Asian Games 2026: थाईलैंड को 66-28 से हराकर फाइनल में पहुंची भारतीय पुरुष कबड्डी टीम
भारत ने सेमीफाइनल में थाईलैंड को 66-28 से हराया, अब गोल्ड के लिए होगी खिताबी भिड़ंत
Asian Games 2026: जापान के आइची-नागोया स्थित टोकाई सिटिजन्स जिम्नेजियम में चल रहे 20वें एशियाई खेल 2026 में भारतीय कबड्डी का एकतरफा और दबदबे भरा प्रदर्शन निरंतर जारी है। शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को खेले गए पुरुष वर्ग के पहले सेमीफाइनल मुकाबले में भारत ने अपनी तकनीकी श्रेष्ठता और आक्रामक खेल का असाधारण नमूना पेश करते हुए थाईलैंड को 66-28 के भारी-भरकम स्कोर से पराजित किया। 38 अंकों के विशाल अंतर से दर्ज की गई इस एकतरफा जीत के साथ भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने शान से फाइनल का टिकट कटा लिया है और देश के लिए कम से कम एक और रजत पदक सुनिश्चित कर लिया है। अब भारतीय टीम की नजरें 26 सितंबर को होने वाले खिताबी मुकाबले में स्वर्ण पदक जीतकर एशियाई महाद्वीप में अपने खिताब को सफलतापूर्वक बरकरार रखने पर टिकी हैं।
टूर्नामेंट के आरंभ से ही भारतीय टीम की फॉर्म अभेद्य रही है। ग्रुप चरण के चारों कड़े मुकाबलों को जीतने के बाद सेमीफाइनल जैसे नॉकआउट दबाव वाले मैच में भी भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी लय में रत्ती भर भी गिरावट नहीं आने दी। मैच की पहली ही सीटी से भारतीय रेडर्स ने थाईलैंड के खेमे में लगातार अंक बटोरे, वहीं भारतीय डिफेंस ने एक अभेद्य दीवार खड़ी करते हुए थाई रेडर्स को मैट पर टिकने तक का मौका नहीं दिया। पूरे चालीस मिनट के खेल में भारतीय टीम ने खेल के हर विभाग में अपना पूर्ण वर्चस्व कायम रखा।
Asian Games 2026: सेमीफाइनल में भारत का तूफान
थाईलैंड के खिलाफ कोर्ट पर उतरते ही भारतीय टीम ने स्पष्ट कर दिया था कि वे किसी भी स्तर पर आत्ममुग्धता के मूड में नहीं हैं। मैच के शुरुआती पांच मिनट के भीतर ही भारत के फ्रंटलाइन रेडर्स ने विपक्षी खेमे में बोनस और मल्टी-पॉइंट टच निकालकर मजबूत बढ़त कायम कर ली। थाईलैंड की रक्षापंक्ति भारतीय खिलाड़ियों की तीव्र गति, फुटवर्क और अचानक दिशा बदलने के कौशल को समझने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई।
मुकाबला आगे बढ़ने के साथ अंकों का फासला तेजी से बढ़ता चला गया। थाईलैंड की टीम ने कुछ मौकों पर बोनस अंक जुटाकर या भारतीय रेडर को लाइन से बाहर धकेलने का प्रयास कर संघर्ष की कोशिश की, किंतु भारतीय आक्रमण का दबाव इतना तीव्र था कि थाईलैंड को मैच के दौरान कई बार ऑल-आउट (लोना) की शर्मिंदगी झेलनी पड़ी। खेल के अंतिम लम्हों तक भारत ने स्कोरबोर्ड पर 66 अंक टांग दिए, जबकि थाईलैंड की पूरी टीम मिलकर केवल 28 अंकों तक ही सीमित रह सकी। नॉकआउट चरण में 38 अंकों के अंतर की जीत किसी भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में एक दुर्लभ उपलब्धि मानी जाती है।
ग्रुप स्टेज में भी अपराजित रहा भारत: चारों मैचों में दर्ज की थी शानदार जीत
सेमीफाइनल में मिली इस प्रचंड विजय की मजबूत नींव भारतीय टीम ने ग्रुप स्टेज के मुकाबलों में ही रख दी थी। ग्रुप-ए में शीर्ष वरीयता प्राप्त भारतीय दल ने अपने लीग अभियान की शुरुआत मेजबान जापान के खिलाफ एकतरफा जीत के साथ की थी। इसके बाद टीम ने अपने दूसरे मुकाबले में रिपब्लिक ऑफ कोरिया (दक्षिण कोरिया) को बिना किसी परेशानी के मात दी और तीसरे मैच में पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी बांग्लादेश को बड़े अंतर से धूल चटाई।
ग्रुप चरण के अपने चौथे और अंतिम निर्णायक मैच में भारत का सामना चीनी ताइपे की संतुलित टीम से हुआ था, जहां भारतीय खिलाड़ियों ने धैर्य और आक्रामकता का सुंदर मिश्रण दिखाते हुए 37-21 से आसान जीत दर्ज की। ग्रुप-ए के चारों मैचों में शत-प्रतिशत जीत के साथ अंक तालिका में शीर्ष पर रहकर सेमीफाइनल में प्रवेश करने से टीम का मनोबल सातवें आसमान पर था, जिसका सीधा सकारात्मक प्रभाव थाईलैंड के विरुद्ध सेमीफाइनल में देखने को मिला।
