Asian Games 2026: कमलजीत और सुरूचि सिंह ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम में जीता गोल्ड, बनाया रिकॉर्ड

भारतीय जोड़ी ने 484.6 अंक के साथ दक्षिण कोरिया को 6.6 अंक से हराया

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Asian Games 2026: जापान के आइची-नागोया में आयोजित 20वें एशियाई खेल 2026 में भारतीय एथलीटों का दबदबा निरंतर बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को भारत के खाते में शूटिंग रेंज से एक ऐतिहासिक और गौरवशाली उपलब्धि दर्ज हुई। भारत के युवा निशानेबाज कमलजीत और सुरूचि इंदर सिंह की जोड़ी ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम स्पर्धा के फाइनल में अप्रत्याशित निरंतरता दिखाते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। भारतीय जोड़ी ने खिताबी मुकाबले में 484.6 अंक का विशाल स्कोर दर्ज कर नया एशियन रिकॉर्ड भी कायम किया। यह चालू एशियाई खेलों में भारत के लिए दूसरा स्वर्ण पदक है, जिससे देश की पदक तालिका और दल के मनोबल दोनों में जोरदार उछाल आया है।

प्रतियोगिता के इस संस्करण में इससे पूर्व भारत को पहला स्वर्ण पदक भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने श्रीलंका को फाइनल में पराजित कर दिलाया था। इसके बाद शूटिंग रेंज पर कई मुकाबलों में रजत और कांस्य पदकों से संतोष करने के बाद भारतीय प्रशंसकों को इस स्वर्ण पदक की बेसब्री से प्रतीक्षा थी। कमलजीत और सुरूचि ने व्यक्तिगत स्पर्धाओं की निराशा को पीछे छोड़ते हुए मिक्स्ड टीम में जिस आक्रामकता और तकनीकी अनुशासन का परिचय दिया, उसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय निशानेबाजी के दबदबे को एक बार फिर निर्विवाद रूप से स्थापित कर दिया है।

Asian Games 2026: 6.6 अंक के अंतर से दक्षिण कोरिया को पछाड़ा

10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम के चार टीमों वाले फाइनल मुकाबले में भारतीय जोड़ी ने आरंभिक चरण से ही सटीक निशाने साधते हुए बढ़त बना ली थी। फाइनल में कमलजीत और सुरूचि ने दबाव की परिस्थितियों में भी अपना ध्यान भटकने नहीं दिया और 484.6 अंक का असाधारण योग हासिल किया। फाइनल के प्रत्येक शॉट के दौरान भारतीय निशानेबाजों का संतुलन देखने लायक था, जिसके चलते विरोधी टीमों पर लगातार मनोवैज्ञानिक दबाव बना रहा।

इस कड़े मुकाबले में दक्षिण कोरिया के सुह्योन होंग और गाएउन चू की शीर्ष वरीय जोड़ी 478.0 अंकों के साथ दूसरे पायदान पर रही और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। भारत ने दक्षिण कोरिया को 6.6 अंकों के बड़े अंतर से शिकस्त देकर स्वर्ण पर कब्जा जमाया। वहीं ईरान की टीम ने 415.8 अंकों के स्कोर के साथ कांस्य पदक हासिल किया, जबकि इंडोनेशिया की टीम 349.4 अंकों के साथ चौथे स्थान पर रहकर पदक की दौड़ से बाहर हो गई।

484.6 अंक का नया एशियन रिकॉर्ड: दिल्ली का पुराना कीर्तिमान ध्वस्त

कमलजीत और सुरूचि की इस खिताबी जीत का सबसे अहम पहलू उनका रिकॉर्ड-तोड़ प्रदर्शन रहा। फाइनल में अर्जित 484.6 अंक का स्कोर अब 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम स्पर्धा का नया आधिकारिक एशियन रिकॉर्ड बन गया है। इससे पहले यह रिकॉर्ड 481.3 अंक का था, जिसे उज्बेकिस्तान की जोड़ी ने इसी वर्ष नई दिल्ली में आयोजित एशियन शूटिंग चैंपियनशिप के दौरान स्थापित किया था। भारतीय निशानेबाजों ने इस पुराने रिकॉर्ड में 3.3 अंकों का बड़ा सुधार कर एक नया वैश्विक पैमाना तय कर दिया है।

