Guyana Ferry Accident: गुयाना में 133 यात्रियों से भरी फेरी समुद्र में पलटी, 67 लोगों को बचाया गया; कई लापता, बड़े स्तर पर रेस्क्यू अभियान जारी
133 यात्रियों वाली फेरी समुद्र में पलटी, कई लापता; तटरक्षक बल का सर्च ऑपरेशन जारी
Guyana Ferry Accident: दक्षिण अमेरिकी महाद्वीप के उत्तर-पूर्वी तट पर स्थित कैरीबियाई प्रभाव वाले देश गुयाना (Guyana) से एक अत्यंत दुखद और दिल दहला देने वाली अंतरराष्ट्रीय समुद्री दुर्घटना की खबर सामने आई है। गुयाना के तटीय जलमार्ग पर 133 यात्रियों और क्रू मेंबर्स को लेकर जा रही एक विशाल पैसेंजर फेरी (नौका) पोमेरून नदी के मुहाने और उत्तरी अटलांटिक समुद्री मार्ग के पास अचानक संतुलन बिगड़ने के कारण समुद्र में पलट गई। इस दर्दनाक हादसे के तुरंत बाद गुयाना सरकार, तटरक्षक बल (Coast Guard) और स्थानीय निजी नौका चालकों द्वारा शुरू किए गए बड़े पैमाने के आपातकालीन रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत अब तक 15 मासूम बच्चों समेत कुल 67 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। गुयाना के प्रधानमंत्री मार्क फिलिप्स खुद अपनी आपातकालीन टीम के साथ इस सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन की सीधी निगरानी कर रहे हैं, जबकि समुद्र की तेज लहरों के बीच लापता दर्जनों अन्य यात्रियों की तलाश में खोजी विमानों और लाइफबोट्स की मदद ली जा रही है।
दुर्घटनाग्रस्त नौका ‘एमवी बारिमा’, समुद्री रूट और हादसे का आधिकारिक घटनाक्रम
गुयाना के लोक निर्माण एवं परिवहन मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक विनिर्देशों के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त हुई इस पैसेंजर फेरी का नाम ‘एमवी बारिमा’ (MV Barima) है। यह नौका देश की राजधानी जॉर्जटाउन (Georgetown) के मुख्य बंदरगाह से भारी मात्रा में राशन, वाणिज्यिक सामान और 133 यात्रियों को लेकर उत्तरी अटलांटिक तट के दूरस्थ क्षेत्र में स्थित ‘पोर्ट कैतूमा’ (Port Kaituma) के लिए रवाना हुई थी। यात्रा के दौरान जब नौका पोमेरून नदी के पास तटीय अटलांटिक जलमार्ग से गुजर रही थी, तभी स्थानीय समयानुसार देर रात लगभग 11 बजे अचानक हुए तकनीकी असंतुलन या पानी के तेज रिसाव के कारण यह पूरी तरह समुद्र में पलट गई। गुयाना के सार्वजनिक निर्माण मंत्री जुआन एडघिल ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए इस भयावह जल दुर्घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हादसे के सटीक तकनीकी कारणों की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
प्रधानमंत्री मार्क फिलिप्स का त्वरित एक्शन, बड़े पैमाने पर सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे का अलार्म बजते ही गुयाना सरकार ने राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया तंत्र को पूरी तरह से सक्रिय कर दिया। देश के प्रधानमंत्री मार्क फिलिप्स ने रक्षा बलों और सिविल डिफेंस कमीशन (CDC) को सभी उपलब्ध सरकारी व निजी जहाजों को तुरंत मौके पर भेजने का कड़ा विधिक निर्देश जारी किया। रात के अंधेरे और समुद्र की उफनती लहरों के बावजूद तटरक्षक बल के गोताखोरों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 67 यात्रियों को डूबने से बचा लिया, जिन्हें तुरंत पास के क्षेत्रीय अस्पतालों में प्राथमिक उपचार और इमरजेंसी मेडिकल केयर के लिए भर्ती कराया गया है। बचाए गए यात्रियों में 15 छोटे बच्चे भी शामिल हैं, जो इस भयंकर जल-त्रासदी के बीच एक बड़ा चमत्कार माना जा रहा है; हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक हर एक लापता व्यक्ति का सुराग नहीं मिल जाता, तब तक यह रेस्क्यू ऑपरेशन निरंतर जारी रहेगा।
