Gold-Silver Price 4 September 2026: वैश्विक बाजारों में मजबूती से घरेलू सर्राफा में तेजी, 24 कैरेट सोना ₹1.52 लाख के पार और चांदी ₹2.44 लाख प्रति किलो

वैश्विक बाजारों में मजबूती से घरेलू सर्राफा में तेजी, चांदी ₹2.44 लाख प्रति किलो के करीब

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Gold-Silver Price 4 September 2026: भारतीय सर्राफा बाजार में हालिया सुस्ती और सीमित उतार-चढ़ाव के बाद बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में एक बार फिर सशक्त तेजी का रुख देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में नरमी, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और वैश्विक भू-राजनीतिक चिंताओं के बीच सोने और चांदी दोनों के भाव ऊंचे स्तर पर कारोबार कर रहे हैं। शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 को घरेलू वायदा बाजार यानी एमसीएक्स और खुदरा बाजारों में बुलियन के भाव मजबूती के साथ खुले हैं। आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए खुदरा आभूषण खरीदार और संस्थागत निवेशक दोनों ही ताजा दरों पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोने के अक्टूबर वायदा अनुबंध में उल्लेखनीय तेजी दर्ज की जा रही है, जहां भाव 1,33,000 रुपये से लेकर 1,54,000 रुपये प्रति दस ग्राम के दायरे में मजबूती दिखा रहे हैं। वहीं औद्योगिक मांग और निवेश समर्थन के दम पर चांदी का दिसंबर अनुबंध 2,38,000 रुपये से 2,50,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। खुदरा सर्राफा बाजार में भी 24 कैरेट शुद्ध सोने की कीमतें 1,52,000 रुपये से 1,55,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच बनी हुई हैं।

Gold-Silver Price 4 September 2026: 24 कैरेट और 22 कैरेट का ताजा गणित

अंतरराष्ट्रीय सर्राफा बाजार में हाजिर सोना लगभग 4,400 डॉलर प्रति औंस के आसपास टिके रहने से भारतीय खुदरा बाजार को सीधा संबल मिला है। देश के प्रमुख सर्राफा बाजारों में 24 कैरेट शुद्ध सोने की कीमतें प्रति दस ग्राम 1,52,000 रुपये से 1,55,000 रुपये के आसपास पहुंच गई हैं, जो प्रति ग्राम के हिसाब से करीब 15,200 रुपये से 15,500 रुपये बैठती हैं।

दूसरी तरफ, आभूषण निर्माण के लिए सर्वाधिक इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट मानक सोने के दाम 1,39,000 रुपये से 1,42,000 रुपये प्रति दस ग्राम के स्तर पर स्थिर बने हुए हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद जैसे महानगरों में स्थानीय परिवहन लागत, राज्य स्तरीय कराधान और स्थानीय मांग के आधार पर दरों में हल्का अंतर देखा जा रहा है।

चांदी की चमक बढ़ी: ₹2.44 लाख से ₹2.50 लाख प्रति किलो के बीच भाव

सोने की तुलना में चांदी में सट्टेबाजी और औद्योगिक लिवाली का प्रभाव ज्यादा स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। वैश्विक स्तर पर चांदी 65 से 66 डॉलर प्रति औंस के मजबूत दायरे में बनी हुई है। घरेलू खुदरा बाजार में चांदी का भाव 244 रुपये से 250 रुपये प्रति ग्राम यानी 2,44,000 रुपये से 2,50,000 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास दर्ज किया जा रहा है।

दक्षिण भारत के प्रमुख शहरों जैसे चेन्नई और हैदराबाद में चांदी की स्थानीय मांग पारंपरिक रूप से अधिक रहने के कारण भाव 2,50,000 रुपये प्रति किलोग्राम के ऊपरी स्तर को छू रहे हैं, जबकि मुंबई और दिल्ली में यह 2,44,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही है। सौर ऊर्जा संयंत्रों और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र से आ रही निरंतर औद्योगिक मांग ने चांदी के निचले स्तरों को तकनीकी सहारा दिया है।

महानगरों में भाव की स्थिति और ज्वेलर्स की राय

देश की राजधानी नई दिल्ली में 24 कैरेट सोना 1,52,500 से 1,53,500 रुपये प्रति 10 ग्राम तथा चांदी 2,44,000 रुपये प्रति किलो पर है। आर्थिक राजधानी मुंबई में 24 कैरेट सोना 1,52,200 से 1,53,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच दर्ज किया गया है। कोलकाता में शुद्ध सोना 1,52,400 से 1,53,200 रुपये और चेन्नई में मांग बढ़ने से भाव 1,53,500 से 1,54,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में देखा जा रहा है।

बेंगलुरु और हैदराबाद में 24 कैरेट सोने की दरें 1,52,800 से 1,53,800 रुपये के बीच कारोबार कर रही हैं। सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि खुदरा आभूषण खरीदते समय उपभोक्ताओं को ध्यान रखना चाहिए कि इन आधारभूत दरों पर 3 प्रतिशत वस्तु एवं सेवा कर (GST) और ज्वेलर्स द्वारा तय मेकिंग चार्ज अलग से देय होता है, जिससे वास्तविक बिलिंग राशि इन बाजार दरों से कुछ अधिक हो सकती है।

वैश्विक व घरेलू कारक: क्यों तेज हो रही है बुलियन की चाल?

कीमती धातुओं में आई इस तेजी के पीछे कई वृहद-आर्थिक कारक सक्रिय हैं। अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में दर्ज की गई कमजोरी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में सोने की ओर आकर्षित किया है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा आगामी मौद्रिक नीतियों में ब्याज दरों को लेकर संभावित नरमी के संकेतों ने भी कमोडिटी बाजार को सहारा दिया है।

घरेलू मोर्चे पर, गणेश चतुर्थी और उसके बाद आने वाले नवरात्रि व दिवाली जैसे प्रमुख त्योहारों से ठीक पहले थोक आभूषण निर्माताओं ने अग्रिम खरीदारी शुरू कर दी है। रुपये के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की विनिमय दर भी आयातित सोने की लागत को सीधे प्रभावित कर रही है। जब तक अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक तनाव बना रहेगा, तब तक बुलियन में बड़ी गिरावट की संभावना सीमित मानी जा रही है।

Gold-Silver Price 4 September 2026: खरीदारों व निवेशकों के लिए तकनीकी विश्लेषण और सुझाव

बाजार विश्लेषकों के अनुसार, सोने के लिए घरेलू बाजार में 1,52,000 रुपये प्रति 10 ग्राम का स्तर एक मजबूत सपोर्ट का काम कर रहा है, जबकि 1,55,000 से 1,56,000 रुपये का स्तर तात्कालिक रेजिस्टेंस बना हुआ है। चांदी के लिए 2,35,000 रुपये का दायरा सपोर्ट और 2,50,000 रुपये का स्तर तकनीकी बाधा के रूप में देखा जा रहा है।

छोटे और खुदरा निवेशकों के लिए बाजार विशेषज्ञों की सलाह है कि वे एकमुश्त बड़ी खरीदारी करने के बजाय मूल्य में आने वाली हल्की गिरावट पर धीरे-धीरे पूंजी लगाएं। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड, गोल्ड ईटीएफ और डिजिटल गोल्ड जैसे आधुनिक विकल्प बिना मेकिंग चार्ज और सुरक्षा के झंझट के लंबी अवधि के लिए बेहतर माने जाते हैं। भौतिक सोना खरीदने वाले ग्राहकों को हॉलमार्क (HUID) अनिवार्य रूप से जांचने की सलाह दी जाती है।

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