Airport Sleeping Pods: एयरपोर्ट पर लंबी प्रतीक्षा के बीच आराम का नया जरिया बने स्लीपिंग पॉड, जानिए क्या है किराया और सुविधाएं
Airport Sleeping Pods: लंबी फ्लाइट के बीच आराम का नया जरिया, जानें किराया और सुविधाएं
Airport Sleeping Pods: अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा के दौरान कई बार कनेक्टिंग उड़ानों के बीच लंबा अंतराल यात्रियों की थकान को कई गुना बढ़ा देता है। लंबी उड़ानों के बाद विमानपत्तन पर घंटों इंतजार करना और इस दौरान विश्राम के लिए उचित जगह न मिलना एक आम परेशानी बन चुका है। हवाई अड्डे की कठोर कुर्सियों पर पीठ टिकाना या फिर कोने में बैठकर अपने सामान की हिफाजत करते हुए झपकी लेना न तो शारीरिक रूप से आरामदायक होता है और न ही मानसिक सुकून देता है।
इसी समस्या का व्यावहारिक समाधान तलाशते हुए दुनिया भर के कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय विमानपत्तन अब यात्रियों के लिए स्लीपिंग पॉड की अनूठी सुविधा लेकर आए हैं। सोशल मीडिया के इस दौर में इन आधुनिक कैप्सूलनुमा विश्राम स्थलों के वीडियो इन दिनों इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिन्हें देखकर मुसाफिर भी अपनी अगली यात्रा के लिए ऐसी सुविधाओं की तलाश करने लगे हैं।
Airport Sleeping Pods: सोशल मीडिया पर वायरल हुआ इस्तांबुल एयरपोर्ट का अनुभव
यात्रा मामलों से जुड़े लोकप्रिय यूट्यूबर ‘लाउंज गुरु’ ने कुछ समय पहले तुर्किये के व्यस्त इस्तांबुल अंतरराष्ट्रीय विमानपत्तन से एक दिलचस्प वीडियो साझा किया था। उनकी उड़ान तय समय से चार घंटे विलंब से चल रही थी, जिसके चलते उन्होंने अपने बचे हुए समय को चैन से बिताने के लिए दो घंटे के वास्ते एक स्लीपिंग पॉड किराए पर लिया।
दुनिया भर के विभिन्न देशों की यात्रा करते हुए हवाई अड्डों और विमानों के भीतर मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लेने वाले ऐसे रचनाकार लगातार यात्रियों को नई जानकारियों से रूबरू कराते रहते हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद से ही आम मुसाफिरों के बीच इन कैप्सूलों को लेकर उत्सुकता काफी बढ़ गई है, क्योंकि यह पारंपरिक वेटिंग लाउंज से बिल्कुल अलग अनुभव प्रदान करता है।
जानिए क्या है स्लीपिंग पॉड का प्रति घंटा किराया
तुर्किये के इस प्रमुख अड्डे पर मिलने वाली इस सुविधा की यदि बात की जाए तो शुरुआती दौर में पिछले साल अक्टूबर के दौरान इसका शुल्क बारह यूरो यानी भारतीय मुद्रा में लगभग बारह सौ रुपये प्रति घंटा था। उस वक्त उस मुसाफिर ने दो घंटों के लिए चौबीस यूरो खर्च किए थे। हालांकि वक्त के साथ इनकी कीमतों में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है और वर्तमान में यह बढ़कर चौदह यूरो यानी लगभग चौदह सौ रुपये प्रति घंटा पहुंच चुकी है। इसके अलावा यदि किसी मुसाफिर को ओढ़ने के लिए कंबल और सिर के नीचे लगाने के लिए तकिए की आवश्यकता होती है, तो उसके एवज में पांच यूरो यानी करीब पांच सौ रुपये का अतिरिक्त भुगतान करना पड़ता है। यात्रा के दौरान साफ-सुथरे बिस्तर की उपलब्धता यात्रियों को राहत देती है।
पॉड्स के भीतर मिलती हैं कौन-कौन सी आधुनिक सुविधाएं
इस्तांबुल हवाई अड्डे के अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल के गेट डी के पास कुल चौंतालीस स्लीपिंग पॉड्स स्थापित किए गए हैं। ये पूरी तरह से बंद हवाबंद कमरे नहीं होते, बल्कि ये आधे खुले हुए कैप्सूल की तरह डिजाइन किए गए हैं जहां मुसाफिर कुछ घंटों के लिए सुकून से आंखें मूंद सकते हैं। प्रत्येक कैप्सूल के अंदर यात्रियों की सहूलियत का पूरा ध्यान रखते हुए कई जरूरी प्रबंध किए गए हैं। इनमें मोबाइल फोन या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चार्ज करने के लिए यूएसबी पोर्ट, सामान्य बिजली का सॉकेट, मुसाफिरों का सामान सुरक्षित रखने के लिए विशेष कम्पार्टमेंट, डिस्पोजेबल कंबल और आरामदायक गद्देदार बिस्तर शामिल हैं। खास बात यह है कि बैग रखने की सुरक्षित जगह बिस्तर के ठीक नीचे ही बनाई गई है, जिससे सामान चोरी होने की चिंता से मुक्ति मिल जाती है।
