Ceiling Fan Tips: गर्मियों में सीलिंग फैन स्लो चल रहा है? इन 4 आसान टिप्स से पंखा फिर देगा फर्राटेदार हवा, नहीं पड़ेगी नया खरीदने की जरूरत
सफाई, कैपेसिटर, ब्लेड अलाइनमेंट और सर्विसिंग से बढ़ाएं पंखे की स्पीड
Ceiling Fan Tips: भीषण गर्मी और 40 डिग्री सेल्सियस के पार जाते पारे के बीच भारतीय घरों में दिन-रात चलने वाला सीलिंग फैन (Ceiling Fan) राहत का सबसे प्राथमिक और महत्वपूर्ण जरिया होता है। हालांकि, महीनों तक बिना किसी रुकावट के लगातार चलने के कारण अधिकांश घरों में पंखे की रफ्तार अचानक धीमी पड़ जाती है और उससे मिलने वाले हवा का थ्रो (Air Throw) काफी कम हो जाता है। अक्सर लोग पंखे की स्पीड कम होते ही यह मान बैठते हैं कि उसकी मोटर जल चुकी है या अब नया पंखा खरीदने का वक्त आ गया है, जबकि तकनीकी विनिर्देशों के अनुसार मात्र चार बेहद आसान, सस्ते और व्यावहारिक घरेलू मेंटेनेंस स्टेप्स (सफाई, अलाइनमेंट, कैपेसिटर बदलाव और ग्रीसिंग) को अपनाकर आप अपने सालों पुराने स्लो पड़े पंखे को फिर से शोर-रहित और फर्राटेदार हवा देने योग्य बना सकते हैं।
पंखे की स्पीड धीमी होने के मुख्य कारण, धूल का अतिरिक्त भार और मोटर पर दबाव
इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और होम एप्लायंसेज के तकनीकी विनिर्देशों के अनुसार, गर्मियों में जब सीलिंग फैन लगातार 18 से 24 घंटे चलता है, तो उसके आंतरिक और बाहरी पुर्जों पर भारी दबाव बनता है। भारतीय घरों में हवा में मौजूद धूल-मिट्टी के कण और नमी मिलकर पंखे की पत्तियों (Blades) के ऊपर एक मोटी, ग्रीसी और भारी परत बना देते हैं। जब ब्लेड्स पर यह अतिरिक्त वजन जमा हो जाता है, तो मोटर का एयरोडायनामिक संतुलन बिगड़ जाता है और उसे पंखे को घुमाने के लिए दोगुनी ताकत लगानी पड़ती है; इसके परिणामस्वरूप मोटर अत्यधिक गर्म (Overheat) होने लगती है और पंखा अपनी स्वाभाविक फुल-स्पीड खोकर धीरे-धीरे रेंगने लगता है।
टिप 1: ब्लेड्स की धूल साफ करना और एयरोडायनामिक संतुलन बहाल करने के नियम
सीलिंग फैन की गति बढ़ाने का सबसे पहला और अनिवार्य चरण उसकी पत्तियों की वैज्ञानिक सफाई करना है। सफाई की प्रक्रिया शुरू करने से पहले सुरक्षा के लिहाज से मुख्य पावर स्विच को बंद कर दें और पंखे को पूरी तरह ठंडा होने दें। इसके बाद सीढ़ी का उपयोग करके एक सूती मुलायम कपड़े या वैक्यूम क्लीनर की मदद से पत्तियों के ऊपर और नीचे जमी जिद्दी धूल को साफ करें; यदि धूल ज्यादा ग्रीसी हो तो हल्के गीले कपड़े में लिक्विड सोप मिलाकर पत्तियों को पोंछें और अंत में सूखे कपड़े से सुखा लें। पत्तियों से धूल की भारी परत हटते ही पंखे का वजन तुरंत कम हो जाता है, जिससे मोटर बिना किसी अतिरिक्त भार के अपनी पूरी क्षमता से घूमने लगती है और हवा का फ्लो तुरंत बढ़ जाता है।
टिप 2: ब्लेड्स का अलाइनमेंट ठीक करना, बेंड झुकाव दूर करना और कंपन से मुक्ति
