FBI Hamas Crypto Network:FBI का हमास के क्रिप्टो नेटवर्क पर बड़ा प्रहार, $5.60 लाख की डिजिटल करेंसी जब्त

FBI ने हमास से जुड़े क्रिप्टो वॉलेट और ऑनलाइन नेटवर्क पर कार्रवाई कर डिजिटल संपत्ति जब्त की

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FBI Hamas Crypto Network: वैश्विक आतंकवाद के वित्तपोषण (टेरर फंडिंग) के खिलाफ अमेरिकी जांच एजेंसियों ने अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक तकनीकी कार्रवाई को अंजाम दिया है। अमेरिका की शीर्ष संघीय जांच एजेंसी ‘फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन’ (FBI) ने फिलिस्तीनी चरमपंथी संगठन हमास के अंतरराष्ट्रीय क्रिप्टो फंडिंग और ऑनलाइन भर्ती नेटवर्क की रीढ़ तोड़ते हुए 5.60 लाख अमेरिकी डॉलर (लगभग 4.70 करोड़ रुपये से अधिक) मूल्य की क्रिप्टोकरेंसी जब्त कर ली है।

अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने वाशिंगटन में इस गुप्त और बहुस्तरीय ऑपरेशन का आधिकारिक खुलासा करते हुए बताया कि हमास द्वारा संचालित कई अवैध वेबसाइट डोमेन, एन्क्रिप्टेड संचार प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया चैनलों पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित कर लिया गया है। इस ऐतिहासिक जब्ती के साथ ही जांच एजेंसियों ने हमास को चंदा देने और वित्तीय मदद पहुंचाने के इच्छुक हजारों संभावित वैश्विक समर्थकों का संवेदनशील डिजिटल डेटा भी अपने कब्जे में ले लिया है, जिससे कई देशों में फैले इसके स्लीपर सेल्स की पहचान शुरू हो गई है।

FBI Hamas Crypto Network: हमास के क्रिप्टो वॉलेट्स जब्त, अमेरिकी अटॉर्नी की खुली चेतावनी

अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी आधिकारिक अदालती दस्तावेजों के अनुसार, एफबीआई के साइबर और वित्तीय अपराध प्रभाग ने हमास के सैन्य विंग ‘इज़्ज़ अद-दीन अल-कासम ब्रिगेड’ (al-Qassam Brigades) से सीधे जुड़े कई प्रमुख कोल्ड और हॉट क्रिप्टो वॉलेट्स को तकनीकी रूप से फ्रीज कर उनकी संपत्ति जब्त की है। जब्त की गई डिजिटल परिसंपत्तियों में बिटकॉइन, टीथर (USDT) और अन्य प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी शामिल हैं।

डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया की अमेरिकी अटॉर्नी जीनिन पिरो ने इस ऑपरेशन के बाद एक सख्त वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा कि आतंकी संगठनों के लिए यह एक स्पष्ट और अंतिम चेतावनी है। उन्होंने कहा कि हमास का कोई भी डिजिटल नेटवर्क अब सुरक्षित नहीं है, उनकी क्रिप्टोकरेंसी असुरक्षित है और अमेरिकी कानून प्रवर्तन तंत्र तब तक चैन से नहीं बैठेगा जब तक आतंकी हिंसा को खाद-पानी देने वाले वित्तीय ढांचे को जड़ से समाप्त नहीं कर दिया जाता।

पारंपरिक बैंकिंग से बचकर 2019 से क्रिप्टो फंडिंग का खेल

एफबीआई के विशेष एजेंटों द्वारा अदालत में दाखिल किए गए हलफनामों से यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि हमास ने पारंपरिक अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग प्रतिबंधों और एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग (AML) नियमों को चकमा देने के लिए वर्ष 2019 की शुरुआत से ही डिजिटल करेंसी का इस्तेमाल शुरू कर दिया था। अल-कासम ब्रिगेड ने सार्वजनिक रूप से दावा किया था कि ब्लॉकचेन तकनीक के जरिए किए जाने वाले वित्तीय लेन-देन पूरी तरह से ‘अनट्रेसेबल’ (अदृश्य) होते हैं और उन्हें दुनिया की कोई भी खुफिया एजेंसी पकड़ नहीं सकती।

संगठन ने टेलीग्राम, एक्स (पूर्व में ट्विटर) और डार्क वेब पर विशेष भर्ती और दान चैनल स्थापित किए थे। इन पोर्टल्स पर दानदाताओं को यह सिखाया जाता था कि वे अपनी डिजिटल पहचान और आईपी एड्रेस को छिपाकर कैसे निजी वॉलेट्स के जरिए हमास को वित्तीय अंशदान भेज सकते हैं। संगठन प्रत्येक नए दानदाता के लिए एक नया डायनामिक क्रिप्टो एड्रेस जनरेट करता था, ताकि लेन-देन की कड़ियों को एक साथ जोड़ने में जांच एजेंसियां भ्रमित हो जाएं।

गोपनीय सूत्र की सटीक सूचना और एफबीआई का साइबर ऑपरेशन

हमास के इस जटिल डिजिटल सिंडिकेट को बेनकाब करने में अमेरिका में मौजूद एक गोपनीय सूत्र (Confidential Human Source) की गुप्त सूचना ने टर्निंग पॉइंट का काम किया। सूत्र ने जांच अधिकारियों को एक प्रतिबंधित टेलीग्राम समूह में पोस्ट किए गए गुप्त ईमेल और उससे जुड़े क्रिप्टो पते का स्क्रीनशॉट व मेटाडेटा उपलब्ध कराया था।

