Gold Price on Akshaya Tritiya: सोने की कीमतों में भारी गिरावट से खिले खरीदारों के चेहरे, जानें दिल्ली से चेन्नई तक 18, 22 और 24 कैरेट का लेटेस्ट रेट

अक्षय तृतीया से पहले सोने-चांदी के दाम गिरे, 24K, 22K और 18K गोल्ड में नरमी, खरीदारों के लिए सुनहरा मौका

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Gold Price on Akshaya Tritiya: अक्षय तृतीया के शुभ अवसर से महज एक दिन पहले सोने की कीमतों ने बाजार में हलचल मचा दी है। आमतौर पर इस त्योहार से पहले सोने की मांग बढ़ने के कारण दामों में तेजी आती है, लेकिन इस बार ठीक उलटा हुआ है। देश के प्रमुख शहरों में 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के भाव में काफी नरमी दर्ज की गई है। यह गिरावट उन लोगों के लिए राहत भरी खबर है जो अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिली नरमी और भू-राजनीतिक तनाव में कुछ राहत के कारण यह बदलाव आया है।

सांस्कृतिक महत्व: सोने की खरीदारी की परंपरा

अक्षय तृतीया हिंदू धर्म में बेहद पवित्र त्योहार माना जाता है। यह दिन धन, समृद्धि और अक्षय फल की प्राप्ति का प्रतीक है। मान्यता है कि इस दिन जो भी शुभ कार्य किया जाता है, वह हमेशा फलदायी होता है। यही वजह है कि लाखों लोग इस मौके पर सोना, चांदी या अन्य कीमती धातुओं की खरीदारी करते हैं। खासकर महिलाएं और परिवार के बुजुर्ग इस दिन सोने के आभूषण खरीदने पर जोर देते हैं क्योंकि इसे शुभ माना जाता है।

भारतीय संस्कृति में सोना न सिर्फ संपत्ति का प्रतीक है बल्कि भावनात्मक और धार्मिक रूप से भी महत्वपूर्ण है। विवाह, पूजा-पाठ या किसी नए काम की शुरुआत के लिए सोने का इस्तेमाल सदियों से होता आ रहा है। अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने की परंपरा इसलिए भी लोकप्रिय है क्योंकि इस दिन सूर्य और चंद्र दोनों की उच्च स्थिति होती है जो शुभ फल देती है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार इस बार की गिरावट खरीदारों को कम दाम पर अच्छी क्वालिटी का सोना खरीदने का मौका दे रही है। हालांकि बाजार में उतार-चढ़ाव हमेशा बना रहता है इसलिए खरीदारी से पहले थोड़ा रिसर्च जरूर करना चाहिए।

इस त्योहार को लेकर देशभर में उत्साह का माहौल है। ज्वेलरी बाजारों में पहले से ही भीड़ बढ़ने लगी है। दिल्ली, मुंबई, चेन्नई जैसे बड़े शहरों के सराफा बाजार इस समय खरीदारों से गुलजार रहते हैं। लोग न सिर्फ आभूषण बल्कि निवेश के लिहाज से भी सोने की सिक्के या बार खरीद रहे हैं। यह दिन महिलाओं के लिए खास होता है क्योंकि कई परिवार इस मौके पर बहू-बेटियों को सोने के तोहफे देते हैं।

ताजा भाव: प्रमुख शहरों के स्वर्ण दर

18 अप्रैल की सुबह देश के प्रमुख शहरों में सोने की कीमतों में नरमी देखने को मिली। दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव 1,54,340 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। मुंबई, कोलकाता, पुणे और बेंगलुरु जैसे शहरों में यह कीमत करीब 1,54,190 रुपये के आसपास रही। वहीं चेन्नई में 24 कैरेट गोल्ड का रेट थोड़ा ऊंचा रहा और यह 1,55,010 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।

22 कैरेट सोने की बात करें तो दिल्ली में यह 1,41,490 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। मुंबई और कोलकाता में यह भाव लगभग 1,41,340 रुपये रहा। 18 कैरेट सोने का भाव दिल्ली में करीब 1,15,755 रुपये प्रति 10 ग्राम है जबकि मुंबई और कोलकाता में यह 1,15,642 रुपये के आसपास रहा। इन कीमतों में पिछले कुछ दिनों की तुलना में साफ नरमी नजर आ रही है जिससे खरीदारों के चेहरे खिल गए हैं।

