Amit Shah on Maoism: अमित शाह का बड़ा संकल्प, बोले- माओवाद की हर निशानी मिटाकर बस्तर को बनाएंगे देश का सबसे विकसित जनजातीय क्षेत्र

अमित शाह ने बस्तर में माओवाद उन्मूलन, हिंसा पीड़ितों के पुनर्वास और जनजातीय क्षेत्रों में विकास पर जोर दिया।

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Amit Shah on Maoism: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र को हिंसा के साये से पूरी तरह मुक्त कराकर विकास और जनकल्याण के नए युग में ले जाने का दृढ़ संकल्प दोहराया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन और सेवा-समर्पण के उपलक्ष्य में आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत गृह मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिव्यांगजनों और हिंसा पीड़ितों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बस्तर में केवल माओवाद और नक्सलवाद को समाप्त करना ही केंद्र सरकार का अंतिम लक्ष्य नहीं है, बल्कि दशकों से लाल आतंक का दंश झेल रहे आदिवासी अंचलों से माओवाद की हर निशानी को मिटाकर उसे देश के सबसे अग्रणी और खुशहाल जनजातीय क्षेत्र के रूप में स्थापित करना है।

Amit Shah on Maoism: हिंसा के पीड़ितों का पुनर्वास और आत्मनिर्भरता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

अपने संबोधन में केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि पांच दशकों तक वामपंथी उग्रवाद की हिंसा झेलने वाले निर्दोष नागरिकों और परिवारों का व्यवस्थित पुनर्वास करना केंद्र व राज्य सरकार का नैतिक दायित्व है। उन्होंने रेखांकित किया कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए आईईडी ब्लास्ट और हथियारबंद हमलों के जरिए आम ग्रामीणों व सुरक्षाबलों को दिव्यांग बनाना मानवाधिकारों का सबसे क्रूर उल्लंघन है। केंद्र सरकार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली छत्तीसगढ़ सरकार के साथ चट्टान की तरह खड़ी है ताकि हिंसा में अपंग हुए प्रत्येक नागरिक को उन्नत चिकित्सा, कृत्रिम अंग और सम्मानजनक आजीविका उपलब्ध कराई जा सके।

गृह मंत्री ने आत्मसमर्पण कर चुके पूर्व नक्सलियों के पुनर्वास पर भी विस्तार से जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि मुख्यधारा में लौटे हजारों युवाओं को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पक्के मकान, कौशल विकास प्रशिक्षण, स्वरोजगार हेतु वित्तीय सहायता और कृषि योग्य भूमि आवंटित की जा रही है। इसके साथ ही बैंक खाते, राशन कार्ड और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ देकर उन्हें सामान्य व भयमुक्त नागरिक जीवन जीने के लिए सक्षम बनाया जा रहा है।

सेवा संकल्प अभियान: जगदलपुर शिविर में 3,600 से अधिक दिव्यांगजन हुए लाभान्वित

बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर में आयोजित तीन दिवसीय विशेष परीक्षण एवं वितरण शिविर के सकारात्मक परिणामों की चर्चा करते हुए गृह मंत्री ने बताया कि इस अभियान के माध्यम से पूरे छत्तीसगढ़ में 3,600 से अधिक दिव्यांगजनों को आधुनिक सहायक उपकरण वितरित किए गए हैं। इनमें अकेले बस्तर संभाग के 1,570 से अधिक जरूरतमंद नागरिक और नक्सली हमलों में घायल हुए पीड़ित शामिल हैं। इस महाअभियान में राज्य के समाज कल्याण विभाग के साथ-साथ भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति और भारतीय जैन संघटना जैसी अग्रणी स्वयंसेवी संस्थाओं ने भी तकनीकी व चिकित्सकीय सहयोग दिया है।

शिविर के दौरान लाभार्थियों को उनकी शारीरिक आवश्यकताओं के अनुसार मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, फोल्डिंग व्हीलचेयर, आधुनिक श्रवण यंत्र, स्मार्ट वॉकिंग स्टिक और कैलिपर्स सहित उच्च गुणवत्ता वाले कृत्रिम अंग निःशुल्क उपलब्ध कराए गए। गृह मंत्री ने कहा कि इन सहायक उपकरणों से हिंसा पीड़ितों को अपनी दैनिक गतिविधियों में दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और वे पूर्ण आत्मविश्वास के साथ समाज के निर्माण में अपना योगदान दे सकेंगे।

नियद नेल्लानार से बस्तर ओलंपिक तक: विकास और संस्कृति का नया संगम

बस्तर के दूरस्थ और दुर्गम वनांचलों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार का जिक्र करते हुए अमित शाह ने ‘नियद नेल्लानार’ (आपका अच्छा गांव) योजना की सफलता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जिन अंदरूनी क्षेत्रों में आधी सदी तक बुनियादी सरकारी सेवाएं नहीं पहुंच सकी थीं, वहां अब सड़कों, पुल-पुलियों, बिजली ग्रिड और स्वच्छ पेयजल की परियोजनाएं युद्धस्तर पर पूरी की जा रही हैं। स्थानीय आवागमन को सुगम बनाने के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक बस सेवा का विस्तार किया गया है, जिससे ग्रामीण हाट-बाजारों और अस्पतालों तक पहुंचना आसान हुआ है।

क्षेत्र के युवाओं की प्रतिभा को निखारने और उन्हें हिंसा के मार्ग से दूर रखने के लिए ‘बस्तर ओलंपिक’ का आयोजन किया जा रहा है, जिसने वनांचल के युवाओं में नई खेल ऊर्जा का संचार किया है। इसके साथ ही स्थानीय जनजातीय कला, संगीत, पारंपरिक रीति-रिवाजों और लोकपर्वों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए ‘बस्तर पंडुम’ महोत्सव को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जा रहा है। इन सांस्कृतिक और विकासात्मक कदमों का साझा उद्देश्य बस्तर के आदिवासी समाज की गरिमा को पुनर्जीवित करना है।

Amit Shah on Maoism: सेवा और प्रशासन के स्थायी केंद्र बनेंगे ‘सेवा डेरा’

गृह मंत्री ने बस्तर के प्रशासनिक परिदृश्य में आए ऐतिहासिक बदलाव को रेखांकित करते हुए एक बड़ी घोषणा की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में माओवाद के खात्मे के बाद अब पूर्ववर्ती 500 से अधिक सुरक्षा बल कैंपों में से 200 से अधिक कैंपों को ‘शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा’ जन सुविधा केंद्रों में तब्दील किया जा रहा है।

यह रणनीतिक रूपांतरण सुरक्षा से सेवा की ओर बढ़ते सशक्त कदम को दर्शाता है। जिन चौकियों में कभी केंद्रीय बलों के जवान चौबीसों घंटे हथियार लेकर पहरा देते थे, अब उन्हीं परिसरों में केंद्र और राज्य सरकार के प्रशासनिक अधिकारी, डॉक्टर और शिक्षक बैठकर जनसमस्याओं का समाधान करेंगे और शासन की कल्याणकारी योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाएंगे। यह पहल दूरदराज के ग्रामीणों और प्रशासन के बीच दशकों पुराने फासले को समाप्त कर एक विकसित और सशक्त बस्तर की मजबूत नींव रखेगी।

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