दिल्ली एमसीडी चुनाव 2026: महापौर पद के लिए आज वोटिंग, भाजपा के प्रवेश वाही की जीत लगभग निश्चित, आप ने किया बहिष्कार, जानें सदन का पूरा समीकरण।
273 सदस्यीय निर्वाचक मंडल में भाजपा का दबदबा; स्वाति मालीवाल के पाला बदलने से आप को लगा बड़ा झटका।
Delhi MCD election 2026: दिल्ली की सबसे बड़ी नागरिक संस्था में सत्ता का नया अध्याय आज लिखा जाएगा। दिल्ली नगर निगम के महापौर पद की कुर्सी के लिए आज निर्णायक मतदान होगा और सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि राजधानी के इस सबसे बड़े पद पर कौन काबिज होता है। दिल्ली नगर निगम के महापौर पद के लिए निर्वाचक मंडल में कुल 273 मत शामिल हैं। इनमें 249 निर्वाचित पार्षद, दिल्ली विधानसभा द्वारा नामित 14 विधायक, सात लोकसभा सांसद और राष्ट्रीय राजधानी के तीन राज्यसभा सदस्य शामिल हैं। जीत के लिए किसी भी उम्मीदवार को कम से कम 137 मतों की आवश्यकता होती है। आज महापौर और उप महापौर के साथ-साथ स्थायी समिति की तीन रिक्त सीटों के लिए भी मतदान होगा।
भाजपा ने इस चुनाव के लिए रोहिणी पूर्व वार्ड से तीन बार के अनुभवी पार्षद प्रवेश वाही को अपना महापौर उम्मीदवार घोषित किया है। प्रवेश वाही का नगरपालिका राजनीति में लंबा और अनुभव संपन्न सफर रहा है। नगरपालिका मामलों के जानकारों के अनुसार तीन बार के पार्षद के रूप में प्रवेश वाही की पहचान एक जमीनी नेता के रूप में है जो स्थानीय मुद्दों को गहराई से समझते हैं। उनके चुनाव का भाजपा का निर्णय पार्टी की संगठनात्मक ताकत और दिल्ली में मजबूत होती पकड़ का प्रतीक माना जा रहा है। वहीं दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट किया है कि उसके पास इस समय उतना संख्याबल नहीं है जिससे उसका उम्मीदवार महापौर पद जीत सके, इसी कारण पार्टी ने महापौर चुनाव से खुद को अलग रखने का फैसला किया।
Delhi MCD election 2026: निर्वाचक मंडल का गणित और भाजपा की स्थिति
वर्तमान में आम आदमी पार्टी के पास 273 सदस्यीय निर्वाचक मंडल में केवल 105 मत हैं जिनमें 100 पार्षद, तीन विधायक और दो राज्यसभा सदस्य शामिल हैं। 137 मतों के बहुमत के आंकड़े से काफी पीछे रहने के कारण पार्टी ने रणनीतिक रूप से चुनाव मैदान से बाहर रहने का निर्णय लिया। इसके विपरीत भाजपा के पास फिलहाल निर्वाचक मंडल में 143 मतों की बढ़त है। इनमें 123 पार्षद, सात लोकसभा सांसद, दो राज्यसभा सदस्य और 11 विधायकों के मत शामिल हैं। हाल ही में आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल द्वारा पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थाम लेने और आप के अन्य सांसदों के दल-बदल ने निर्वाचक मंडल में भाजपा की स्थिति को और अधिक सुदृढ़ कर दिया है।
कांग्रेस ने इस चुनाव में हाजी जरीफ को अपना महापौर उम्मीदवार नामांकित किया है। हालांकि कांग्रेस के पास निर्वाचक मंडल में सीमित संख्याबल है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इस चुनाव में कांग्रेस की उपस्थिति प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह तीनों दलों के बीच बदलते राजनीतिक समीकरणों को दर्शाती है। फिर भी संख्याबल की दृष्टि से भाजपा की स्थिति किसी भी प्रतिस्पर्धा से कहीं आगे है। दिल्ली नगर निगम देश की सबसे बड़ी नागरिक संस्थाओं में से एक है जो करोड़ों निवासियों की बुनियादी सुविधाओं जैसे सफाई, सड़क, पार्क और स्थानीय बाजार व्यवस्था की देखरेख करती है और महापौर इस संस्था का सर्वोच्च निर्वाचित प्रतिनिधि होता है।
Delhi MCD election 2026: राजनीतिक संदेश और भविष्य की राह
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में भाजपा ने शानदार जीत दर्ज की थी। अब एमसीडी के महापौर पद पर भी कब्जे से भाजपा राजधानी में विधायी और नागरिक दोनों मोर्चों पर मजबूत होगी। राजनीतिक विशेषज्ञों की राय में यह चुनाव दिल्ली में आप की घटती राजनीतिक ताकत और भाजपा के बढ़ते प्रभाव का स्पष्ट संकेत है। नगरपालिका शासन के जानकारों का कहना है कि महापौर पद की ताकत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों की दिशा तय करता है और नागरिकों की दैनिक समस्याओं के समाधान में केंद्रीय भूमिका निभाता है। प्रवेश वाही के महापौर बनने के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि राजधानी के नागरिक मुद्दों पर भाजपा की नई नगरपालिका सरकार किस दिशा में काम करती है।
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