बंगाल चुनाव 2026: अंतिम चरण की 142 सीटों पर वोटिंग जारी, भवानीपुर में ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी के बीच कांटे की टक्कर, सुरक्षा के लिए 2343 कंपनियां तैनात।
7 जिलों में लोकतंत्र का उत्सव; 4 मई को घोषित होंगे निर्णायक नतीजे।
Bengal elections 2026: पश्चिम बंगाल की राजनीति का भविष्य तय करने वाला निर्णायक दिन आ गया है। आज दूसरे और अंतिम चरण में मतदाताओं ने सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें लगाकर अपनी भागीदारी का जोरदार संदेश दे दिया। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 7 जिलों की कुल 142 सीटों पर आज मतदान हो रहा है। इन सीटों पर 3 करोड़ 22 लाख से अधिक मतदाता 1448 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। इन 142 सीटों में कोलकाता, औद्योगिक क्षेत्र और दक्षिण बंगाल के घनी आबादी वाले इलाके शामिल हैं। सुबह 7 बजे से शुरू हुआ मतदान शाम 6 बजे तक चलेगा।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, सुबह 9 बजे तक पश्चिम बंगाल में 18.39 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। पहले चरण की तरह ही इस बार भी मतदान केंद्रों पर भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। पूर्व बर्धमान के गलसी और भांगर जैसे क्षेत्रों में सुबह से ही पुरुष, महिला और युवा मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गई। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यदि यही रफ्तार बनी रही तो पहले चरण का 93 प्रतिशत वोटिंग का रिकॉर्ड भी टूट सकता है।
भवानीपुर: इस चुनाव की सबसे ‘हॉट’ सीट
इस पूरे चुनाव में सबकी नजर भवानीपुर विधानसभा सीट पर टिकी है। यहां से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्वयं मैदान में हैं और उनके सामने भाजपा ने कद्दावर नेता सुवेंदु अधिकारी को उतारा है। ममता बनर्जी के लिए यह सीट उनकी राजनीतिक प्रतिष्ठा और सत्ता की निरंतरता का प्रश्न है। वहीं भाजपा के लिए इस किले को ध्वस्त करना बंगाल की सबसे शक्तिशाली नेता को सबसे बड़ी हार देने के समान होगा। भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने मतदान से पहले ही दावा किया कि इस बार भाजपा बड़ी बहुमत के साथ सत्ता में आएगी।
Bengal elections 2026: ऐतिहासिक संदर्भ और राजनीतिक समीकरण
2021 के विधानसभा चुनाव में इन्हीं 142 सीटों पर तृणमूल कांग्रेस ने 123 सीटें जीती थीं जबकि भाजपा केवल 18 सीटें ही हासिल कर सकी थी। इस इतिहास को देखते हुए टीएमसी यहां मजबूत स्थिति में है। टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने नादिया में अपना मत डालने के बाद कहा कि इस बार भी पश्चिम बंगाल में टीएमसी की सरकार बनेगी। वहीं टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने भाजपा के क्लीन स्वीप के दावों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी के ट्रैक रिकॉर्ड को देखें तो उनकी हर भविष्यवाणी उल्टी साबित हुई है।
चुनाव आयोग ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। पूरे मतदान क्षेत्र में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 2343 कंपनियां तैनात की गई हैं। इसके अलावा पर्यवेक्षक भी नियुक्त किए गए हैं। कोलकाता में सबसे अधिक केंद्रीय बलों की 274 कंपनियां तैनात हैं और निगरानी ड्रोन व सीसीटीवी कैमरों के जरिए की जा रही है। मतदान के साथ ही कुछ स्थानों से हिंसा की खबरें भी आई हैं; नदिया जिले में भाजपा के एक पोलिंग एजेंट पर हमला हुआ और हावड़ा के बाली बूथ पर ईवीएम में तकनीकी खराबी के बाद हंगामा देखा गया।
Bengal elections 2026: दिग्गज नेताओं की साख दांव पर
दूसरे चरण में कई कद्दावर चेहरों की किस्मत का फैसला होना है। भवानीपुर में ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी के अलावा ममता कैबिनेट के आठ मंत्री भी मैदान में हैं। नोआपाड़ा से भाजपा के अर्जुन सिंह, फाल्ता सीट से टीएमसी के जहांगीर खान, वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी, फिरहाद हकीम, चंद्रिमा भट्टाचार्य और स्वपन दासगुप्ता जैसे कई परिचित चेहरों की किस्मत आज ईवीएम में बंद होगी। चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित होंगे।
निष्कर्ष के रूप में, पश्चिम बंगाल का यह चुनाव महज सीटों की जीत हार नहीं है, यह बंगाल की राजनीतिक दिशा का निर्धारण करने वाला ऐतिहासिक क्षण है। भवानीपुर की लड़ाई से लेकर दक्षिण बंगाल के हर बूथ तक, मतदाता तय करेंगे कि ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस अपना गढ़ बचा पाती है या भाजपा नई पारी की शुरुआत करती है। 4 मई को आने वाले परिणाम न केवल बंगाल बल्कि राष्ट्रीय राजनीति की भी दिशा तय करेंगे।
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