Battery Hacking Apps: बैटरी हैकिंग ऐप्स पर सरकार का शिकंजा, Google और Apple को 7 ऐप्स हटाने का नोटिस, जानें कैसे चुराते थे आपका डेटा
Google और Apple को 7 संदिग्ध ऐप्स हटाने का नोटिस, जानें क्या है पूरा मामला
Battery Hacking Apps: स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने वाले देश के करोड़ों मोबाइल यूजर्स की डिजिटल सुरक्षा, डेटा प्राइवेसी और डिवाइस सेफ्टी को लेकर केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने एक बहुत ही बड़ा, कड़क और अभूतपूर्व एक्शन लिया है। आज के इस डिजिटल दौर में मोबाइल की बैटरी को बिजली की रफ़्तार से चार्ज करने, बैटरी लाइफ को चार गुना बढ़ाने और फोन हैंग होने से बचाने का झूठा दावा करने वाले शातिर ‘बैटरी हैकिंग ऐप्स’ (Battery Hacking Apps) पर सरकार ने अपना शिकंजा पूरी तरह से कस दिया है। आईटी मंत्रालय ने दुनिया की दो सबसे बड़ी दिग्गज टेक कंपनियों यानी गूगल (Google) और एप्पल (Apple) को एक बेहद सख्त और कूटनीतिक नोटिस जारी करते हुए उनके रेस्पेक्टिव प्लेटफॉर्म्स (गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर) से 7 खतरनाक और फ्रॉड ऐप्स को तुरंत प्रभाव से हटाने (ब्लॉक करने) का एक कड़ा सरकारी आदेश दे दिया है।
सरकार की तरफ से की गई यह तूफानी कार्रवाई देश के भीतर बढ़ रहे साइबर अपराधों पर नकेल कसने और आम नागरिकों के निजी डेटा को ऑनलाइन चोरों से पूरी तरह सुरक्षित रखने की दिशा में एक बहुत ही सुंदर व ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होने वाली है। सुरक्षा विशेषज्ञों का साफ तौर पर कहना है कि ये 7 ऐप्स इंटरनेट बाज़ार में ‘बैटरी बूस्टर’ या ‘फास्ट चार्जिंग’ का मुखौटा पहनकर मासूम यूजर्स को ठगने का एक बहुत ही गहरा और कड़ा नेटवर्क चला रहे थे, जिससे लोगों के बैंक खातों की सुरक्षा पर भी एक बहुत बड़ा और सीधा खतरा मंडरा रहा था। आइए इस टेक्नोलॉजी और सुरक्षा स्पेशल न्यूज़ रिपोर्ट में बिल्कुल आसान और सीधी हिंदी भाषा में समझते हैं कि इन बैटरी हैकिंग ऐप्स का पूरा काला सच क्या है, सरकार ने किस कड़े कानून के तहत यह नोटिस भेजा है और अपने मोबाइल को ऐसे ऑनलाइन वायरस से बचाने के आसान तरीके क्या हैं।
फास्ट चार्जिंग के झूठे दावों के पीछे छिपी कोडिंग का काला सच और बैकग्राउंड में डेटा चोरी करने का कड़ा जाल
अगर बहुत ही आसान और सरल शब्दों में समझा जाए कि ये बैटरी हैकिंग ऐप्स आपके मोबाइल के भीतर जाकर ऐसा क्या खेल खेलते हैं जो आपके पूरे फोन को बर्बाद कर सकता है, तो कोई भी थर्ड-पार्टी ऐप्लिकेशन सॉफ्टवेयर के स्तर पर आपके मोबाइल की चार्जिंग स्पीड को रत्ती भर भी नहीं बढ़ा सकता है। मोबाइल का तेज़ी से चार्ज होना पूरी तरह से आपके फोन के कड़े हार्डवेयर, चार्जर की क्षमता (वाट क्षमता) और मोबाइल के भीतर लगी लिथियम-आयन बैटरी के वैज्ञानिक मैकेनिज्म पर निर्भर करता है। ये ऐप्स केवल एक सुंदर एनीमेशन दिखाकर यूजर्स को भ्रम में रखते हैं कि उनका फोन बहुत तेज़ी से चार्ज हो रहा है।
