ट्रंप के बाद मैक्रों ने पीएम मोदी को किया फोन, होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा पर हुई अहम चर्चा: जानिए पूरी डिटेल

ट्रंप के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने पीएम मोदी को फोन किया, होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और नौवहन स्वतंत्रता पर अहम चर्चा, भारत-फ्रांस ने क्षेत्रीय शांति पर सहमति जताई

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India France Deal: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक कूटनीति तेज हो गई है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन कर पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर विस्तृत चर्चा की। दोनों नेताओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और नौवहन की स्वतंत्रता बहाल करने पर सहमति जताई। यह बातचीत इसलिए खास मानी जा रही है क्योंकि कुछ दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी पीएम मोदी से इसी मुद्दे पर फोन पर बात की थी।

पीएम मोदी-मैक्रों फोन कॉल: क्या-क्या हुई चर्चा

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात करते हुए पश्चिम एशिया के मौजूदा तनाव पर गहरी चिंता जताई। दोनों नेताओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की तत्काल जरूरत पर जोर दिया। यह जलडमरूमध्य विश्व के तेल निर्यात का सबसे महत्वपूर्ण मार्ग है, जहां से रोजाना लाखों बैरल कच्चा तेल गुजरता है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस दोनों ही देश क्षेत्र में शांति स्थापना के लिए करीबी सहयोग बढ़ाएंगे।

ट्रंप के फोन कॉल के बाद मैक्रों की बातचीत, बढ़ी कूटनीतिक गतिविधि

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी पीएम मोदी से फोन पर संपर्क किया था। अब फ्रांस के राष्ट्रपति का फोन आना दिखाता है कि पश्चिम एशिया के हालात को लेकर यूरोपीय देश भी बेहद सक्रिय हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत की ‘सभी के साथ, किसी के खिलाफ नहीं’ वाली विदेश नीति के कारण दुनिया के प्रमुख देश पीएम मोदी से सीधा संपर्क कर रहे हैं। भारत इस समय दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और होर्मुज से आने वाले तेल पर उसकी निर्भरता काफी ज्यादा है।

ऑस्ट्रिया के चांसलर से पीएम मोदी की बैठक, समुद्री सुरक्षा पर जोर

इसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर के साथ नई दिल्ली में मुलाकात की। बैठक में पश्चिम एशिया में समुद्री मार्गों को सुरक्षित रखने पर दोनों नेताओं ने सहमति जताई। विदेश मंत्रालय के सचिव सिबी जॉर्ज ने बताया कि दोनों पक्षों ने हालिया घटनाक्रमों पर चर्चा की और शांतिपूर्ण समाधान के लिए कूटनीति पर बल दिया। ऑस्ट्रिया जैसे यूरोपीय देश भी इस मुद्दे को लेकर चिंतित हैं क्योंकि उनकी ऊर्जा आपूर्ति भी इस मार्ग पर निर्भर करती है।

India France Deal: फ्रांस-ब्रिटेन का संयुक्त सम्मेलन, 40 देश होंगे शामिल

फ्रांस और ब्रिटेन एक बड़े संयुक्त सम्मेलन की तैयारी कर रहे हैं। राष्ट्रपति मैक्रों ने पुष्टि की है कि शुक्रवार को पेरिस में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए यह बैठक होगी जिसमें 40 से ज्यादा देश शामिल होंगे। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में एक बहुपक्षीय रक्षात्मक मिशन शुरू करना है ताकि जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बहाल हो सके। यह पहल दिखाती है कि यूरोपीय देश अब सामूहिक रूप से इस चुनौती का सामना करना चाहते हैं।

India France Deal: होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है इतना महत्वपूर्ण?

होर्मुज जलडमरूमध्य पर्सियन गल्फ और ओमान की खाड़ी को जोड़ता है। विश्व के कुल तेल निर्यात का लगभग 20 प्रतिशत इसी मार्ग से होकर गुजरता है। भारत अपनी कुल तेल जरूरत का करीब 85 प्रतिशत आयात करता है और उसमें बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आता है। अगर इस मार्ग में कोई बाधा आई तो भारत की अर्थव्यवस्था, महंगाई और उद्योगों पर सीधा असर पड़ेगा। यही वजह है कि पीएम मोदी ने दोनों नेताओं से इस मुद्दे पर खुलकर चर्चा की।

भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी: एक लंबा सफर

भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी 1998 से शुरू हुई थी। दोनों देश रक्षा, परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष, जलवायु परिवर्तन और आतंकवाद विरोधी मुद्दों पर करीबी सहयोग करते हैं। राफेल लड़ाकू विमान सौदा और इंडो-पैसिफिक में सहयोग इस साझेदारी के अहम स्तंभ हैं। मैक्रों और मोदी के बीच व्यक्तिगत दोस्ती भी काफी मजबूत मानी जाती है। इस फोन कॉल को उसी निरंतरता का हिस्सा माना जा रहा है।

पश्चिम एशिया में मौजूदा तनाव और भारत की ऊर्जा सुरक्षा रणनीति

पश्चिम एशिया में हाल के महीनों में ईरान, इजराइल और अन्य देशों के बीच तनाव बढ़ा है। इससे वैश्विक तेल कीमतें बढ़ गई हैं और आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हो रही है। भारत ने हमेशा से क्षेत्र में शांति और स्थिरता की वकालत की है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए विविधीकरण की नीति अपना रहा है और खाड़ी देशों के अलावा रूस, अमेरिका और अफ्रीकी देशों से तेल आयात बढ़ाया जा रहा है।

India France Deal: विश्व स्तर पर प्रतिक्रियाएं और भारत की भूमिका

इस फोन कॉल के बाद कई देशों ने भारत की कूटनीतिक सक्रियता की सराहना की है। अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन और ऑस्ट्रिया जैसे देशों के साथ भारत का संपर्क दिखाता है कि न्यू इंडिया अब वैश्विक मंच पर मजबूत आवाज बन चुका है। विदेश नीति विशेषज्ञों का कहना है कि पीएम मोदी की फोन डिप्लोमेसी प्रभावी साबित हो रही है। इससे न सिर्फ भारत के हित सुरक्षित हो रहे हैं बल्कि वैश्विक शांति प्रयासों में भी योगदान मिल रहा है।

निष्कर्ष

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच हुई फोन बातचीत पश्चिम एशिया के तनाव के समय में स्थिरता लाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए जरूरी है। भारत अपनी स्वतंत्र विदेश नीति के साथ सभी प्रमुख देशों के साथ संवाद बनाए रखते हुए क्षेत्रीय शांति के लिए प्रयासरत रहेगा।

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