रेडिंग और डिफेंस का सटीक संतुलन: सुनील कुमार की कप्तानी में निखरी टीम
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष कबड्डी टीम का नेतृत्व अनुभवी डिफेंडर सुनील कुमार कर रहे हैं। कप्तान सुनील कुमार ने न केवल मैट पर रणनीतिक फील्डिंग और टैकल कॉल्स का सटीक संचालन किया, बल्कि टीम के भीतर युवाओं और दिग्गजों के बीच गजब का तालमेल भी स्थापित किया है। भारत की रेडिंग यूनिट में पवन सहरावत, अर्जुन देशवाल, आशु मलिक और असलम इनामदार जैसे वैश्विक स्तर के मैच-विनर्स मौजूद हैं, जिनकी मौजूदगी किसी भी प्रतिद्वंद्वी डिफेंस के लिए खौफ का सबब बनी हुई है।
दूसरी ओर रक्षा पंक्ति में स्वयं कप्तान सुनील कुमार के साथ जयदीप दहिया, राहुल सेठपाल, सुमित और गौरव खत्री ने एक ऐसा चक्रव्यूह रच रखा है जिसे भेदना विरोधी टीमों के लिए नामुमकिन साबित हो रहा है। थाईलैंड के खिलाफ मैच में जब भी विरोधी रेडर्स ने अंक जुटाने का दुस्साहस किया, भारतीय कॉर्नर और कवर डिफेंडर्स ने सटीक थाई-होल्ड, डैश और ब्लॉक के जरिए उन्हें मैट से बाहर का रास्ता दिखाया। रेडिंग और डिफेंस के इसी बेजोड़ समन्वय ने भारत को पूरे टूर्नामेंट की सबसे घातक टीम बना दिया है।
महिला टीम के बाद पुरुष टीम भी फाइनल में: भारत के सामने दोहरा स्वर्णिम अवसर
25 सितंबर का दिन भारतीय कबड्डी प्रेमियों के लिए दोहरे गौरव और उत्सव का दिन बन गया। पुरुष टीम की इस विशाल जीत से ठीक पहले भारतीय महिला कबड्डी टीम ने भी अपने सेमीफाइनल मुकाबले में नेपाल को 48-24 के स्कोर से एकतरफा शिकस्त देकर फाइनल का टिकट सुरक्षित कर लिया था। इस प्रकार एशियन गेम्स 2026 के दोनों मुख्य कबड्डी फाइनल में भारतीय तिरंगा पूरी शान के साथ अपनी जगह बना चुका है।
एशियाई खेलों में भारतीय पुरुष कबड्डी टीम का इतिहास अत्यंत स्वर्णिम रहा है, जहां भारत ने अब तक आठ बार स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया है। वर्ष 2018 के जकार्ता एशियन गेम्स में मामूली चूक के चलते कांस्य पदक मिलने के बाद, भारत ने 2022 के हांगझोउ खेलों में पुनः स्वर्ण पदक जीतकर अपनी बादशाहत साबित की थी। अब नागोया की धरती पर भारतीय पुरुष और महिला दोनों टीमों के पास एक ही दिन दोहरे स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय खेलों के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जोड़ने का सुनहरा मौका है।
Asian Games 2026: फाइनल में किससे होगी खिताबी भिड़ंत
थाईलैंड को धूल चटाने के बाद भारतीय पुरुष टीम अब 26 सितंबर 2026 को होने वाले महामुकाबले में स्वर्ण पदक के लिए मैट पर उतरेगी। खिताबी भिड़ंत में भारत का सामना दूसरे सेमीफाइनल मैच के विजेता से होगा, जो ईरान और चीनी ताइपे के बीच खेला जा रहा है। एशियाई कबड्डी के परिदृश्य में ईरान हमेशा से एक शारीरिक रूप से मजबूत और रणनीतिक प्रतिद्वंद्वी रहा है, जबकि चीनी ताइपे ने भी हाल के वर्षों में अपनी चपलता से सभी को चौंकाया है।
आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, पुरुष कबड्डी का स्वर्ण पदक मुकाबला 26 सितंबर को भारतीय समयानुसार दोपहर 2:30 बजे खेला जाएगा। टीम प्रबंधन और मुख्य कोच ने स्पष्ट किया है कि सेमीफाइनल की बड़ी जीत के बाद भी खिलाड़ी किसी प्रकार की अति-उत्साह की भावना से दूर हैं। फाइनल में चाहे ईरान सामने आए या चीनी ताइपे, भारतीय टीम पूरी तैयारी और आक्रामकता के साथ उतरेगी ताकि एशियाई खेलों में अपने नौवें स्वर्ण पदक के ऐतिहासिक रिकॉर्ड को गर्व के साथ देश के नाम किया जा सके।
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