लेकिन इस एनीमेशन के पीछे इन ऐप्स की कोडिंग में एक बहुत ही खतरनाक और कड़ा जासूसी नेटवर्क (स्पाइवेयर) छिपा होता है। जैसे ही कोई यूजर प्ले स्टोर से इन ऐप्स को अपने फोन में इंस्टॉल करता है, ये ऐप्स चालाकी से मोबाइल के कैमरा, माइक्रोफोन, गैलरी, कॉन्टैक्ट लिस्ट और सबसे मुख्य रूप से आपके बैंक मैसेजेस (OTP) को पढ़ने की कड़क परमिशन (मंज़ूरी) जबरन ले लेते हैं। इसके बाद, जब आप सो रहे होते हैं या अपने फोन का इस्तेमाल नहीं कर रहे होते हैं, तब ये ऐप्स बैकग्राउंड में चौबीसों घंटे चालू रहकर आपके निजी फोटो, पासवर्ड और कूटनीतिक डेटा को विदेशों में बैठे साइबर अपराधियों के अवैध सर्वर्स पर बहुत ही साफ़ तरीके से ट्रांसफर कर देते हैं, जिससे प्राइवेसी पूरी तरह खत्म हो जाती है।
आईटी मंत्रालय का गूगल और एप्पल को कड़ा नोटिस और आईटी एक्ट के तहत डिजिटल सुरक्षा का नया चक्रव्यूह
7 ऐप्स पर तत्काल प्रतिबंध: केंद्रीय आईटी मंत्रालय की साइबर सुरक्षा विंग और ‘सर्ट-इन’ (CERT-In – इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम) ने अपनी कढ़ी और गुप्त जांच में पाया कि ये 7 विशिष्ट ऐप्स (जिनमें मुख्य रूप से बैटरी ऑप्टिमाइज़र, रैम क्लीनर और चार्जिंग थीम्स वाले ऐप्स शामिल हैं) गूगल और एप्पल दोनों के सुरक्षा मानकों का खुला उल्लंघन कर रहे थे। सरकार ने इस कड़े विवाद पर तुरंत संज्ञान लेते हुए सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 69ए के तहत दोनों कंपनियों को इन ऐप्स को भारत के भीतर पूरी तरह से प्रतिबंधित और डिलीट करने का नोटिस थमा दिया है।
कंपनियों की सक्रिय समीक्षा: इस कड़े नोटिस के मिलने के बाद गूगल और एप्पल दोनों के तकनीकी विभागों में भारी हड़कंप मच गया है। दोनों ही कंपनियों ने सरकार को बहुत ही साफ़ और लिखित जवाब भेजते हुए आश्वासन दिया है कि वे अपनी आंतरिक सुरक्षा नीतियों के तहत इन 7 ऐप्स की कोडिंग की दोबारा से कड़ी और मुस्तैद समीक्षा कर रहे हैं। यूज़र सेफ्टी और साइबर सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए इन कंपनियों ने इन ऐप्स को अपने भारतीय प्ले स्टोर से हटाने की कानूनी प्रक्रिया पूरी मुस्तैदी से शुरू कर दी है ताकि भविष्य में कोई भी नया डिजिटल उपभोक्ता इस खतरनाक चक्रव्यूह में फंसकर अपना बड़ा आर्थिक नुकसान न करा बैठे।
Battery Hacking Apps: मोबाइल की परफॉर्मेंस का पूरी तरह स्लो होना और लिथियम बैटरी के ब्लास्ट (फटने) होने का सबसे बड़ा कड़ा खतरा
हार्डवेयर को भारी नुकसान: इन हैकिंग ऐप्स के कारण केवल आपका डेटा ही चोरी नहीं होता, बल्कि यह आपके चमचमाते और महंगे स्मार्टफोन की लाइफ को भी पूरी तरह से अंदर से खोखला और स्लो (धीमा) कर देता है। चूंकि ये ऐप्स बैकग्राउंड में लगातार कड़े और भारी विज्ञापन (एडवेयर) चलाते रहते हैं, जिससे आपके फोन का प्रोसेसर (CPU) चौबीसों घंटे बिना थके काम करता रहता है। इसका सीधा और घातक असर यह होता है कि आपका फोन सामान्य रूप से इस्तेमाल करने पर भी बहुत तेज़ी से गर्म (ओवरहीट) होने लगता है और आपकी मोबाइल स्क्रीन बार-बार पूरी तरह से हैंग होने लगती है।
बैटरी फटने का लाइव जोखिम: सबसे डरावनी और वैज्ञानिक बात यह है कि अत्यधिक ओवरहीटिंग और इन ऐप्स द्वारा मोबाइल के चार्जिंग सर्किट के कड़े नियमों से छेड़छाड़ करने के कारण फोन की ओरिजिनल बैटरी के भीतर रासायनिक असंतुलन पैदा हो जाता है। जुलाई के इस उमस भरे मानसूनी मौसम में जब तापमान पहले से ही अस्थिर होता है, तब ऐसे ऐप्स के चलते बैटरी के फूलने और चार्जिंग के दौरान मोबाइल में अचानक भयानक ब्लास्ट (विस्फोट) होने या आग लगने का एक बहुत ही कड़ा व लाइव जोखिम बढ़ जाता है। इसलिए सरकार ने इन ऐप्स को देश के नागरिकों की जान और माल दोनों के लिए एक बहुत बड़ा व साफ़ सुरक्षा खतरा घोषित किया है।
