टूटा सीजफायर! अमेरिका ने ईरान के कार्गो शिप पर दागी मिसाइलें, तेहरान का सख्त जवाब- ‘सबको भुगतना पड़ेगा खामियाजा’, होर्मुज पर तनाव चरम पर
सीजफायर टूटा: अमेरिकी नेवी ने ओमान की खाड़ी में ईरानी कार्गो शिप पर मिसाइल हमला किया, शिप अमेरिका के कब्जे में, ईरान का ड्रोन जवाब, होर्मुज स्ट्रेट बंद होने की चेतावनी और वैश्विक तेल बाजार पर असर
Iran-US War: अमेरिका और ईरान के बीच तीन दिन पहले हुए सीजफायर का सिलसिला टूट चुका है। अमेरिकी नेवी ने ओमान की खाड़ी में ईरान के एक कार्गो शिप पर मिसाइल दाग दी। यह शिप मलेशिया से ईरान जा रहा था। अमेरिकी नेवी ने शिप को रुकने का आदेश दिया, लेकिन ईरानी जहाज ने अनदेखा कर दिया। इसके बाद अमेरिकी जंगी बेड़े ने शिप के इंजन रूम को निशाना बनाकर मिसाइल हमला किया। शिप अब अमेरिका के कब्जे में है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद इस हमले की जानकारी अपने सोशल मीडिया पोस्ट पर दी।
अमेरिकी हमले की पूरी घटनाक्रम: ओमान की खाड़ी में क्या हुआ
घटना ओमान की खाड़ी में हुई। ईरानी कार्गो शिप मलेशिया से सामान लेकर ईरान पहुंच रहा था। अमेरिकी नेवी ने शिप को रुकने का संकेत दिया, लेकिन कप्तान ने अनदेखा कर दिया। इसके बाद अमेरिकी जंगी बेड़े ने सटीक मिसाइल हमला किया और शिप के इंजन रूम को नष्ट कर दिया। शिप अब पूरी तरह अमेरिका के नियंत्रण में है। ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा कि अमेरिकी नेवी ने सही समय पर सही कार्रवाई की। उन्होंने इसे ईरान की “उकसावे वाली हरकत” बताया। अमेरिका का दावा है कि शिप पर संदिग्ध सामान था, लेकिन ईरान इसे सिरे से खारिज कर रहा है।
ईरान का जवाबी हमला: ड्रोन से निशाना बनाए अमेरिकी वॉरशिप
ईरान ने हमले का जवाब देते हुए ड्रोन का इस्तेमाल किया। तेहरान का दावा है कि अमेरिकी जंगी बेड़ों को निशाना बनाया गया। हालांकि अमेरिका ने अभी तक इस हमले की पुष्टि नहीं की है। ईरानी उपराष्ट्रपति ने कहा, “अगर अमेरिका नाकाबंदी नहीं हटाता तो होर्मुज बंद हो जाएगा।” उन्होंने चेतावनी दी कि इसकी कीमत पूरी दुनिया को चुकानी पड़ेगी। ईरान का रुख सख्त है। तेहरान कह रहा है कि अमेरिका सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के तेल निर्यात का 20 प्रतिशत हिस्सा संभालता है।
इस्लामाबाद में बातचीत का मसौदा तैयार: क्या हैं शर्तें?
इस बीच इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच होने वाली बातचीत का मसौदा तैयार हो गया है। अमेरिका चाहता है कि ईरान अगले 20 साल तक यूरेनियम एनरिचमेंट बंद रखे। ईरान पांच साल तक इसे रोकने पर तैयार है। अमेरिका ईरान के सारे एनरिच्ड यूरेनियम अपनी कस्टडी में लेना चाहता है। इसके बदले ईरान अपनी 20 अरब डॉलर की फ्रीज संपत्ति वापस और आर्थिक प्रतिबंध हटाने की मांग कर रहा है। दोनों पक्ष अभी भी इन शर्तों पर सहमति बनाने की कोशिश कर रहे हैं। पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।
Iran-US War: होर्मुज स्ट्रेट पर तनाव और वैश्विक तेल बाजार पर असर
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग है। ईरान ने पहले भी कहा था कि अगर अमेरिका नाकाबंदी नहीं हटाएगा तो वह स्ट्रेट बंद कर देगा। इस घटना के बाद तेल की कीमतें बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। भारत जैसे देश जो तेल का बड़ा आयातक हैं, उन पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं। अगर होर्मुज बंद हुआ तो वैश्विक अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लग सकता है। भारत ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है और विदेश मंत्रालय स्थिति पर नजर रख रहा है।
Iran-US War: वैश्विक प्रतिक्रिया और भविष्य की संभावनाएं
चीन ने ईरान के रुख का समर्थन किया है और कहा है कि अमेरिका को अपनी मांगें यथार्थवादी रखनी चाहिए। रूस ने भी ईरान को समर्थन दिया, जबकि यूरोपीय देशों और संयुक्त राष्ट्र ने स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। ईरान के नए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई का रुख अमेरिका के प्रति सख्त है। उन्होंने साफ कहा है कि ईरान किसी दबाव में नहीं आएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना ईरान की मजबूत स्थिति को दिखाती है। अगर दोनों पक्ष लचीला रुख अपनाते हैं तो वार्ता फिर शुरू हो सकती है, लेकिन फिलहाल तनाव बरकरार है।
निष्कर्ष: मिडिल ईस्ट में नया संकट और महंगाई का खतरा
अमेरिका ने ईरान के कार्गो शिप पर मिसाइल हमला कर सीजफायर तोड़ दिया है। ईरान के जवाबी हमले और होर्मुज को बंद करने की चेतावनी से मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है। तेल की कीमतें बढ़ने का खतरा मंडरा रहा है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था और भारत जैसे विकासशील देशों पर महंगाई का बोझ बढ़ सकता है। फिलहाल शांति की उम्मीद कम है, लेकिन इस्लामाबाद में तैयार मसौदे पर बातचीत की गुंजाइश अभी बाकी है।
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