Gold-Silver Price 23 May 2026: दिल्ली में 24K गोल्ड ₹1,59,800 और चांदी ₹2,82,000 प्रति किलो, निवेशकों की नजर वैश्विक बाजार पर
दिल्ली, मुंबई समेत कई शहरों में सोने-चांदी के भाव ऊंचे स्तर पर स्थिर बने रहे
Gold-Silver Price 23 May 2026: देशभर में सोने और चांदी की कीमतें लगभग स्थिर बनी हुई हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अमेरिकी डॉलर की मजबूती के बावजूद घरेलू बाजार में निवेशकों की सतर्कता बनी रही। दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 10 ग्राम के लिए ₹1,59,800 के स्तर पर पहुंच गई है, जबकि मुंबई में यह और भी महंगा है। चांदी की कीमत प्रति किलो ₹2,82,000 के आसपास है।
वैवाहिक मौसम और त्योहारों की तैयारी में गोल्ड की मांग बढ़ी हुई है, जिससे कीमतें ऊंचे स्तर पर टिकी हुई हैं। आइए जानते हैं आज के ताजा भाव, शहर-वार दरें, पिछले ट्रेंड और निवेश की सलाह।
Gold-Silver Price 23 May 2026: दिल्ली में गोल्ड-सिल्वर की स्थिति
दिल्ली में आज 24 कैरेट (999 शुद्ध) गोल्ड 10 ग्राम के लिए ₹1,59,800 पर है। 22 कैरेट गोल्ड ₹1,46,200 प्रति 10 ग्राम के आसपास बना हुआ है, जबकि चांदी की कीमत ₹2,82,000 प्रति किलो पर टिकी है। पिछले एक हफ्ते में गोल्ड में ₹1,200 प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
जेवराती बाजार में वर्तमान में खरीदारी काफी अच्छी चल रही है। एनसीआर (NCR) के अन्य प्रमुख शहरों जैसे नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद में भी कीमतें कूटनीतिक रूप से लगभग समान बनी हुई हैं।
मुंबई में सबसे महंगा गोल्ड
मुंबई में गोल्ड की कीमतें हमेशा की तरह अन्य शहरों से थोड़ी ऊंची ही रहती हैं। यहाँ 24K गोल्ड 10 ग्राम ₹1,60,500 के स्तर पर पहुंच गया है, वहीं 22K गोल्ड ₹1,46,900 प्रति 10 ग्राम पर बना हुआ है। इसके साथ ही चांदी ₹2,84,500 प्रति किलो पर पहुंच गई है।
महाराष्ट्र में उच्च स्थानीय टैक्स और मेकिंग चार्ज के कारण सोने-चांदी की कुल लागत काफी बढ़ जाती है। इसके बावजूद मुंबई के जेवराती बाजार में आज भी ग्राहकों द्वारा अच्छी खरीदारी देखी गई है।
कोलकाता, चेन्नई और अन्य शहरों के भाव
कोलकाता में 24K गोल्ड ₹1,59,400 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2,81,000 प्रति किलो पर कारोबार कर रही है। चेन्नई में गोल्ड का भाव ₹1,60,200 और चांदी का भाव ₹2,83,500 पर देखा गया है। बेंगलुरु में गोल्ड ₹1,59,900 और चांदी ₹2,82,800 प्रति किलो पर स्थिर बनी हुई है।
हैदराबाद और जयपुर में भी कीमती धातुओं की कीमतें कूटनीतिक रूप से ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं, जबकि लखनऊ में 24K गोल्ड ₹1,59,600 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का गहरा प्रभाव
वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड प्रति औंस 2,650 डॉलर के आसपास बना हुआ है और चांदी प्रति औंस 32.5 डॉलर के करीब है। मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव, अमेरिकी ब्याज दरों की अनिश्चितता और विभिन्न वैश्विक जोखिमों के कारण कीमती धातुओं की कीमतें लगातार ऊंची बनी हुई हैं।
भारत अपनी जरूरतों के लिए विदेशों पर निर्भर है, इसलिए रुपए की विनिमय दर भी घरेलू बाजार को प्रभावित कर रही है। एमसीएक्स (MCX) पर गोल्ड और सिल्वर फ्यूचर्स में आज हल्की बढ़त के साथ कूटनीतिक कारोबार देखा गया।
निवेशकों की रणनीति और बाजार का मूड
बाजार विशेषज्ञों और निवेशकों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता के दौर में गोल्ड अभी भी सबसे सुरक्षित निवेश का विकल्प बना हुआ है। शादी के सीजन में फिजिकल गोल्ड की मांग काफी तेजी से बढ़ी है, जबकि कई लोग सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड और गोल्ड ETF में भी निवेश करना पसंद कर रहे हैं।
