Red Fort Security: स्वतंत्रता दिवस से पहले लाल किले की सुरक्षा चाक-चौबंद, 20 हजार जवान और 1 हजार से अधिक CCTV कैमरों से होगी कड़ी निगरानी

15 अगस्त से पहले लाल किले पर त्रिस्तरीय सुरक्षा, CCTV और एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात

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Red Fort Security: 78वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के भव्य आयोजन से पूर्व देश की राजधानी दिल्ली स्थित ऐतिहासिक लाल किले और उसके आसपास के बड़े क्षेत्र को सुरक्षा एजेंसियों ने पूरी तरह से अभेद्य किले में तब्दील कर दिया है। 15 अगस्त के ऐतिहासिक अवसर पर मुख्य समारोह की संवेदनशीलता को देखते हुए दिल्ली पुलिस, अर्धसैनिक बलों और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के लगभग 15 हजार से 20 हजार जवानों को तैनात करने की व्यापक योजना तैयार की गई है। इस बार कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के विशिष्ट और अतिविशिष्ट अतिथियों (VIPs) सहित लगभग 25 हजार से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। किसी भी संभावित खतरे या अप्रिय घटना को समय रहते निष्फल करने के लिए सुरक्षा बल अत्याधुनिक डिजिटल तकनीक और बहुस्तरीय पारंपरिक सुरक्षा व्यवस्था का एक साथ समन्वय कर रहे हैं।

इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह का मुख्य विषय (थीम) ‘वंदे मातरम’ निर्धारित किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ‘स्मार्ट पुलिसिंग’ पहल के तहत उत्तरी जिला पुलिस कंप्यूटर प्रकोष्ठ की देखरेख में लाल किले के चारों ओर त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया है। सुरक्षा प्रोटोकॉल और हवाई खतरों के मद्देनजर 15 अगस्त को लाल किले के आसपास के कई किलोमीटर के दायरे में पतंगबाजी, पतंग उड़ाने और किसी भी तरह के मानव रहित उड़न दस्तों (UAVs) पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।

Red Fort Security: अभिज्ञान ऐप और फेशियल रिकग्निशन से संदिग्धों की त्वरित पहचान

स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले परिसर और आसपास जुटने वाली भारी भीड़ में छिपे संदिग्ध या वांछित अपराधियों की मौके पर ही पहचान करने के लिए दिल्ली पुलिस ‘अभिज्ञान’ (Abhigyan) मोबाइल ऐप और उन्नत ‘फेशियल रिकग्निशन सिस्टम’ (FRS) का पहली बार इतने बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रही है। इस अत्याधुनिक ऐप के केंद्रीय सर्वर में देश भर के एक करोड़ से अधिक चिन्हित अपराधियों और भगोड़ों का डिजिटल डेटाबेस मौजूद है। मैदान में तैनात पुलिस अधिकारी यादृच्छिक (Random) आधार पर संदिग्ध व्यक्तियों को रोककर पोर्टेबल बायोमेट्रिक स्कैनर के जरिए उनके फिंगरप्रिंट दर्ज कर रहे हैं।

यह स्कैनर व्यक्ति के फिंगरप्रिंट डेटा को तुरंत केंद्रीय डेटाबेस से मिलाता है। यदि किसी व्यक्ति का आपराधिक रिकॉर्ड पाया जाता है, तो स्क्रीन पर तुरंत लाल रंग का संकेत और उसका पूरा इतिहास उभर आता है, जिससे उसे मौके पर ही हिरासत में ले लिया जाता है। इसके विपरीत, कोई रिकॉर्ड न मिलने पर हरा संकेत दिखता है। सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, इस रियल-टाइम तकनीकी जांच से कार्यक्रम के दौरान किसी भी सुरक्षा चूक या असामाजिक तत्वों की घुसपैठ की संभावना लगभग शून्य हो जाती है।

एक हजार सीसीटीवी कैमरे और हाईटेक वॉर रूम से चौबीसों घंटे निगरानी

लाल किला परिसर, प्रवेश द्वारों, पार्किंग स्थलों और आसपास की मुख्य सड़कों पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखने के लिए एक हजार से अधिक उच्च रिज़ॉल्यूशन वाले सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं। इन कैमरों में स्वचालित ‘फेशियल रिकग्निशन सिस्टम’ (FRS) लगा हुआ है, जो भीड़ में चलते-फिरते चेहरों को स्कैन कर डेटाबेस के संदिग्ध चेहरों से स्वतः मिला सकता है। निगरानी व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए स्मारक परिसर के भीतर ही एक सर्वसुविधायुक्त हाईटेक कंट्रोल रूम (वॉर रूम) बनाया गया है।

