Gold-Silver Price 28 June 2026: दिल्ली में 24 कैरेट सोना 1,42,750 रुपये प्रति 10 ग्राम, चांदी 2,40,000 रुपये प्रति किलो
दिल्ली में 24 कैरेट सोना 1,42,750 रुपये, चांदी 2,40,000 रुपये
Gold-Silver Price 28 June 2026: अंतरराष्ट्रीय सराफा बाजार में बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में जारी लगातार उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय घरेलू बाजार में रविवार को सोने और चांदी के दामों में एक हल्की बढ़त दर्ज की गई है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में आज सबसे शुद्ध माने जाने वाले 24 कैरेट सोने की कीमत चढ़कर 1,42,750 रुपये प्रति 10 ग्राम के एक नए स्तर पर पहुंच गई है। दूसरी ओर, औद्योगिक और आभूषण मांग के कारण चमकीली धातु चांदी की कीमत भी 2,40,000 रुपये प्रति किलोग्राम के ऊंचे स्तर पर मजबूती से टिकी हुई है। हालांकि वैश्विक मंदी की आहट के बीच बड़े निवेशकों और आम आभूषण खरीदारों में सोने के प्रति रुचि लगातार बनी हुई है, लेकिन रिकॉर्ड तोड़ ऊंची कीमतों को देखते हुए बाजार में खुदरा खरीदारी बेहद सावधानी और सतर्कता के साथ की जा रही है।
वैश्विक स्तर पर बढ़ती वित्तीय अनिश्चितता और विभिन्न केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की लगातार की जा रही भारी खरीदारी ने घरेलू सराफा बाजार को एक मजबूत सपोर्ट दिया है। पिछले कुछ हफ्तों से बनी हुई इस मामूली तेजी ने शादी-ब्याह के लिए आभूषण बनवाने वाले परिवारों की चिंता थोड़ी बढ़ा दी है। आइए विस्तार से जानते हैं कि आज देश के अलग-अलग राज्यों, प्रमुख महानगरों और उत्तर भारत के शहरों में सोने व चांदी का ताजा खुदरा भाव क्या चल रहा है और बाजार के जानकार भविष्य की क्या संभावनाएं जता रहे हैं।
दिल्ली-एनसीआर में सोने-चांदी के भाव
दिल्ली के मुख्य सर्राफा बाजार में आज दर्ज की गई नई कीमतों के अनुसार, जहां 24 कैरेट सोने का भाव 1,42,750 रुपये पर मजबूत है, वहीं आभूषण बनाने में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट सोने की कीमत 1,30,850 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। इसके अतिरिक्त, कम बजट वाले आभूषणों के लिए लोकप्रिय 18 कैरेट सोने का भाव आज 1,07,060 रुपये प्रति 100 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। दिल्ली से सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के प्रमुख शहरों जैसे नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद में भी 999 शुद्धता वाली चांदी आज 2,40,000 रुपये प्रति किलो के भाव पर ही बिक रही है। सराफा विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक शेयर बाजारों में जारी उतार-चढ़ाव के चलते लोग अब अपने निवेश को सुरक्षित करने के लिए फिजिकल गोल्ड की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जिससे स्थानीय मांग को बल मिल रहा है।
लखनऊ और उत्तर प्रदेश का हाल
उत्तर प्रदेश के सर्राफा बाजारों में भी आज मानसूनी बादलों की आवाजाही के बीच कीमती धातुओं की कीमतों में दिल्ली जैसी ही मजबूती देखने को मिल रही है। राज्य की राजधानी लखनऊ में आज 24 कैरेट शुद्ध सोने की खुदरा कीमत लगभग 1,42,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास दर्ज की गई है, जो दिल्ली के मुकाबले मामूली रूप से कम है। लखनऊ के आभूषण बाजार में आज चांदी का खुदरा भाव स्थानीय वैट और मेकिंग चार्ज के अंतर के साथ 2,39,000 रुपये से लेकर 2,41,000 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच बना हुआ है। उत्तर प्रदेश के अन्य प्रमुख और बड़े व्यापारिक शहरों जैसे कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज और आगरा में भी कीमती धातुओं के भाव लगभग इसी दायरे के भीतर बने हुए हैं। स्थानीय ज्वेलर्स एसोसिएशन का कहना है कि आगामी शादी के सीजन की तैयारी में लोग ऊंची कीमतों के बावजूद गहनों की एडवांस बुकिंग करा रहे हैं, जिससे बाजारों में अच्छी रौनक देखी जा रही है।
मुंबई और अन्य महानगरों की स्थिति