चांदी की मांग सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स और विभिन्न औद्योगिक उपयोगों के कारण लगातार मजबूत बनी हुई है। विश्लेषकों का अनुमान है कि अगर वैश्विक परिस्थितियां ऐसी ही रहीं तो आने वाले दिनों में गोल्ड ₹1,65,000 प्रति 10 ग्राम तक भी जा सकता है।
Gold-Silver Price 23 May 2026: पिछले एक महीने का ट्रेंड
मई 2026 के शुरुआती दिनों में गोल्ड ₹1,53,000 प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा था। इसके बाद मध्य मई में अचानक एक तेज उछाल आया और अब यह ₹1,59,000 से ₹1,60,000 के बीच स्थिर बना हुआ है। इसी तरह चांदी में भी ₹15,000 से ₹20,000 प्रति किलो तक की कूटनीतिक बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है।
मौजूदा स्तर पर बाजार साइडवेज ट्रेडिंग कर रहा है और जून में मानसून के आगमन तथा आगामी बजट से पहले नए उतार-चढ़ाव की उम्मीद की जा रही है।
गोल्ड-सिल्वर खरीदने की कूटनीतिक सलाह
यदि आप इस समय सोने या चांदी की खरीदारी की योजना बना रहे हैं, तो हमेशा बीआईएस (BIS) हॉलमार्क वाले जेवर या सिक्के ही खरीदें। खरीदारी के दौरान मेकिंग चार्ज और 3 प्रतिशत जीएसटी का विशेष ध्यान रखें। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों बाजारों में कीमतों की अच्छी तरह तुलना कर लें। हमेशा लंबी अवधि को ध्यान में रखकर ही निवेश करें और डिजिटल माध्यमों में एसआईपी (SIP) जैसी आधुनिक कूटनीतिक सुविधाओं का पूरा फायदा उठाएं।
महिलाओं और युवा निवेशकों का बढ़ता रुझान
आजकल देश की महिलाएं और विशेष रूप से युवा निवेशक फिजिकल सोने के बजाय गोल्ड ETF, डिजिटल गोल्ड और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की ओर ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं। ये सभी कूटनीतिक विकल्प कम लागत वाले होते हैं और इन्हें बिना किसी सुरक्षा चिंता के आसानी से खरीदा जा सकता है। वैसे शादी-ब्याह के पारंपरिक सीजन के कारण इस समय 22K गोल्ड के पारंपरिक जेवरों की डिमांड बाजार में सबसे ज्यादा बनी हुई है।
आर्थिक कारक और भविष्य की संभावनाएं
देश की आंतरिक महंगाई, बैंकिंग ब्याज दरें और विभिन्न वैश्विक घटनाएं हमेशा गोल्ड-सिल्वर की घरेलू कीमतों को कूटनीतिक रूप से प्रभावित करती हैं। अगर डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया और कमजोर होता है तो कीमतें और ज्यादा बढ़ सकती हैं। हालांकि कमोडिटी विशेषज्ञों का मानना है कि साल 2026 के अंत तक गोल्ड अपने निवेशकों को काफी अच्छा रिटर्न दे सकता है, जबकि चांदी में भी बढ़ती औद्योगिक मांग के कारण लंबी तेजी की पूरी उम्मीद है।
टैक्स संरचना और अन्य अतिरिक्त खर्च
भारत में कानूनी रूप से गोल्ड की हर खरीद पर 3% का वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू होता है। इसके अलावा यदि आप अपना पुराना गोल्ड बेचते हैं तो उस पर नियमों के अनुसार कैपिटल गेन टैक्स भी देय होता है। इसलिए कोई भी बड़ी कूटनीतिक खरीदारी करने से पहले बाजार के इन सभी जरूरी वित्तीय पहलुओं को अच्छी तरह समझ लेना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।
निष्कर्ष
23 मई 2026 को गोल्ड और सिल्वर की कीमतें अपने उच्चतम स्तर के आसपास पूरी तरह स्थिर हैं। ऐसे में निवेशकों को मौजूदा बाजार स्तर पर थोड़ी कूटनीतिक सावधानी बरतनी चाहिए। लंबी अवधि के वित्तीय लक्ष्यों के लिए गोल्ड आज भी सबसे सुरक्षित और बेहतरीन विकल्प माना जाता है।
बाजार की अस्थिरता को ध्यान में रखते हुए अपने पोर्टफोलियो का विविविधीकरण करना बेहद जरूरी है। चाहे आप फिजिकल गोल्ड खरीद रहे हों या डिजिटल, सही समय पर सही फैसला लेना ही सफल निवेश की असली कुंजी है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में बाजार में स्थिरता बनी रहेगी और निवेशकों को अच्छा कूटनीतिक रिटर्न मिलेगा।
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