सफाई के साथ-साथ पत्तियों का सही एंगल (Alignment) पर होना तेज हवा पाने के लिए सबसे अहम विनिर्देश है। कई बार गलती से सफाई करते वक्त हाथ का दबाव पड़ने से या लंबे समय तक चलने के कारण पंखे का कोई एक ब्लेड ऊपर या नीचे की ओर थोड़ा मुड़ (Bend) जाता है। जब तीनों पत्तियों का अलाइनमेंट असंतुलित होता है, तो पंखा घूमते समय डगमगाने (Wobbling) लगता है और हवा नीचे फेंकने के बजाय चारों तरफ बिखेरने लगता है। इसे ठीक करने के लिए पंखे को बंद करके पत्तियों के लेवल की जांच करें और मुड़े हुए ब्लेड को बेहद सावधानी से हाथ से हल्का दबाव देकर अन्य ब्लेड्स के समानांतर ले आएं; पत्तियों का सही झुकाव हवा को सीधे नीचे की ओर फेंकता है।
टिप 3: कमजोर कैपेसिटर (कंडेनसर) को बदलना, रेटिंग का चुनाव और सुरक्षा नियम
यदि सफाई और अलाइनमेंट के बाद भी पंखे की स्पीड में सुधार न आए, तो इसका 90 प्रतिशत मुख्य कारण पंखे के भीतर लगा कमजोर कैपेसिटर (Capacitor) होता है। कैपेसिटर पंखे की मोटर को स्टार्टिंग टॉर्क और निरंतर घूमने की ऊर्जा प्रदान करता है, जो गर्मी और वोल्टेज के उतार-चढ़ाव के कारण 1 से 2 साल में अपनी क्षमता (Farads) खो देता है। मात्र 30 से 50 रुपये में मिलने वाले नए कैपेसिटर को बदलकर पंखे की स्पीड को तुरंत नए जैसा बनाया जा सकता है; हालांकि नया कैपेसिटर खरीदते समय हमेशा पुराने कैपेसिटर पर लिखी रेटिंग (सामान्यतः 2.25 uF या 2.50 uF) का ही चुनाव करना विधिक रूप से आवश्यक है, क्योंकि अधिक रेटिंग का कैपेसिटर लगाने से पंखे की मोटर जल सकती है।
टिप 4: बेयरिंग की ग्रीसिंग, ढीली वायरिंग को कसना और रेगुलेटर की जांच
पंखे को फर्राटेदार बनाने का चौथा और अंतिम कदम उसकी आंतरिक सर्विसिंग है। समय के साथ पंखे की बॉल-बेयरिंग (Ball Bearings) के भीतर लगा ग्रीस सूख जाता है, जिससे घर्षण (Friction) बढ़ता है और पंखे से घरघराहट या रगड़ने की आवाज आने लगती है। साल में एक बार ग्रीसिंग करवाने और ढीली पड़ी इलेक्ट्रिकल वायरिंग को कसने से पंखे का घर्षण समाप्त हो जाता है। साथ ही, स्विच बोर्ड में लगे पुराने इलेक्ट्रॉनिक रेगुलेटर (Speed Regulator) को भी चेक करवाएं, क्योंकि कई बार खराब रेगुलेटर पर्याप्त वोल्टेज आगे नहीं भेज पाता जिससे पंखा धीमा चलता है।
निष्कर्ष: सीलिंग फैन की स्पीड (Ceiling Fan Tips) कम होने पर तुरंत नया पंखा खरीदने के बजाय इन चार आसान और किफायती मेंटेनेंस उपायों को अपनाना न केवल आपके हजारों रुपये बचाता है, बल्कि बिजली की खपत को भी कम करता है। यदि आप भी अपने घरेलू उपकरणों की दैनिक मेंटेनेंस गाइड्स, ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (BEE) द्वारा जारी 5-स्टार फैन रेटिंग्स के आधिकारिक चार्ट्स और सुरक्षित इलेक्ट्रिकल गार्डेनिंग व होम-केयर टिप्स के नए बुलेटिनों की प्रामाणिक डिजिटल जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय के आधिकारिक वेब पोर्टल अथवा राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन के प्रमाणित डिजिटल सूचना पटल पर जाकर लाइव होम-केयर अपडेट्स अवश्य चेक कर लें।
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