France Crime News: पूर्व प्रेमी ने पार की दरिंदगी की सारी हदें, महिला को 487 मर्दों को बेचा, फ्रांस की अदालत ने सुनाई 25 साल की सख्त सजा

France Crime News: महिला को बेचने वाले आरोपी को 25 साल जेल

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France Crime News: फ्रांस की एक अदालत ने घरेलू हिंसा और मानव तस्करी के एक बेहद चौंकाने वाले और रूह कपा देने वाले मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने अपनी ही पूर्व प्रेमिका को ब्लैकमेल कर वेश्यावृत्ति के दलदल में धकेलने और उसे करीब 487 से अधिक पुरुषों को बेचने के जुर्म में मुख्य आरोपी गुइलौम बकी (Guillaume Baky) को 25 साल की जेल की सजा सुनाई है। आज यानी 27 मई 2026 को इस सनसनीखेज मामले की अंतिम सुनवाई के दौरान जब पीड़िता ने अपने साथ हुई हैवानियत की दास्तां बयां की, तो कोर्ट रूम में मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं और लोग सन्न रह गए।

विदेशी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपी गुइलौम बकी पिछले काफी समय से अपनी पूर्व प्रेमिका की मजबूरी और लाचारी का फायदा उठाकर उसे डरा-धमका रहा था। वह पीड़िता को ‘डर्टी गेम्स’ और अमानवीय कृत्यों के लिए मजबूर करता था और विरोध करने पर उसे बेरहमी से प्रताड़ित करता था। अदालत ने आरोपी की सभी दलीलों को खारिज करते हुए उसे गंभीर घरेलू हिंसा, जबरन यौन उत्पीड़न और मानव तस्करी का दोषी पाया है।

France Crime News, ‘हर दिन मरने जैसा महसूस होता था’: कोर्ट में रो पड़ी पीड़िता

सुनवाई के दौरान पीड़िता ने बेहद हौसला दिखाते हुए जज के सामने अपनी आपबीती साझा की। उसने रोते हुए बताया कि आरोपी के चंगुल में फंसे रहने के दौरान उसे हर एक दिन ‘जीते जी मरने जैसा महसूस’ होता था। आरोपी ने उसके जीवन को पूरी तरह से नर्क बना दिया था और उसकी हर एक सांस पर पाबंदी लगा दी थी।

महिला ने अदालत को बताया कि उसका पूर्व प्रेमी गुइलौम बकी उसे लगातार ब्लैकमेल करता था। उसने महिला की सोशल और पर्सनल लाइफ को बर्बाद करने की धमकी देकर उसे एक-एक करके 487 से ज्यादा पुरुषों के सामने परोस दिया। इस घिनौने कृत्य और सौदेबाजी के बदले आरोपी उन पुरुषों से मोटी रकम वसूल करता था और खुद ऐश की जिंदगी जीता था, जबकि पीड़िता को सिर्फ दर्द और प्रताड़ना मिलती थी।

सिगरेट से जलाया, गला घोंटने की कोशिश की; आरोपी ने कबूली दरिंदगी

इस मामले की सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि सुनवाई के दौरान आरोपी गुइलौम बकी ने खुद कोर्ट के सामने अपनी इस क्रूरता और पशुता को स्वीकार कर लिया। उसने माना कि जब भी महिला वेश्यावृत्ति के इस काले धंधे का विरोध करती थी या पुरुषों के पास जाने से मना करती थी, तो वह उस पर बुरी तरह टूट पड़ता था।

आरोपी ने कबूल किया कि उसने कई बार पीड़िता का गला घोंटकर उसे जान से मारने का प्रयास किया था। इतना ही नहीं, वह गुस्से में जलती हुई सिगरेट और अन्य गर्म चीजों से महिला के शरीर को दाग देता था ताकि वह डर के मारे उसकी हर बात मानने लगे। उसने कोर्ट में माना कि उसने पीड़िता के साथ कई तरह के अमानवीय और पशुतापूर्ण कृत्यों को अंजाम दिया था, जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती।

‘शुरुआत में आपसी सहमति थी’: आरोपी ने खुद को बचाने के लिए दी दलील

जब कोर्ट में आरोपी के खिलाफ सारे सबूत पेश कर दिए गए और उसने अपने जुर्म भी कबूल कर लिए, तब उसने सजा से बचने के लिए एक नया पैंतरा आजमाने की कोशिश की। गुइलौम बकी ने अदालत के सामने दलील दी कि शुरुआत में उन दोनों के बीच के संबंध बेहद अच्छे और पूरी तरह से आपसी सहमति (Consensual) पर आधारित थे।

आरोपी ने कहा कि यह सब कुछ एक खेल की तरह शुरू हुआ था, लेकिन बाद में उसकी अपनी सनक और मानसिक स्थिति के कारण यह रिश्ता इस खतरनाक और हिंसक स्तर पर पहुंच गया। उसने कोर्ट से अपील की कि उनके पुराने संबंधों को ध्यान में रखते हुए उसकी सजा में थोड़ी नरमी बरती जाए।

France Crime News: अदालत ने आरोपी की ‘सहमति वाली दलील’ को सिरे से नकारा

फ्रांस की अदालत ने आरोपी गुइलौम बकी की इस आपसी सहमति वाली दलील को पूरी तरह से सिरे से खारिज और अमान्य कर दिया। माननीय जज ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि कोई भी सभ्य समाज या कानून इस तरह की दरिंदगी को ‘आपसी सहमति’ का नाम नहीं दे सकता। यह पूरी तरह से एक सोची-समझी साजिश और घिनौना अपराध है।

अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि यह मामला किसी आपसी विवाद या सहमति के रिश्ते का नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित मानव तस्करी, गंभीर घरेलू हिंसा और किसी महिला की मर्जी के खिलाफ जबरन किया गया यौन उत्पीड़न है। कोर्ट ने माना कि आरोपी ने महिला को गहरी शारीरिक चोटें पहुंचाने के साथ-साथ उसे ऐसी मानसिक चोट पहुंचाई है, जिससे उबरने में उसे पूरी जिंदगी लग जाएगी।

France Crime News: 25 साल की कैद का ऐतिहासिक फैसला

मामले की गंभीरता, आरोपी की अत्यधिक क्रूरता और पीड़िता की दर्दनाक स्थिति को देखते हुए अदालत ने गुइलौम बकी को सख्त से सख्त सजा देने का मन बनाया। कोर्ट ने उसे दोषी करार देते हुए 25 साल की कड़ी कैद की सजा सुना दी। इस फैसले का वहां मौजूद मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और महिला संगठनों ने स्वागत किया है।

इस फैसले के बाद फ्रांस और दुनिया भर के डिजिटल मीडिया पर इस मामले को लेकर बहस छिड़ गई है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला उन सभी अपराधियों के लिए एक कड़ा संदेश है जो घरेलू संबंधों की आड़ में महिलाओं पर अत्याचार करते हैं और उन्हें अपनी जागीर समझते हैं। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि महिलाओं के अधिकारों और उनकी सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वालों को कानून कभी नहीं बख्शेगा।

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