Amrit Bharat Station Scheme: मध्य प्रदेश के 13 रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प, प्रधानमंत्री मोदी आज करेंगे वर्चुअल उद्घाटन
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पीएम मोदी करेंगे वर्चुअल उद्घाटन, यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
Amrit Bharat Station Scheme: भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण के इतिहास में आज का दिन एक बेहद स्वर्णिम अध्याय जोड़ने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शुक्रवार 17 जुलाई 2026 को एक भव्य वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से मध्य प्रदेश के 13 नवनिर्मित और पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का आधिकारिक उद्घाटन करेंगे। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के अंतर्गत इन सभी स्टेशनों को विश्वस्तरीय और अत्याधुनिक यात्री सुविधाओं से पूरी तरह लैस किया गया है। रेल मंत्रालय द्वारा इन स्टेशनों का पुनर्गठन ‘विरासत भी, विकास भी’ की मूल भावना के साथ किया गया है, जिसमें आधुनिक वास्तुकला के साथ-साथ स्थानीय संस्कृति, गौरवशाली इतिहास और क्षेत्रीय कला का बेजोड़ समावेश देखने को मिलता है। आज दोपहर 2 बजे से शुरू होने वाले इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम में प्रधानमंत्री दोपहर करीब 3:40 बजे इन स्टेशनों को औपचारिक रूप से देश को समर्पित करेंगे, जिसके साथ ही भारत की पहली पर्यावरण अनुकूल हाइड्रोजन ट्रेन का फ्लैग ऑफ भी किया जाएगा।
मध्य प्रदेश को मिली रेलवे की बड़ी सौगात और देशव्यापी बुनियादी ढांचे का विस्तार
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत मध्य प्रदेश में कुल 80 रेलवे स्टेशनों का चरणबद्ध तरीके से पुनर्विकास किया जा रहा है, जिस पर लगभग 3,000 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च होने का अनुमान लगाया गया है। इस योजना के अंतर्गत आज जिन 13 स्टेशनों का लोकार्पण हो रहा है, उनमें प्रमुख रूप से विदिशा, सांची, अशोकनगर, शिवपुरी, ब्योहारी, भिंड, हरपालपुर, छतरपुर, टीकमगढ़, जुन्नारदेव, बालाघाट, छिंदवाड़ा और नैनपुर शामिल हैं। यह कार्यक्रम केवल मध्य प्रदेश तक ही सीमित नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी आज एक साथ देश के 20 अलग-अलग राज्यों में स्थित कुल 75 पुनर्विकसित स्टेशनों का वर्चुअल उद्घाटन करेंगे, जिन पर करीब 1,570 करोड़ रुपये की धनराशि व्यय की गई है, जो देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं को साफ दर्शाता है।
अशोकनगर, विदिशा और सांची स्टेशनों का कायाकल्प तथा पर्यटन को मिलने वाला बढ़ावा
इस पुनर्विकास अभियान में अशोकनगर स्टेशन के बुनियादी ढांचे को सुधारने पर 22 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की गई है, जहाँ दैनिक रूप से 6,000 से अधिक यात्रियों का आवागमन होता है। वहीं, प्रसिद्ध ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों का मुख्य प्रवेश द्वार माने जाने वाले विदिशा स्टेशन पर 29.46 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक प्रतीक्षालय, नया फुट ओवर ब्रिज और द्वितीय प्रवेश द्वार विकसित किया गया है। इसके साथ ही, यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर सूची में शामिल बौद्ध स्तूपों के लिए प्रसिद्ध सांची स्टेशन को 15.32 करोड़ रुपये की लागत से एक आधुनिक और भव्य लुक दिया गया है। इन सभी स्टेशनों पर डिजिटल यात्री सूचना प्रणाली, कोच पोजिशन डिस्प्ले बोर्ड, एलईडी प्रकाश व्यवस्था और दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष रैंप व लिफ्ट की व्यवस्था की गई है, जो विदेशी और घरेलू पर्यटकों के अनुभव को और बेहतर बनाएगी।
Amrit Bharat Station Scheme: देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन और पर्यावरण अनुकूल हरित भविष्य की राह
आज के इस ऐतिहासिक कार्यक्रम की एक और सबसे बड़ी तकनीकी उपलब्धि देश की पहली ‘हाइड्रोजन ट्रेन’ की शुरुआत है, जो भारतीय रेल को हरित भविष्य की ओर ले जाने का एक अभूतपूर्व प्रयास है। यह आधुनिक ट्रेन पूरी तरह से शून्य कार्बन उत्सर्जन के सिद्धांत पर काम करती है, जिससे डीजल और पारंपरिक बिजली पर भारतीय रेलवे की निर्भरता काफी कम हो जाएगी।
निष्कर्ष: मध्य प्रदेश के 13 स्टेशनों (Amrit Bharat Station Scheme) का यह आधुनिक कायाकल्प न केवल आम यात्रियों के सफर को सुगम और आरामदायक बनाएगा, बल्कि क्षेत्रीय व्यापार, पर्यटन और स्थानीय रोजगार के अवसरों को भी अभूतपूर्व बढ़ावा देगा। यदि आप भी इन रूटों पर यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो इन स्टेशनों पर मिलने वाली नई डिजिटल सेवाओं, आधुनिक पार्किंग व्यवस्था और री-शेड्यूल ट्रेनों की सटीक समय सारणी की जानकारी के लिए भारतीय रेलवे के आधिकारिक ‘आईआरसीटीसी’ (IRCTC) वेब पोर्टल पर जाकर लाइव अपडेट्स अवश्य चेक कर लें।
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