CJP Protest: राकेश टिकैत ने 10 अक्टूबर के जंतर-मंतर प्रदर्शन को दिया समर्थन, किसानों से दिल्ली पहुंचने की अपील

किसानों से 10 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचने की अपील, चुनाव आयोग के मुद्दे पर आंदोलन तेज

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CJP Protest: नई दिल्ली में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर जारी राजनीतिक घमासान में अब किसान संगठनों की भी सीधी एंट्री हो गई है। भारतीय किसान यूनियन (BKU) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर आयोजित होने वाले सीजेपी (CJP) के बड़े प्रदर्शन को अपना खुला समर्थन देने की घोषणा की है। विपक्षी गठबंधन द्वारा संसद से लेकर सड़क तक किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच किसान नेताओं के इस समर्थन ने आंदोलन को व्यापक सामाजिक और राजनीतिक मंच पर ला खड़ा किया है।

CJP Protest: 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर बड़े शक्ति प्रदर्शन की तैयारी

सीजेपी ने चुनावी प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता लाने और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 10 अक्टूबर को राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर व्यापक धरने का आह्वान किया है। आयोजकों का स्पष्ट कहना है कि यह आंदोलन केवल किसी एक प्रशासनिक पद तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वतंत्र चुनाव प्रणाली, मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (SIR) में पारदर्शिता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता को बचाने की व्यापक लड़ाई है। किसान संगठनों के साथ-साथ कई प्रमुख छात्र और युवा संगठन भी इस प्रदर्शन को देशव्यापी आंदोलन का रूप देने के लिए लामबंद हो रहे हैं।

भारतीय किसान यूनियन की किसानों से दिल्ली कूच करने की अपील

राकेश टिकैत के रुख के अनुरूप भारतीय किसान यूनियन के उत्तर प्रदेश युवा प्रदेश अध्यक्ष अनुज सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से किसानों और कार्यकर्ताओं को एकजुट होने का संदेश जारी किया है। उन्होंने अपने सार्वजनिक संदेश में किसानों से आग्रह किया कि वे 10 अक्टूबर को अधिक से अधिक संख्या में दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचें और लोकतंत्र व मताधिकार की रक्षा के इस संघर्ष में मजबूती से अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं। अनुज सिंह ने दिल्ली पुलिस और स्थानीय प्रशासन से भी संयम बरतने और आंदोलनकारी नागरिकों के साथ टकराव का रुख न अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मतदान का अधिकार देश के हर नागरिक का संवैधानिक हक है और चुनावी निष्पक्षता पर उठने वाले सवालों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

सीजेपी ने जताया आभार, किसान-छात्र एकजुटता पर जोर

बीकेयू के आधिकारिक समर्थन के बाद सीजेपी नेतृत्व ने राकेश टिकैत और किसान यूनियन का आभार व्यक्त किया है। संगठन का मानना है कि अन्नदाताओं का साथ मिलने से आंदोलन को जमीनी मजबूती मिलेगी। उल्लेखनीय है कि इससे पहले जुलाई के महीने में भी राकेश टिकैत और सीजेपी के शीर्ष प्रतिनिधियों के बीच दिल्ली में एक समन्वय बैठक हो चुकी थी, जिसमें किसानों, युवाओं और छात्रों से जुड़े साझा मुद्दों पर लंबी चर्चा की गई थी। उस बैठक में तय की गई रणनीति अब जमीनी स्तर पर असर दिखाती नजर आ रही है, जहां विभिन्न सामाजिक तबकों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है।

दिल्ली पुलिस की अनुमति से इनकार और सुरक्षा व्यवस्था की चुनौती

इस प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस और आंदोलनकारी संगठनों के बीच टकराव की स्थिति बनने की आशंका है। रिपोर्टों के अनुसार दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कारणों और पूर्व अनुमति के अभाव का हवाला देते हुए 10 अक्टूबर के प्रदर्शन को आधिकारिक मंजूरी देने से इनकार कर दिया है। इसके विपरीत, सीजेपी और किसान नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा है कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना नागरिकों का बुनियादी लोकतांत्रिक अधिकार है और वे तय समय पर जंतर-मंतर पर एकत्र होने के अपने निर्णय पर अडिग रहेंगे। इस स्थिति को देखते हुए दिल्ली की सीमाओं और लुटियंस जोन में अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त तैनाती और कड़ी बैरिकेडिंग की संभावना बढ़ गई है।

CJP Protest: चुनाव आयोग के मुद्दे पर बढ़ता राजनीतिक और सामाजिक दबाव

विपक्षी दलों द्वारा पिछले दो दिनों से दिल्ली में दिए जा रहे धरनों और नेताओं की लगातार हिरासत के बाद, किसान संगठनों का इस मुद्दे से जुड़ना सरकार और चुनाव आयोग दोनों के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है। 10 अक्टूबर का यह प्रस्तावित प्रदर्शन किस तरह आकार लेता है और प्रशासन इसे रोकने के लिए क्या कदम उठाता है, इस पर पूरे देश की राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि चुनावी व्यवस्था में सुधार को लेकर शुरू हुआ यह विवाद संसद से सड़कों तक कितना व्यापक रूप धारण करता है।

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