ज्वेलर्स का कहना है कि इस गिरावट से अक्षय तृतीया पर खरीदारी बढ़ सकती है। लोग अब कम दाम पर ज्यादा मात्रा में सोना खरीद सकेंगे। हालांकि हर शहर में कुछ स्थानीय कारक जैसे मेकिंग चार्जेस और जीएसटी अलग-अलग हो सकते हैं इसलिए अंतिम कीमत थोड़ी भिन्न हो सकती है। चेन्नई जैसे दक्षिणी शहरों में हमेशा थोड़ी प्रीमियम कीमत देखी जाती है क्योंकि वहां सोने की डिमांड और परंपरा मजबूत है।

बाजार अपडेट: कीमतों में आई बड़ी गिरावट

दिल्ली के सराफा बाजार में 17 अप्रैल को सोने की कीमतों में करीब 1,600 रुपये की भारी गिरावट दर्ज की गई थी। यह एक दिन का सबसे बड़ा बदलाव था जो बाजार को पूरी तरह से हिला गया। इसी तरह अन्य शहरों में भी दामों में नरमी आई। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि इतनी बड़ी गिरावट एक साथ कम देखने को मिलती है।

यह बदलाव उन निवेशकों के लिए अच्छा संकेत है जो लंबे समय से सोने की कीमतों पर नजर रखे हुए थे। कई लोग पिछले हफ्ते से इंतजार कर रहे थे कि त्योहार से पहले दाम बढ़ेंगे लेकिन उलटे गिरावट ने उन्हें फायदा पहुंचाया। सराफा एसोसिएशन के सदस्यों ने बताया कि सुबह के सत्र में ही दामों में तेजी से कमी आई और पूरे दिन यही ट्रेंड बना रहा।

चांदी का हाल: कीमतों में दर्ज भारी कमी

सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी नरमी देखी गई। 18 अप्रैल को चांदी का भाव करीब 2,64,900 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया। पिछले सत्र में इसमें 5,700 रुपये की गिरावट दर्ज की गई थी। चांदी भी अक्षय तृतीया पर खरीदी जाती है इसलिए इसकी गिरावट ने खरीदारों को और ज्यादा विकल्प दिए हैं।

चांदी का इस्तेमाल न सिर्फ आभूषणों में बल्कि पूजा-पाठ की सामग्री और निवेश दोनों में होता है। कई छोटे निवेशक चांदी को सोने का सस्ता विकल्प मानकर खरीदते हैं। इस बार दोनों धातुओं में एक साथ नरमी ने बाजार को संतुलित बना दिया है।

कारक विश्लेषण: गिरावट के प्रमुख कारण

विशेषज्ञों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में आई नरमी इस गिरावट का प्रमुख कारण है। इजरायल-लेबनान के बीच सीजफायर की खबर और अमेरिका-ईरान के बीच सुलह की उम्मीद ने निवेशकों का रुख शांत कर दिया। सोना हमेशा सुरक्षित निवेश माना जाता है लेकिन जब भू-राजनीतिक तनाव कम होता है तो इसकी मांग भी थोड़ी घट जाती है।

इसके अलावा डॉलर की मजबूती और कुछ बड़े देशों के आर्थिक आंकड़ों ने भी ग्लोबल गोल्ड मार्केट पर असर डाला। भारत में रुपए की स्थिति स्थिर रहने से आयातित सोने की कीमत पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ा। घरेलू स्तर पर भी त्योहार से पहले स्टॉक बढ़ाने वाले ज्वेलर्स ने कम खरीदारी की जिससे दाम नीचे आए।

विशेषज्ञ राय: भविष्य का बाजार अनुमान

कई बाजार विश्लेषकों ने इस गिरावट को अस्थायी बताया है। उनका कहना है कि अक्षय तृतीया के दिन मांग बढ़ने से दाम फिर से ऊपर जा सकते हैं। हालांकि भू-राजनीतिक स्थिति अगर स्थिर रही तो कीमतें ज्यादा नहीं बढ़ेंगी। कुछ एक्सपर्ट्स ने सलाह दी है कि इस मौके पर 10 से 20 ग्राम तक का निवेश अच्छा रहेगा।

दिल्ली के एक बड़े ज्वेलर ने बताया कि इस बार ग्राहक ज्यादा स्मार्ट हो गए हैं। वे सिर्फ भाव नहीं बल्कि डिजाइन और क्वालिटी भी चेक कर रहे हैं। बेंगलुरु और मुंबई के बाजार में भी यही ट्रेंड नजर आ रहा है। लंबे समय के निवेश की बात करें तो सोना अभी भी अच्छा विकल्प है क्योंकि महंगाई के खिलाफ यह सुरक्षा कवच का काम करता है।

