरों को ठंडा रखने के लिए पर्दे बंद रखें, पंखे और कूलर का इस्तेमाल करें।
-
बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों पर विशेष नजर रखें।
-
अगर चक्कर आए, उल्टी हो या बेहोशी जैसा महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
सरकार और स्थानीय प्रशासन भी हीट एक्शन प्लान चला रहे हैं। कई राज्यों में स्कूलों के समय में बदलाव, पेयजल केंद्र और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
Heatwaves in India Explainer: क्या मिलेगी राहत?
मौसम विभाग के अनुसार, कुछ राज्यों में मई के पहले सप्ताह में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिससे बारिश या आंधी के साथ कुछ राहत मिलने की संभावना है। लेकिन कुल मिलाकर इस साल गर्मी लंबे समय तक रहने वाली है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए दीर्घकालिक उपाय जरूरी हैं। पेड़ लगाना, हरित ऊर्जा को बढ़ावा देना, शहरी नियोजन में बदलाव और भूजल संरक्षण पर जोर देने की जरूरत है।
भीषण गर्मी अब कोई अस्थायी समस्या नहीं रह गई है। यह जलवायु संकट का हिस्सा बन चुकी है। सावधानी और जागरूकता से हम अपने और अपनों को इस गर्मी के कहर से बचा सकते हैं।
नोट: यह एक्सप्लेनर IMD, CEEW, WMO और अन्य विश्वसनीय स्रोतों की रिपोर्ट्स पर आधारित है। मौसम संबंधी अपडेट के लिए आधिकारिक वेबसाइट या ऐप देखें और स्वास्थ्य संबंधी सलाह के लिए डॉक्टर से परामर्श लें।
Read More Here
- Gold-Silver Rate 27 April 2026: कीमती धातुओं के दाम स्थिर, दिल्ली में ₹15,403 प्रति ग्राम पहुंचा 24 कैरेट सोना, चांदी ₹2.60 लाख के पार, जानें सोना-चाँदी के ताजा भाव
- Petrol-Diesel Price 27 April 2026: तेल के दामों में कोई बदलाव नहीं, दिल्ली में ₹94.77 तो मुंबई में सबसे ऊंचे भाव, जानें प्रमुख शहरों का हाल
- Aaj Ka Mausam 27 April 2026: उत्तर भारत में गर्मी का तांडव, राजस्थान-दिल्ली में लू का कहर, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी, जानें आपके शहर में कैसा रहेगा आज का मौसम
- Aaj Ka Rashifal 27 April 2026: मेष से मीन तक जानें अपना भविष्य, मोहिनी एकादशी पर ग्रह-नक्षत्र क्या दे रहे संकेत