रिकॉर्ड की यह यात्रा केवल फाइनल तक सीमित नहीं रही, बल्कि क्वालिफिकेशन राउंड में भी भारतीय जोड़ी ने ऐतिहासिक प्रदर्शन की पटकथा लिख दी थी। 21 प्रतिस्पर्धी देशों की जोड़ियों के बीच हुए क्वालिफिकेशन चरण में कमलजीत और सुरूचि ने कुल 587 अंक हासिल कर शीर्ष स्थान पाया था। यह स्कोर तत्कालीन एशियन क्वालिफिकेशन रिकॉर्ड की बराबरी था। दोनों निशानेबाजों ने तीन सीरीज के दौरान 196, 195 और 196 के उत्कृष्ट स्कोर दर्ज कर स्वर्ण पदक की अपनी दावेदारी पहले ही स्पष्ट कर दी थी।

व्यक्तिगत स्पर्धा की असफलता को भुलाकर की दमदार वापसी

इस ऐतिहासिक स्वर्ण पदक की सबसे बड़ी प्रेरणादायक बात दोनों खिलाड़ियों का मजबूत मानसिक दृष्टिकोण रहा। मिक्स्ड टीम स्पर्धा से पहले व्यक्तिगत 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धाओं में कमलजीत और सुरूचि दोनों ही उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके थे और व्यक्तिगत पोडियम फिनिश से चूक गए थे। हालांकि उस नाकामी का असर दोनों ने अपने साझेदार खेल पर बिल्कुल नहीं पड़ने दिया।

प्रतियोगिता के बाद दिए गए बयानों में दोनों निशानेबाजों ने स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत स्पर्धाओं के तनाव को पीछे छोड़कर मिक्स्ड टीम में एक-दूसरे का समर्थन करना उनकी रणनीति का मुख्य अंग था। क्वालिफिकेशन के शुरुआती 10 शॉट्स से ही दोनों के बीच का तालमेल सटीक दिखा। जब भी एक निशानेबाज का निशाना 9-रिंग में लगा, तो दूसरे ने लगातार इनर 10s (X) मारकर टीम के कुल स्कोर को कभी नीचे नहीं गिरने दिया। इस निरंतरता ने भारत को अंतिम क्षणों में निर्णायक बढ़त दिलाई।

शूटिंग रेंज पर आगे भी पदकों की उम्मीद: भारत का बड़ा अभियान

कमलजीत और सुरूचि की इस स्वर्णिम सफलता ने भारतीय शूटिंग दल के भीतर नई ऊर्जा का संचार कर दिया है। एशियन गेम्स 2026 के शूटिंग शेड्यूल के अनुसार भारतीय दल अभी कई अन्य महत्वपूर्ण स्पर्धाओं में हिस्सा ले रहा है। शुक्रवार को ही पुरुषों की 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन स्पर्धा के क्वालिफिकेशन और फाइनल मुकाबले भी निर्धारित हैं, जहां भारत के शीर्ष राइफलमैन मैदान में हैं।

इसके उपरांत महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन, शॉटगन में पुरुषों और महिलाओं की ट्रैप स्पर्धाएं तथा 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल के पदक दौर आयोजित होने हैं। भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (NRAI) और खेल मंत्रालय द्वारा खिलाड़ियों को दी गई अत्याधुनिक कोचिंग, साइकोलॉजिकल ट्रेनिंग और विदेशी दौरों का परिणाम इस खेल महाकुंभ में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। मिक्स्ड पिस्टल टीम की यह स्वर्णिम जीत शेष स्पर्धाओं में भाग ले रहे भारतीय निशानेबाजों के लिए प्रेरणा का काम करेगी।

Asian Games 2026: भारतीय खेलों के स्वर्णिम इतिहास में एक और अध्याय

एशियन गेम्स 2026 में 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम का यह स्वर्ण पदक भारतीय खेलों के विकास और युवाओं की असीम क्षमता का प्रतीक है। कमलजीत और सुरूचि इंदर सिंह ने न केवल देश का मस्तक गर्व से ऊंचा किया है, बल्कि महाद्वीपीय रिकॉर्ड अपने नाम कर यह सिद्ध कर दिया है कि भारतीय शूटिंग का भविष्य सुरक्षित और अत्यधिक प्रतिस्पर्धी हाथों में है। इस जीत ने पदक तालिका में भारत की स्थिति को सम्मानजनक रूप से सुदृढ़ किया है और आगामी स्पर्धाओं में और अधिक पदकों की उम्मीदों को पंख लगा दिए हैं।

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