खरीद गाइड: खरीदारों के लिए जरूरी सलाह

अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है लेकिन कुछ सावधानियां जरूरी हैं। सबसे पहले हमेशा हॉलमार्क वाले ज्वेलरी ही खरीदें। 24 कैरेट सोना शुद्ध होता है लेकिन आभूषणों के लिए 22 या 18 कैरेट ज्यादा इस्तेमाल होता है क्योंकि यह टिकाऊ होता है। मेकिंग चार्जेस और जीएसटी को ध्यान में रखकर कुल लागत कैलकुलेट करें।

कई बैंक और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म डिजिटल गोल्ड का विकल्प भी दे रहे हैं जो फिजिकल सोने से सस्ता पड़ सकता है। अगर निवेश का मकसद है तो सिक्के या बार खरीदना बेहतर रहेगा। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए एक दिन में पूरा पैसा लगाने की बजाय थोड़ा-थोड़ा खरीदें। महिलाओं को खासतौर पर इस दिन पीला सोना या पारंपरिक डिजाइन पसंद आते हैं।

निवेश जोखिम: फायदे और संभावित खतरे

भारत में सोना सदियों से निवेश का सबसे भरोसेमंद साधन रहा है। यह महंगाई से बचाता है और लिक्विडिटी भी अच्छी रखता है। अक्षय तृतीया जैसे मौके पर खरीदारी करने से भावनात्मक संतोष भी मिलता है। हालांकि कीमतों में उतार-चढ़ाव का जोखिम हमेशा रहता है।

पिछले कुछ वर्षों में देखा गया है कि अक्षय तृतीया के आसपास दाम औसतन 2-3 प्रतिशत बढ़ते हैं लेकिन इस बार गिरावट ने सबको चौंका दिया। लंबी अवधि में सोना 8-10 प्रतिशत सालाना रिटर्न दे सकता है। इसलिए अगर आपका बजट अनुमति दे तो इस गिरावट का फायदा उठाएं लेकिन पूरी राशि एक साथ न लगाएं।

तुलनात्मक अध्ययन: पिछले वर्षों का बाजार

पिछले साल अक्षय तृतीया पर सोने के दाम काफी ऊंचे थे। उस समय 24 कैरेट का भाव 1,60,000 रुपये के पार चला गया था। इस बार की गिरावट ने कई पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 2024 और 2025 में त्योहार से पहले तेजी देखी गई थी लेकिन 2026 में अंतरराष्ट्रीय कारकों ने बाजार को अलग दिशा दी।

यह बदलाव दिखाता है कि ग्लोबल इकोनॉमी कितनी जल्दी भारतीय बाजार को प्रभावित करती है। ज्वेलरी इंडस्ट्री के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाले दिनों में मांग बढ़ने से दाम स्थिर हो जाएंगे।

वैश्विक प्रभाव: अंतरराष्ट्रीय बाजार और भारत

दुनिया भर में सोने की कीमतें डॉलर, ब्याज दरों और भू-राजनीतिक घटनाओं पर निर्भर करती हैं। इस समय अमेरिका और ईरान के बीच सुलह की खबरों ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स को राहत दी। भारत सोने का बड़ा आयातक देश है इसलिए अंतरराष्ट्रीय भाव सीधे हमारी कीमतों को प्रभावित करते हैं।

रिजर्व बैंक की नीतियां भी सोने की मांग पर असर डालती हैं। जब रुपया मजबूत होता है तो आयात सस्ता पड़ता है। इस बार ठीक यही हुआ जिससे घरेलू बाजार में नरमी आई।

Gold Price on Akshaya Tritiya: खरीदारी का सबसे सही समय

कुल मिलाकर यह गिरावट खरीदारों के लिए वरदान साबित हो सकती है। अक्षय तृतीया का शुभ मुहूर्त आने वाला है और दाम अभी अनुकूल हैं। फिर भी अंतिम फैसला लेने से पहले अपने बजट, जरूरत और बाजार ट्रेंड को ध्यान में रखें। जिम्मेदारीपूर्ण निवेश से ही लंबे समय में फायदा होता है।

देशभर के ज्वेलर्स और बाजार इस समय खरीदारों का स्वागत कर रहे हैं। अगर आप भी अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने जा रहे हैं तो इस गिरावट का पूरा फायदा उठाएं लेकिन सोच-समझकर। बाजार हमेशा बदलता रहता है इसलिए अपडेट रहना जरूरी है।

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