देश की आर्थिक नगरी मुंबई के प्रसिद्ध झवेरी बाजार में स्थानीय टैक्स और चुंगी की दरों में अंतर होने के कारण सोने की कीमतें दिल्ली से थोड़ी अधिक बनी हुई हैं। मुंबई में आज 24 कैरेट सोने की कीमत 1,43,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के मनोवैज्ञानिक स्तर के आसपास कारोबार कर रही है, जबकि रिफाइंड चांदी का भाव यहाँ 2,42,000 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया है। पूर्वी भारत के मुख्य महानगर कोलकाता और दक्षिण भारत के चेन्नई व बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में भी सोने-चांदी की कीमतें लगातार उच्चतम स्तरों के करीब बनी हुई हैं। आभूषण बाजार के जानकारों का कहना है कि विभिन्न राज्यों में स्थानीय मांग का स्तर और क्षेत्रीय परिवहन लागत ही इन महानगरों के बीच कीमतों में आने वाले मामूली अंतर की मुख्य वजह होती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का प्रभाव और आर्थिक कारक
ग्लोबल कमोडिटी मार्केट की बात करें तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस समय सोने की कीमत 4,000 डॉलर प्रति औंस के एक बेहद मजबूत और ऐतिहासिक स्तर के आसपास बनी हुई है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी मौद्रिक नीतियों, वैश्विक मुद्रास्फीति (महंगाई) की ऊंची दर और विभिन्न देशों के बीच जारी भू-राजनीतिक तनावों के कारण वैश्विक निवेशक इस समय सोने को सबसे सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) के रूप में देख रहे हैं। दूसरी ओर, वैश्विक चांदी को भी इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के निर्माण और सोलर पैनल इंडस्ट्री में होने वाले भारी औद्योगिक उपयोग के कारण मजबूत सपोर्ट मिल रहा है। चूंकि भारत पूरी दुनिया में सोने का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार और आयातक देश है, इसलिए वैश्विक स्तर पर होने वाली कोई भी छोटी-बड़ी हलचल हमारे घरेलू सराफा बाजारों को सीधे तौर पर प्रभावित करती है।
आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि सोने-चांदी की ये आसमान छूती कीमतें सीधे तौर पर देश की मुद्रास्फीति और आर्थिक स्थिति का सूचक होती हैं। जब भी ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुएं महंगी होती हैं, तो सोने की कीमतें भी अपने आप बढ़ने लगती हैं। हालांकि, सोने की इन ऊंची कीमतों के कारण देश का आयात बिल भी काफी बढ़ जाता है, जिसका सीधा असर हमारे विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ता है। यही कारण है कि सरकार और रिजर्व बैंक समय-समय पर आयात शुल्क (इंपोर्ट ड्यूटी) में बदलाव करके और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जैसे पेपर गोल्ड के विकल्पों को बढ़ावा देकर फिजिकल गोल्ड की मांग को नियंत्रित करने और बाजार को संतुलित रखने का प्रयास करते हैं।
निष्कर्ष: निवेश की दृष्टि से सोना-चांदी और ग्राहकों के लिए टिप्स
कमोडिटी और वित्तीय (Gold-Silver Price 28 June 2026) विशेषज्ञों के अनुसार, सोना हमेशा से लंबी अवधि में एक बेहद सुरक्षित और बंपर रिटर्न देने वाला बेहतरीन निवेश माध्यम साबित होता आया है। वर्तमान समय में कीमतों के इस उच्चतम स्तर को देखते हुए निवेशकों को एक साथ बड़ी पूंजी लगाने के बजाय सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) या डिजिटल गोल्ड के माध्यम से हर महीने थोड़ा-थोड़ा निवेश करने की रणनीति अपनानी चाहिए। इसके अलावा, आम उपभोक्ताओं के लिए यही सबसे उत्तम सलाह है कि वे जब भी सोने की खरीदारी करें, हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) द्वारा प्रमाणित हॉलमार्क वाले आभूषण ही खरीदें। शुद्ध सोने के सिक्के या बार खरीदना निवेश के लिहाज से ज्यादा फायदेमंद होता है क्योंकि आभूषणों के मुकाबले इन पर मेकिंग चार्ज बेहद कम लगता है। आने वाले जुलाई और अगस्त के त्योहारी महीनों में मांग और बढ़ने की संभावना को देखते हुए, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अभी से अपनी बजट प्लानिंग शुरू कर देना ही समझदारी भरा कदम होगा।
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