गूगल-एप्पल की सुरक्षा से बाहर एपीके (APK) फाइलों का बड़ा फ्रॉड और फोन बचाने के कड़े डॉक्टर टिप्स
साइबर सुरक्षा के वरिष्ठ विशेषज्ञों और डॉक्टरों (टेक गुरुओं) ने देश के सभी स्मार्टफोन यूजर्स को ऑनलाइन ठगी से पूरी तरह महफ़ूज़ रहने के लिए कुछ बेहद कड़े और अनिवार्य लाइफ-सेविंग टिप्स दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कभी भी किसी अनजान वेबसाइट या व्हाट्सएप ग्रुप में आए लिंक पर क्लिक करके किसी ऐप की एपीके (APK) फाइल को अपने फोन में भूलकर भी डाउनलोड न करें, क्योंकि ऐसी बाहरी फाइलें पूरी तरह से वायरस और कड़े मालवेयर से दूषित होती हैं। अपने मोबाइल की सेटिंग्स में जाकर ‘इंस्टॉल फ्रॉम अननोन सोर्सेज’ (अपरिचित स्रोतों से ऐप डाउनलोड करने का नियम) वाले ऑप्शन को हमेशा बहुत ही कड़ाई से बंद रखें।
अगर आप वाकई में अपने मोबाइल की बैटरी लाइफ को बहुत ही सुंदर, सुरक्षित और लंबा बनाए रखना चाहते हैं, तो किसी भी बाहरी ऐप के झांसे में आने के बजाय अपने फोन की ओरिजिनल इन-बिल्ट सेटिंग्स में जाएं। वहां दिए गए ‘बैटरी एंड डिवाइस केयर’ के ऑफिशियल ऑप्शन का इस्तेमाल करें, जो आपके फोन के रैम और बैटरी को पूरी सुरक्षा के साथ पूरी तरह से ऑप्टिमाइज़ रखता है। हमेशा अपनी गाड़ी या घर में फोन चार्ज करते समय मोबाइल के साथ मिलने वाले ओरिजिनल सरकारी प्रमाणित चार्जर और केबल का ही कड़ाई से उपयोग करें। चार्जिंग के दौरान कभी भी भारी वीडियो गेम्स खेलने या लंबी कॉलिंग करने से पूरी तरह परहेज करें ताकि आपका स्मार्टफोन हमेशा सुरक्षित, स्वस्थ और तूफानी रफ़्तार से काम करता रहे।
निष्कर्ष: सुरक्षित डिजिटल इंडिया के निर्माण में कड़े नागरिक अनुशासन की बड़ी भूमिका, सजगता से संवारें अपना डिजिटल कल
केंद्र सरकार के आईटी मंत्रालय द्वारा इन 7 बैटरी हैकिंग ऐप्स (Battery Hacking Apps) पर लिया गया यह कड़ा और ऐतिहासिक एक्शन साफ़ दर्शाता है कि हमारा देश ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान के साथ-साथ अपने आम नागरिकों के डिजिटल अधिकारों और उनकी साइबर सुरक्षा को लेकर कितना गंभीर, मुस्तैद और कूटनीतिक रूप से मजबूत हो चुका है। सरकार द्वारा उठाए गए ये कड़े कदम तभी पूरी तरह से सफल हो सकते हैं जब देश का एक-एक नागरिक खुद अपने स्तर पर पूरी तरह सजग, अनुशासित और ऑनलाइन सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक रहेगा।
एक जागरूक स्मार्टफोन यूजर, राष्ट्रभक्त नागरिक और देश के ज़िम्मेदार पाठक के रूप में हमें यह पक्का संकल्प लेना होगा कि हम तकनीक की इस नकली और चकाचौंध भरी दुनिया के झांसे में आकर किसी भी शॉर्टकट या अफ़वाह पर आँख बंद करके भरोसा रत्ती भर भी नहीं करेंगे। अगर आपके या आपके परिवार के किसी सदस्य के मोबाइल में ऐसा कोई भी अनधिकृत बैटरी ऑप्टिमाइज़र या क्लीनर ऐप पहले से इंस्टॉल है, तो उसे अभी इसी वक्त अपने फोन से पूरी तरह से अनइंस्टॉल (Delete) कर दें। आइए हम सब मिलकर सरकार की इन पारदर्शी और कड़क साइबर सुरक्षा नीतियों का पूरे दिल से स्वागत करें, ताकि हमारा पूरा समाज हमेशा ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों दुनिया में पूरी तरह से डिजिटल रूप से आत्मनिर्भर, स्वस्थ, सुरक्षित, समृद्ध और खुशहाली के रास्ते पर आगे बढ़ता रहे।
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