Gold Silver Price Drop 2026: पीएम मोदी की अपील का दिखा बड़ा असर, 40 दिनों में सोना 11,700 और चांदी 42,000 तक हुई सस्ती

Gold Silver Price Drop 2026: पीएम मोदी की अपील का दिखा बड़ा असर, 40 दिनों में सोना 11,700 और चांदी 42,000 तक हुई सस्ती

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Gold Silver Price Drop 2026: बीते 40 दिनों में देश के सर्राफा बाजार में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देशवासियों से की गई एक अपील के बाद सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 10 मई से अब तक सोना प्रति 10 ग्राम करीब ₹11,700 और चांदी प्रति किलोग्राम ₹42,000 तक टूट चुकी है। यह नरमी न केवल घरेलू बाजार में दिखी है, बल्कि इसके पीछे सरकार द्वारा लिए गए आर्थिक फैसले और अंतरराष्ट्रीय बाजार का मिजाज भी बड़ी वजह बनकर उभरे हैं।

बाजार में इस भारी गिरावट ने निवेशकों और आम खरीदारों को सकते में डाल दिया है। जहां एक तरफ सोना खरीदने का मन बना रहे लोग इसे खरीदारी का सही मौका मान रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बाजार के जानकार इसे एक बड़े बदलाव की शुरुआत बता रहे हैं। यह गिरावट केवल कीमतों का कम होना नहीं है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने की दिशा में उठाए गए कदमों का नतीजा है।

Gold Silver Price Drop 2026: क्या थी पीएम मोदी की वह अपील?

करीब 40 दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए नागरिकों से खास आग्रह किया था। उन्होंने देशवासियों से अपील की थी कि वे कम से कम एक साल तक सोने की खरीदारी से बचें। इसके पीछे का मुख्य मकसद देश का विदेशी मुद्रा भंडार बचाना था। प्रधानमंत्री ने ईंधन और अन्य गैर जरूरी आयातित वस्तुओं की खपत पर भी लगाम लगाने को कहा था, ताकि भारतीय रुपये को वैश्विक बाजार में मजबूती दी जा सके।

भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना आयातक देशों में गिना जाता है। हमारी घरेलू मांग का एक बड़ा हिस्सा विदेशों से मंगवाए गए सोने से पूरा होता है। जब हम भारी मात्रा में सोना आयात करते हैं, तो इसके बदले बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा यानी डॉलर का बहिर्गमन होता है। इसका सीधा असर हमारे व्यापार घाटे पर पड़ता है और रुपये की कीमत कमजोर होती है। पीएम मोदी की इसी चिंता ने बाजार के रुख को बदलने का काम किया।

40 दिनों का लेखा-जोखा: सोने-चांदी की कीमतों में बड़ा बदलाव

अगर हम 10 मई और 29 जून के आंकड़ों की तुलना करें, तो यह गिरावट वाकई हैरान करने वाली है। 10 मई को 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,53,140 प्रति 10 ग्राम के आसपास था। वहीं, 29 जून तक आते-आते यह घटकर ₹1,41,421 प्रति 10 ग्राम रह गया। यानी बीते 40 दिनों में सोने की कीमतों में करीब ₹11,719 की कमी आई है।

चांदी की स्थिति और भी चौंकाने वाली रही है। 10 मई को चांदी की कीमत ₹2,62,350 प्रति किलोग्राम थी, जो अब गिरकर ₹2,16,541 प्रति किलोग्राम पर आ गई है। इसमें करीब ₹42,370 प्रति किलोग्राम की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। बाजार में आई इस कमजोरी के पीछे सरकार का एक बड़ा फैसला भी है। प्रधानमंत्री की अपील के कुछ दिनों के भीतर ही सरकार ने सोना और चांदी पर आयात शुल्क (Import Duty) को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया।

क्यों बढ़ाई गई आयात शुल्क?

सरकार ने यह कदम केवल कीमतें घटाने के लिए नहीं, बल्कि सोने के आयात को नियंत्रित करने के लिए उठाया है। इस शुल्क में कस्टम ड्यूटी और एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) को जोड़ा गया है। कमोडिटी मार्केट के जानकारों का मानना है कि आयात शुल्क में इस वृद्धि का असर उन ग्राहकों पर सबसे ज्यादा पड़ा है जो कीमतों को लेकर बहुत ज्यादा संवेदनशील हैं।

अनुमान है कि इस फैसले से आने वाले समय में देश में सोने की मांग और इसके आयात में 10 से 15 फीसदी तक की कमी आ सकती है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि सोने की बेतहाशा खरीदारी से देश का आर्थिक ढांचा प्रभावित हो रहा है। ऐसे में बाजार में जो बिकवाली दिखी है, वह न केवल आयात शुल्क बढ़ने का असर है, बल्कि आम लोगों द्वारा भी सरकार की अपील पर दिखाई गई संवेदनशीलता का परिणाम है।

Gold Silver Price Drop 2026: निवेशक और खरीदार क्या करें?

बाजार में आई इस गिरावट को लेकर निवेशकों के बीच अलग-अलग राय है। कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि अभी कीमतों में और नरमी आ सकती है। वैश्विक बाजार में भी कीमती धातुओं की बिकवाली का दौर चल रहा है, जिसका सीधा असर भारतीय सर्राफा बाजार पर भी पड़ा है। जो लोग लंबे समय के लिए निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए यह समय मंथन का है। वहीं, जो लोग शादी-ब्याह या निजी उपयोग के लिए सोना खरीदने का प्लान कर रहे थे, उनके लिए यह राहत भरी खबर जरूर है।

हालांकि, आम जनता को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर भरोसा न करें। सोना-चांदी के रेट रोज बदलते रहते हैं, इसलिए खरीदारी से पहले अपनी स्थानीय बाजार की स्थिति और विश्वसनीय ज्वेलर्स के रेट को जरूर जांचें। सरकार की अपील का उद्देश्य केवल देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है, ताकि रुपये की गिरती कीमतों पर लगाम लगाई जा सके।

Gold Silver Price Drop 2026: क्या गिरते रहेंगे दाम?

आने वाले दिनों में सोना-चांदी के दाम किस दिशा में जाएंगे, यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर की मजबूती और वैश्विक आर्थिक हालातों पर निर्भर करेगा। फिलहाल के लिए यह साफ है कि सरकार अपनी आर्थिक नीतियों को लेकर काफी सख्त है और वह नहीं चाहती कि गैर जरूरी आयात से देश का विदेशी मुद्रा भंडार खाली हो।

अंत में, यह कहना सही होगा कि बीते 40 दिनों में सोने और चांदी के बाजार ने एक नई दिशा पकड़ी है। प्रधानमंत्री की सलाह और सरकार के आयात शुल्क बढ़ाने के फैसले ने बाजार में एक अनुशासन पैदा किया है। यह गिरावट जहां एक ओर आम आदमी को सस्ता सोना और चांदी मुहैया करा रही है, वहीं दूसरी ओर यह देश की आर्थिक स्थिरता के लिए भी एक सकारात्मक संकेत है। बाजार में आई यह सुस्ती आने वाले दिनों में और गहरी होती है या फिर खरीदार वापस लौटते हैं, यह देखना दिलचस्प होगा। फिलहाल, भारतीय सर्राफा बाजार के लिए यह दौर काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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