इस हाईटेक नियंत्रण कक्ष में दिल्ली पुलिस, तकनीकी विशेषज्ञों और खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी पालीवार तैनात हैं, जो लाइव वीडियो फीड के जरिए लाल किले के बाहर कई किलोमीटर के दायरे पर नजर रख रहे हैं। किसी भी स्थान पर संदिग्ध वस्तु, लावारिस वाहन या अनधिकृत गतिविधि दिखाई देने पर नियंत्रण कक्ष से निकटतम गश्ती दल और क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को तुरंत अलर्ट भेजकर कुछ ही सेकंड में कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

हवाई खतरों से निपटने को एंटी-ड्रोन सिस्टम और स्नाइपर्स तैनात

बदलते सुरक्षा परिदृश्य और ड्रोन जैसी आधुनिक प्रौद्योगिकियों के संभावित खतरों से निपटने के लिए भारतीय वायु सेना और डीआरडीओ (DRDO) के सहयोग से कई उन्नत एंटी-ड्रोन सिस्टम स्थापित किए गए हैं। यह एंटी-ड्रोन ग्रिड लाल किले के ऊपर के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाले किसी भी अनधिकृत या संदिग्ध ड्रोन को दूर से ही पहचान कर उसकी संचार प्रणाली को पूरी तरह से जाम (Jam) या नष्ट करने में सक्षम है।

इसके अलावा, लाल किले के प्राचीर के आसपास स्थित ऐतिहासिक इमारतों, ऊंची व्यावसायिक छतों और रणनीतिक वॉच टावरों पर एनएसजी (NSG) और दिल्ली पुलिस के प्रशिक्षित स्नाइपर्स को अत्याधुनिक स्नाइपर राइफलों के साथ तैनात किया गया है। हवा से होने वाली किसी भी गतिविधि की बारीकी से ट्रैकिंग करने के लिए विशेष निगरानी ड्रोन भी तैनात किए गए हैं, जो छतों की गतिविधियों की पल-पल की फुटेज मुख्य नियंत्रण कक्ष को भेज रहे हैं।

सुरक्षा बलों का बहुस्तरीय समन्वय और कड़े जांच प्रोटोकॉल

स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली पुलिस के अलावा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) जैसे सीआईएसएफ (CISF), सीआरपीएफ (CRPF), बीएसएफ (BSF) और आईटीबीपी (ITBP) की कई कंपनियों को ड्यूटी पर लगाया गया है। सुरक्षा व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए वीआईपी सुरक्षा, सर्विलांस, जन-नियंत्रण, पार्किंग और यातायात प्रबंधन के लिए अलग-अलग विशेषज्ञ टीमें बनाई गई हैं।

समारोह स्थल में प्रवेश करने वाले प्रत्येक नागरिक और अतिथि के लिए कड़े जांच प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं। लाल किले के सभी प्रवेश द्वारों पर डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD), हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर (HHMD) और एक्स-रे बैगेज स्कैनर से गुजारकर ही प्रवेश की अनुमति दी जा रही है। किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, ज्वलनशील पदार्थ, बैग या संदिग्ध सामग्री को अंदर ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। सुरक्षा व्यवस्था की वास्तविक तैयारी को परखने के लिए रोजाना फुल ड्रेस रिहर्सल और मॉक ड्रिल आयोजित किए जा रहे हैं।

Red Fort Security: आसपास के इलाकों में अलर्ट और आम नागरिकों के लिए गाइडलाइंस

लाल किले की ओर जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों, जैसे चांदनी चौक, नेताजी सुभाष मार्ग, रिंग रोड और जामा मस्जिद क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन, अंतर्राज्यीय बस अड्डों (ISBT) और पास के मेट्रो स्टेशनों पर दिल्ली पुलिस और पैरामिलिट्री जवान लगातार जांच अभियान चला रहे हैं। आसपास के होटलों, गेस्ट हाउसों और किरायेदारों का सत्यापन अभियान पहले ही पूरा किया जा चुका है।

दिल्ली यातायात पुलिस ने 15 अगस्त की सुबह के लिए विशेष रूट डायवर्जन प्लान जारी किया है। आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे स्वतंत्रता दिवस की सुबह लाल किले के आसपास के क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से जाने से बचें और ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों का पालन करें। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, लावारिस वस्तु या गतिविधि की जानकारी तुरंत 112 या स्थानीय सुरक्षाकर्मियों को देने का आग्रह किया गया है। तकनीक और जवानों के इस मजबूत गठजोड़ के दम पर दिल्ली पुलिस समारोह को सुरक्षित और निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।

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