क्या इन कैप्सूलों में सचमुच मिलती है गाढ़ी नींद
हर मुसाफिर के मन में यह सवाल जरूर आता है कि क्या ऐसे खुले हुए ढांचों के भीतर वाकई अच्छी नींद आ सकती है। इस पर अपने अनुभवों को साझा करते हुए संबंधित यूट्यूबर ने बताया कि उन्हें थकावट के बीच नींद तो अच्छी आ गई, लेकिन दिन के वक्त पॉड के अंदर हल्की सी गर्मी महसूस हुई। चूंकि ये संरचनाएं चारों तरफ से पूरी तरह पैक नहीं होती हैं, इसलिए हवाई अड्डे के भीतर जलने वाली तेज रोशनी और आसपास से आने वाला यात्रियों का शोर कुछ हद तक अंदर तक पहुंच जाता है। इसके अलावा इन पॉड्स के भीतर वेक-अप कॉल यानी समय पर उठाने की कोई स्वचालित आंतरिक व्यवस्था नहीं होती है। इसलिए यदि आपकी अगली उड़ान छूटने का अंदेशा हो, तो बेहतर यही होगा कि आप सोने से पहले अपने मोबाइल फोन में अलार्म जरूर सेट कर लें ताकि समय पर जाग सकें।
Airport Sleeping Pods: ऑस्ट्रेलिया के पर्थ हवाई अड्डे पर भी उपलब्ध है यह कैप्सूल सुविधा
केवल तुर्किये ही नहीं, बल्कि दुनिया के अन्य देशों के विमानपत्तन भी इस दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं। प्रतिष्ठित प्रकाशन न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया के पर्थ हवाई अड्डे पर भी यात्रियों के लिए स्लीपिंग पॉड की बेहतरीन व्यवस्था की गई है। वहां यात्रियों को पूरी निजता प्रदान करने के लिए विशेष शेड्स, फ्लैट बेड, साथ ही पावर और यूएसबी चार्जिंग पॉइंट्स दिए जाते हैं।
पर्थ में इसके शुल्क की संरचना थोड़ी अलग है, जहां चार घंटे के इस्तेमाल के लिए पचास ऑस्ट्रेलियाई यानी भारतीय रुपयों में तीन हजार से अधिक का भुगतान करना पड़ता है। वहीं यदि कोई यात्री आठ घंटे के लंबे अंतराल के लिए इसे बुक करना चाहता है, तो उसे नब्बे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर यानी लगभग छह हजार रुपये चुकाने होते हैं। लंबी बुकिंग के साथ यात्रियों को डिस्पोजेबल बेडशीट, तकिया, कंबल और समय की मांग के अनुसार आई मास्क व ईयरप्लग जैसी अतिरिक्त सामग्रियां भी मुहैया कराई जाती हैं।
Airport Sleeping Pods: दुनिया भर के इन बड़े अड्डों पर भी मिलती है यह सुविधा
लंबी दूरी के सफर करने वाले मुसाफिरों की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए वैश्विक स्तर पर कई और बड़े विमानपत्तनों ने अपने परिसरों में इस तरह की आधुनिक सुविधाएं विकसित की हैं। एशिया के प्रमुख केंद्रों में शुमार सिंगापुर का चांगी हवाई अड्डा और दक्षिण कोरिया का इंचियोन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा इस मामले में काफी आगे हैं। इसके अलावा अबू धाबी, नीदरलैंड्स का एम्स्टर्डम शिफोल, दुबई का व्यस्त अड्डा, फिनलैंड का हेलसिंकी और जर्मनी का म्यूनिख हवाई अड्डा भी अपने मुसाफिरों को इस प्रकार के विश्राम कैप्सूल की सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं।
यदि आपकी आगामी अंतरराष्ट्रीय यात्रा के दौरान दो उड़ानों के बीच का समय यानी लेओवर काफी लंबा है, तो विमानपत्तन की कठोर कुर्सियों पर रात गुजारने के बजाय इन पॉड्स का चयन करना एक समझदारी भरा और स्वास्थ्यवर्धक कदम साबित हो सकता है। हालांकि, किसी भी अड्डे पर पहुंचने से पहले वहां की दरों और उपलब्धता की अग्रिम जानकारी अवश्य जुटा लेनी चाहिए, क्योंकि विभिन्न देशों के नियमों और एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार इनकी कीमतें और आंतरिक व्यवस्थाएं एक-दूसरे से भिन्न हो सकती हैं।
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