इसके बाद एफबीआई के साइबर डिवीजन ने अत्याधुनिक फॉरेंसिक ब्लॉकचेन एनालिटिक्स टूल्स, क्लस्टरिंग एल्गोरिदम और नोड ट्रैकिंग तकनीक का इस्तेमाल कर संदिग्ध वॉलेट्स के लेन-देन के पूरे नेटवर्क का डिजिटल मानचित्र तैयार किया। एफबीआई के साइबर डिवीजन के प्रभारी सहायक निदेशक ब्रेट लीथरमैन ने बताया कि जांचकर्ताओं ने हमास के उस प्रचार को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया जिसमें क्रिप्टोकरेंसी को कानून की पहुंच से बाहर बताया जाता था। ब्यूरो ने यह साबित कर दिया है कि डिजिटल दुनिया में आतंक का कोई भी सुरक्षित ठिकाना नहीं हो सकता।

हजारों संभावित दानदाताओं का डेटा जब्त, अंतरराष्ट्रीय जांच तेज

इस ऑपरेशन की सबसे बड़ी रणनीतिक उपलब्धि यह रही कि जांच एजेंसियों ने हमास द्वारा फंड जुटाने और युवाओं को कट्टरपंथी बनाकर अपनी सेना में भर्ती करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे मुख्य वेबसाइट डोमेन्स को अपने कब्जे में ले लिया है। इन वेबसाइट्स के सर्वर और डेटाबेस से एफबीआई को उन हजारों अंतरराष्ट्रीय उपयोगकर्ताओं के आईपी पते, ईमेल आईडी, क्रिप्टोकरेंसी ट्रांसफर हिस्ट्री और निजी संदेश प्राप्त हुए हैं, जिन्होंने हमास को वित्तीय मदद देने की कोशिश की थी।

यह जब्त डिजिटल डेटा अब ‘फाइव आइज’ (Five Eyes) गठबंधन और इंटरपोल सहित यूरोपीय व मध्य पूर्वी मित्र देशों की खुफिया एजेंसियों के साथ साझा किया जा रहा है। जांचकर्ताओं का मानना है कि इस डेटा के विश्लेषण से हमास के लिए वैश्विक स्तर पर फंड जुटाने वाले कई चैरिटी ट्रस्टों, मुखौटा कंपनियों और भूमिगत मनी ट्रांसफर नेटवर्क की परतें खुलेंगी, जिससे आने वाले दिनों में कई देशों में समन्वित गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

क्रिप्टोकरेंसी की तथाकथित ‘गुमनामी’ का मिथक टूटा

यह सफल अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई इस व्यापक भ्रम को हमेशा के लिए तोड़ती है कि ब्लॉकचेन लेजर पर होने वाले वित्तीय लेन-देन पूरी तरह से गुमनाम और ट्रेस न किए जाने योग्य होते हैं। यद्यपि ब्लॉकचेन उपयोगकर्ताओं को छद्म नाम (Pseudonymous) प्रदान करती है, किंतु सार्वजनिक लेजर पर दर्ज प्रत्येक ट्रांजैक्शन हैश स्थायी और पारदर्शी होता है।

आधुनिक साइबर फॉरेंसिक तकनीक के माध्यम से कानून प्रवर्तन एजेंसियां अब क्रिप्टो एक्सचेंजों के ‘नो योर कस्टमर’ (KYC) डेटा, आईपी लॉग्स और ऑफ-रैंप पॉइंट (जहां क्रिप्टो को वास्तविक नकदी में बदला जाता है) को आपस में जोड़कर वास्तविक लाभार्थियों की पहचान करने में पूरी तरह सक्षम हैं।

FBI Hamas Crypto Network: आतंकी वित्तपोषण की कमर टूटी, मध्य पूर्व के हालात पर असर

गाजा और मध्य पूर्व में चल रहे मौजूदा भू-राजनीतिक संघर्ष के बीच यह जब्ती हमास की सैन्य आपूर्ति श्रृंखला और आंतरिक वेतन वितरण तंत्र के लिए एक विनाशकारी आघात मानी जा रही है। जब पारंपरिक सीमा पार मनी लॉन्ड्रिंग और हुंडी नेटवर्क पर कड़ा शिकंजा कसा जा चुका है, तब क्रिप्टो चैनल ही हमास के लिए हथियारों की खरीद और ड्रोन कलपुर्जों के आयात का प्राथमिक वित्तीय साधन बना हुआ था।

अमेरिकी न्याय विभाग ने स्पष्ट किया है कि जब्त की गई 5.60 लाख डॉलर की इस राशि को ‘स्टेट स्पॉन्सर्ड टेररिज्म फंड’ में हस्तांतरित करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिसका उपयोग आतंकवाद के पीड़ितों को राहत और मुआवजा प्रदान करने में किया जाएगा। यह कार्रवाई दुनिया भर के वित्तीय तंत्र को यह संदेश देती है कि डिजिटल नवाचार का उपयोग आतंकी उद्देश्यों के लिए किए जाने पर वैश्विक कानून का शिकंजा पहले से कहीं अधिक कठोर और अचूक साबित होगा।

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