Aamir Khan Third Marriage: तीसरी शादी पर फतवा, गौरी स्प्रैट संग निकाह को ‘हराम’ बताया, लव जिहाद का आरोप, बोले मुफ्ती

गौरी स्प्रैट संग शादी पर मुफ्ती का विरोध, निकाह को हराम बताया, लव जिहाद का आरोप

0

Aamir Khan Third Marriage: बॉलीवुड सुपरस्टार आमिर खान एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। 5 जुलाई 2026 को गौरी स्प्रैट से की गई उनकी तीसरी शादी पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के शाही चीफ मुफ्ती मौलाना इब्राहिम हुसैन ने फतवा जारी कर दिया है। फतवे में इस निकाह को शरिया के खिलाफ बताया गया है और इसे ‘हराम’ करार दिया गया है। आमिर को लव जिहाद का ब्रांड एंबेसडर बताते हुए आलोचना की जा रही है। इस विवाद ने बॉलीवुड और समाज में एक नई बहस छेड़ दी है।

शाही मुफ्ती द्वारा जारी फतवे में क्या कहा गया और शरिया कानून की दलीलें

मौलाना इब्राहिम हुसैन ने आधिकारिक रूप से बयान जारी करते हुए कहा कि मुस्लिम पुरुष के लिए किसी गैर-मुस्लिम महिला से शादी करना धार्मिक नियमों के तहत पूरी तरह हराम है। उन्होंने दावा किया कि आमिर खान की गौरी स्प्रैट से यह नई शादी इस्लामिक कानून के खिलाफ है क्योंकि गौरी मुस्लिम समुदाय से नहीं आती हैं। मुफ्ती ने अपने जारी वीडियो संदेश में आमिर खान की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि एक सार्वजनिक हस्ती के लिए बार-बार शादी करना, तलाक लेना और फिर नई शादी करना सामाजिक रूप से भी सही नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर पारिवारिक जिम्मेदारियां सही तरीके से नहीं निभाई जा सकतीं तो किसी को भी दूसरी या तीसरी शादी के फैसले से पूरी तरह बचना चाहिए।

आमिर खान की शादियों की पूरी कहानी, रीना दत्ता से लेकर किरण राव तक का सफर

आमिर खान की वैवाहिक यात्रा पर नजर डालें तो उन्होंने अपनी पहली शादी साल 1986 में रीना दत्ता से की थी, जिससे उनके दो बच्चे जुनैद और इरा हुए, लेकिन साल 2002 में इन दोनों का आधिकारिक तौर पर तलाक हो गया था। इसके बाद उनकी दूसरी शादी किरण राव के साथ हुई, जिनसे उनकी मुलाकात ब्लॉकबस्टर फिल्म लगान के सेट पर हुई थी। साल 2011 में सरोगेसी के जरिए उनके बेटे आजाद राव खान का जन्म हुआ, परंतु साल 2021 में आमिर और किरण ने आपसी सहमति से एक-दूसरे से अलग होने की सार्वजनिक घोषणा कर दी थी।

5 जुलाई 2026 को बेंगलुरु की बिजनेसवुमन गौरी स्प्रैट के साथ स्पेशल मैरिज एक्ट

हाल ही में 5 जुलाई 2026 को आमिर खान ने बेंगलुरु की जानी-मानी बिजनेसवुमन गौरी स्प्रैट के साथ स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत एक निजी समारोह में शादी रचाई है। गौरी स्प्रैट की बात करें तो उनका अपनी पिछली शादी से एक बेटा भी है। इस शादी के सार्वजनिक होते ही सोशल मीडिया पर आमिर खान के खिलाफ लव जिहाद के गंभीर आरोप लगाए जाने लगे और कई हलकों से उनकी इन तीन शादियों के फैसले को लेकर तीखे सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

