CBSE 12वीं रिजल्ट 2026 में देरी: OSM सिस्टम की तकनीकी समस्या, 15 से 20 मई के बीच आने की संभावना, मैन्युअल चेकिंग जारी

OSM सिस्टम में गड़बड़ी से मैन्युअल मूल्यांकन, APAAR ID नहीं तो भी डिजिलॉकर से देख सकेंगे रिजल्ट

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CBSE 12th Result Delay: केंद्रीय माध्यमिक सेवा बोर्ड (CBSE) की कक्षा 12वीं की परीक्षा 2026 देने वाले करीब 18 लाख छात्र-छात्राओं का इंतजार अब और लंबा खिंचता दिख रहा है। बोर्ड ने इस साल मूल्यांकन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम लागू किया था, लेकिन तकनीकी चुनौतियों के कारण अब कई उत्तर पुस्तिकाओं को पुराने पारंपरिक तरीके यानी हाथों से जांचा जा रहा है। इस स्थिति ने छात्रों के बीच अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है। पहले यह अनुमान लगाया जा रहा था कि नतीजे 10 से 15 मई के बीच घोषित हो सकते हैं, लेकिन मूल्यांकन प्रक्रिया में आए इस बड़े बदलाव के कारण अब रिजल्ट 15 से 20 मई 2026 के बीच आने की संभावना जताई जा रही है। बोर्ड ने इस देरी को कम करने के लिए विशेष टीमें गठित कर दी हैं और कार्य को युद्ध स्तर पर पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।

OSM सिस्टम में आई तकनीकी अड़चनें और मैन्युअल मूल्यांकन

CBSE ने इस वर्ष मूल्यांकन को आधुनिक बनाने के लिए ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम को व्यापक स्तर पर अपनाया था। इस प्रणाली के तहत परीक्षा केंद्रों पर उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन कर डिजिटल रूप में सर्वर पर अपलोड किया जाना था, ताकि शिक्षक कंप्यूटर स्क्रीन पर बैठकर सुरक्षित तरीके से मार्किंग कर सकें। हालांकि, वास्तविकता में कई केंद्रों पर स्कैनिंग के दौरान सॉफ्टवेयर में गंभीर तकनीकी गड़बड़ियां सामने आईं। कई कॉपियां सर्वर पर लोड नहीं हो पाईं और कुछ केंद्रों पर डेटा प्रोसेस करने में विफल रहा। विशेष रूप से उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कुछ केंद्रों पर सैकड़ों उत्तर पुस्तिकाओं को डिजिटल सिस्टम में प्रोसेस नहीं किया जा सका, जिसके कारण बोर्ड को मजबूरन पुराने मैन्युअल तरीके की ओर लौटना पड़ा है।

CBSE 12th Result Delay: कनेक्टिविटी की समस्या और डिजिटल इंडिया की चुनौतियां

OSM सिस्टम की राह में सबसे बड़ा रोड़ा इंटरनेट कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे की कमी साबित हुई। देश के कई दूरदराज, ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों में इंटरनेट की गति बेहद धीमी होने के कारण कॉपियां अपलोड करने में भारी कठिनाई हुई। बार-बार प्रयास करने के बाद भी जब तकनीकी बाधाएं दूर नहीं हुईं, तो बोर्ड ने छात्रों के समय की बचत के लिए ‘मैन्युअल इवैल्यूएशन’ का सहारा लिया। यह स्थिति एक ओर जहां ‘डिजिटल इंडिया’ की दिशा में बढ़ते कदमों को दर्शाती है, वहीं दूसरी ओर यह भी बताती है कि भविष्य में ऐसी प्रणालियों को पूरी तरह लागू करने से पहले इंटरनेट और सॉफ्टवेयर इंफ्रास्ट्रक्चर को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है।

CBSE 12th Result Delay: बोर्ड की विशेष टीमें और युद्ध स्तर पर तैयारी

रिजल्ट में होने वाली संभावित देरी को देखते हुए CBSE ने तुरंत पांच विशेष टीमें गठित की हैं। प्रत्येक टीम में अनुभवी हेड एग्जामिनर और शिक्षकों को शामिल किया गया है जो दिल्ली और NCR के विभिन्न केंद्रों पर दिन-रात कॉपियों की मैन्युअल चेकिंग कर रहे हैं। बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा इस पूरी प्रक्रिया की निरंतर निगरानी की जा रही है ताकि मूल्यांकन में निष्पक्षता और शुद्धता बनी रहे। बोर्ड का लक्ष्य है कि इस सप्ताह के अंत तक सारा डेटा फाइनल कर लिया जाए ताकि परिणाम तैयार करने की अंतिम प्रक्रिया शुरू हो सके। आंतरिक सूत्रों के अनुसार, यदि सब कुछ योजनाबद्ध तरीके से चला, तो 15 मई के बाद किसी भी दिन परिणाम घोषित किए जा सकते हैं।

CBSE 12th Result Delay: छात्रों की चिंताएं और उच्च शिक्षा पर प्रभाव

रिजल्ट में हो रही इस देरी का सीधा असर 18 लाख से अधिक छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और उनकी भविष्य की योजनाओं पर पड़ रहा है। कई छात्र इंजीनियरिंग, मेडिकल और अन्य स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश परीक्षाओं (CUET, JEE, NEET) और काउंसलिंग की तैयारी में जुटे हैं। अभिभावक भी इस स्थिति को लेकर चिंतित हैं क्योंकि देरी से न केवल दाखिले की प्रक्रिया प्रभावित होती है, बल्कि छात्रों का तनाव भी बढ़ता है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बोर्ड को भविष्य में ऐसी प्रणालियों को चरणबद्ध तरीके से लागू करना चाहिए ताकि तकनीकी खामियों का असर छात्रों के करियर पर न पड़े।

CBSE 12th Result Delay: डिजिलॉकर और तकनीकी सहायता

CBSE ने छात्रों को पहले ही सूचित कर दिया है कि परिणाम घोषित होने के तुरंत बाद उनकी डिजिटल मार्कशीट डिजिलॉकर (DigiLocker) ऐप और वेबसाइट पर उपलब्ध होगी। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे अपना अकाउंट पहले से एक्टिवेट कर लें। खास बात यह है कि बिना ‘अपार आईडी’ (APAAR ID) के भी स्कूल द्वारा प्रदान किए गए 6 अंकों के एक्सेस कोड की मदद से अकाउंट तैयार किया जा सकता है। रिजल्ट वाले दिन आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर भी भारी ट्रैफिक रहने की संभावना है, ऐसे में डिजिलॉकर एक तेज और विश्वसनीय विकल्प साबित होगा।

निष्कर्ष: धैर्य और पारदर्शिता की आवश्यकता

CBSE 12वीं रिजल्ट 2026 अब अपने अंतिम चरण में है। तकनीकी बाधाओं के बावजूद बोर्ड जिस तेजी से मैन्युअल चेकिंग की ओर मुड़ा है, वह छात्रों के प्रति उनकी जवाबदेही को दर्शाता है। छात्रों और अभिभावकों को इस समय धैर्य रखने की आवश्यकता है। बोर्ड ने आश्वासन दिया है कि प्रत्येक उत्तर पुस्तिका की जांच उसी सख्ती और निष्पक्षता से की जाएगी जैसे डिजिटल माध्यम में होती है। यह अनुभव भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण सबक साबित होगा, जिससे हमारी शिक्षा प्रणाली में डिजिटल बदलाव को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा।

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