गुयाना का भौगोलिक जलमार्ग, समुद्री परिवहन की चुनौतियां और क्षमता से अधिक लोड का सवाल
दक्षिण अमेरिका के अमेजन बेसिन और कैरीबियाई तटीय पट्टी पर बसे गुयाना देश में सड़कों के सीमित जाल के कारण नदियां और समुद्री तटीय जलमार्ग ही माल ढुलाई तथा यात्री आवागमन का मुख्य जरिया (लाइफलाइन) हैं। राजधानी जॉर्जटाउन से पोर्ट कैतूमा जैसे दूरदराज के खनिज समृद्ध और तटीय इलाकों तक पहुंचने के लिए ‘एमवी बारिमा’ जैसी बड़ी जहाजी फेरियों का इस्तेमाल वर्षों से किया जा रहा है। हालांकि, इस तरह के हादसों के पीछे अक्सर नौकाओं के पुराने पड़ चुके इंजन, अचानक आने वाले समुद्री तूफान, जीपीएस उपकरणों की कमी और विधिक सीमा से अधिक सवारी या ओवरलोडिंग को मुख्य कारण माना जाता है। स्थानीय नागरिक संगठनों ने मांग उठाई है कि तटीय नौका संचालन में सुरक्षा मानकों, लाइफ जैकेट्स की अनिवार्यता और नियमित तकनीकी ऑडिट को कड़ाई से लागू किया जाए।
वैश्विक जल हादसों का बढ़ता ग्राफ, वियतनाम नौका त्रासदी और अंतर्राष्ट्रीय तटरक्षक सहायता
हाल के दिनों में वैश्विक स्तर पर समुद्री यात्राओं के दौरान होने वाले हादसों में अचानक वृद्धि देखी गई है। कुछ ही समय पूर्व वियतनाम के प्रसिद्ध फु क्वोक आइलैंड के पास भी पर्यटकों को ले जा रही एक नौका पलटने से भारी जनहानि हुई थी, जिसमें कई भारतीय पर्यटकों समेत 15 लोगों की जान चली गई थी। गुयाना में हुए इस ताजा हादसे ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर यात्री जहाजों की सुरक्षा, आपातकालीन संचार उपकरणों और संकट के समय अंतर्राष्ट्रीय तटरक्षक सहायता (International Coast Guard Assistance) के समन्वय पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पड़ोसी दक्षिण अमेरिकी और कैरीबियाई देशों ने गुयाना सरकार को इस आपात स्थिति से निपटने के लिए रडार और विशेषज्ञ गोताखोरों की मदद देने की पेशकश की है।
निष्कर्ष: गुयाना के समुद्र (Guyana Ferry Accident) में एमवी बारिमा फेरी का यह हादसा अत्यंत दुखद और जल सुरक्षा प्रणालियों के लिए एक बड़ी चेतावनी है। 67 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालना गुयाना के रेस्क्यू दस्तों की एक बड़ी सफलता जरूर है, परंतु जब तक लापता यात्रियों का सटीक आंकड़ा और स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाती, तब तक पूरे देश में चिंता का माहौल बना हुआ है। यदि आप भी गुयाना नौका हादसे के आधिकारिक लाइव रेस्क्यू बुलेटिनों, गुयाना रक्षा बल द्वारा जारी बचाए गए यात्रियों की नामजद सूचियों, अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के यात्री सुरक्षा विनिर्देशों और विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा जारी भारतीय नागरिकों के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की प्रामाणिक डिजिटल जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो गुयाना सरकार के आधिकारिक जनसंपर्क वेब पोर्टल अथवा अंतर्राष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा प्राधिकरण के प्रमाणित डिजिटल सूचना पटल पर जाकर लाइव अपडेट्स अवश्य चेक कर लें।
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