Hartalika Teej Mistakes: हरतालिका तीज पर भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, वरना अधूरा रह जाएगा व्रत का फल
Hartalika Teej Mistakes: हरतालिका तीज पर भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, वरना अधूरा रह जाएगा व्रत का फल
Hartalika Teej Mistakes: हिंदू धर्म में हरतालिका तीज व्रत का बेहद खास और आध्यात्मिक महत्व है, जो हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को रखा जाता है। इस साल यह व्रत 14 सितंबर 2026, सोमवार को पड़ रहा है। भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित यह व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए अत्यंत कठिन माना गया है, क्योंकि इसमें व्रती महिलाएं पूरे 24 घंटे निर्जला रहकर उपवास करती हैं। तीजा व्रत के नाम से भी प्रसिद्ध इस पर्व को करने से अखंड सौभाग्य और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होने की मान्यता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार हरतालिका तीज के दिन कुछ खास नियमों का पालन करना अनिवार्य होता है, और अगर व्रती महिलाएं अनजाने में भी इन नियमों की अनदेखी कर देती हैं, तो व्रत का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता। आइए जानते हैं कि हरतालिका तीज के दिन किन बातों का खास ध्यान रखना चाहिए।
Hartalika Teej Mistakes: वस्त्रों के रंग का रखें विशेष ख्याल
हरतालिका तीज की पूजा और व्रत के दौरान वस्त्रों के रंग को लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। मान्यता के अनुसार इस दिन काले या सफेद रंग के कपड़े पहनने से बचना चाहिए, साथ ही भूरे या नीले रंग के वस्त्र भी शुभ नहीं माने जाते। इसके विपरीत तीजा व्रत में लाल, पीला, हरा और गुलाबी रंग के परिधान पहनना बेहद शुभ माना गया है। ऐसा इसलिए कहा जाता है क्योंकि ये रंग सुहाग और समृद्धि के प्रतीक माने जाते हैं, जो इस व्रत की मूल भावना से जुड़े हुए हैं।
भोजन से जुड़े नियमों का करें पालन
हरतालिका तीज के दिन खान-पान को लेकर भी कुछ खास नियम बताए गए हैं, जिनका पालन घर के हर सदस्य को करना चाहिए। भले ही घर का कोई सदस्य व्रत न रख रहा हो, फिर भी इस दिन घर में लहसुन, प्याज और मांस-मदिरा जैसे तामसिक पदार्थों का सेवन या निर्माण नहीं करना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से भगवान शिव और माता गौरी नाराज हो सकती हैं, जिससे व्रत का शुभ फल प्रभावित हो सकता है।
वाणी और व्यवहार में रखें संयम
हरतालिका तीज व्रत के दिन वाणी और व्यवहार में संयम बरतना बेहद जरूरी माना जाता है। इस दिन किसी की निंदा करने या किसी के लिए कटुवचन बोलने से बचना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से व्रत का फल नष्ट हो सकता है। इसके साथ ही वाद-विवाद और क्रोध से भी दूरी बनाए रखनी चाहिए। घर में कलह होना इस दिन अत्यंत अशुभ माना गया है, और मान्यता के अनुसार ऐसा करने से माता गौरी द्वार से ही वापस लौट सकती हैं।
व्रत के दौरान अन्न-जल से करें परहेज
हरतालिका तीज मुख्य रूप से एक निर्जला व्रत है, इसलिए व्रती महिलाओं को इस दौरान जल, चाय, फल और अन्न किसी भी चीज का सेवन नहीं करना चाहिए। यह व्रत की सबसे कठिन और अहम शर्त मानी जाती है, जिसका पालन पूरी श्रद्धा के साथ किया जाता है। हालांकि अगर किसी महिला को कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, तो ऐसी स्थिति में उन्हें इस नियम में छूट दी जाती है, ताकि उनके स्वास्थ्य को कोई नुकसान न पहुंचे।
Hartalika Teej Mistakes:पूजा में इस्तेमाल होने वाली जरूरी सामग्री
हरतालिका तीज की पूजा को पूर्ण विधि-विधान से संपन्न करने के लिए कुछ खास सामग्रियों की आवश्यकता होती है। इसमें चौकी के लिए स्वच्छ लाल या पीला कपड़ा, भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी की मूर्ति या तस्वीर, कलश, नारियल, आम के पत्ते, दूध, दही, शक्कर, शहद और गंगाजल से बना पंचामृत शामिल है। इसके अलावा बेलपत्र, चंदन, अक्षत, रोली, हल्दी, सिंदूर, फल, मिठाई, दीपक, घी, रूई की बाती, कपूर, पंचमेवा, सोलह श्रृंगार की सामग्री और लाल चुनरी भी पूजा सामग्री का अहम हिस्सा मानी जाती है।
हरतालिका तीज व्रत सुहागिन महिलाओं की आस्था और समर्पण का प्रतीक माना जाता है, जिसे पूरी श्रद्धा और नियमों के पालन के साथ किया जाता है। वस्त्रों के सही रंग चुनने से लेकर भोजन, वाणी और व्यवहार में संयम बरतने तक, हर नियम का अपना विशेष महत्व है। इन सभी बातों का ध्यान रखकर व्रती महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती का पूर्ण आशीर्वाद प्राप्त कर सकती हैं। पूजा की सही सामग्री जुटाकर और विधिपूर्वक व्रत करने से अखंड सौभाग्य की कामना पूरी होने की मान्यता है, जिसके चलते यह पर्व हर सुहागिन महिला के लिए विशेष महत्व रखता है।
(डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है, इसकी पूर्ण सत्यता का कोई दावा नहीं किया जाता।)
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