आमिर खान की निजी जिंदगी, बॉलीवुड पर असर और बंटा हुआ फैनबेस

बॉलीवुड में आमिर खान की छवि हमेशा से एक बेहद गंभीर और मिस्टर परफेक्ट अभिनेता की रही है, लेकिन उनकी पर्सनल लाइफ से जुड़े ये बार-बार होने वाले विवाद उनकी सार्वजनिक छवि को बड़े पैमाने पर प्रभावित करते हैं। इस ताज़ा फतवे और विवाद के बाद उनके प्रशंसक पूरी तरह से दो पक्षों में बंट चुके हैं, जहाँ एक धड़ा उनकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता का पुरजोर समर्थन कर रहा है, वहीं दूसरा धड़ा उनके इस कदम की लगातार आलोचना करने में जुटा है।

भारतीय कानून बनाम धार्मिक राय और स्पेशल मैरिज एक्ट का कानूनी पहलू

इस पूरे मामले का कानूनी और सामाजिक पहलू यह है कि भारत का संविधान हर नागरिक को अपनी मर्जी से जीवनसाथी चुनने का अधिकार देता है और स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत कोई भी दो वयस्क व्यक्ति कानूनी तौर पर विवाह बंधन में बंध सकते हैं। इस लिहाज से कोई भी फतवा केवल एक धार्मिक राय या सलाह हो सकता है, लेकिन वह देश की अदालत या कानून के समक्ष किसी भी प्रकार की कानूनी बाध्यता नहीं रखता है। देश की सर्वोच्च अदालत और विभिन्न उच्च न्यायालयों ने भी पूर्व में ऐसे कई मामलों की सुनवाई के दौरान व्यक्तिगत स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों पर हमेशा विशेष जोर दिया है।

Aamir Khan Third Marriage: विवाद पर आमिर खान का आधिकारिक बयान और अंतरधार्मिक शादियों पर बहस

इस बढ़ते विवाद के बीच आमिर खान ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इस शादी को अपना पूरी तरह से निजी मामला बताया है। उन्होंने कहा कि वे दोनों इस नए रिश्ते से बेहद खुश हैं और उन्हें अपने पूरे परिवार का पूरा नैतिक समर्थन हासिल है। हालांकि इस पूरी घटना ने एक बार फिर देश में अंतरधार्मिक शादियों, पर्सनल लॉ की सीमाओं और सेकुलरिज्म की मूल अवधारणा पर एक नई सामाजिक बहस को जन्म दे दिया है, जहाँ कुछ लोग व्यक्तिगत और धार्मिक स्वतंत्रता की बात कर रहे हैं तो कुछ पारंपरिक सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा की दलीलें दे रहे हैं।

निष्कर्ष: आमिर खान की तीसरी शादी (Aamir Khan Third Marriage) पर जारी किया गया यह फतवा पूरी तरह से विवादास्पद रूप ले चुका है। आधुनिक समाज में जहाँ हर वयस्क नागरिक को अपनी व्यक्तिगत पसंद का पूरा कानूनी अधिकार है, वहीं सामाजिक ताने-बाने में धार्मिक संवेदनशीलता भी एक अहम स्थान रखती है। यह पूरा मामला अंततः देश में निजी स्वतंत्रता और विभिन्न धार्मिक मान्यताओं के बीच एक सही संतुलन बनाने की आवश्यकता की याद दिलाता है।

Read More Here

Shani Vakri 2026: मेष, कर्क समेत इन पांच राशियों पर पड़ सकता है असर, करियर-बिजनेस और निवेश में रखें सावधानी

Aaj Ka Mausam 15 July 2026: मानसून की रफ्तार धीमी, उत्तर भारत में गर्मी और नमी का सितम, दक्षिण में बारिश की उम्मीद

Mahabharat Facts: आखिर श्रीकृष्ण ने ही क्यों चुना था अर्जुन का सारथी बनना?

Parenting Tips: 5 साल से छोटे बच्चों में जरूर डालें ये 5 अच्छी आदतें, उज्जवल भविष्य का बनेगा आधार

आपको यह भी पसंद आ सकता है
Leave A Reply

Your email address will not be published.