Aaj Ka Mausam 30 October 2026: यूपी-बिहार में भारी बारिश, दिल्ली-NCR में आंधी और ओलावृष्टि का अलर्ट

चक्रवात अर्णब के अवशेष और अन्य मौसमी प्रणालियों के असर से कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना।

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Aaj Ka Mausam 30 October 2026: अक्टूबर के अंतिम दिनों में देशभर के अधिकांश हिस्सों में मौसम का मिजाज अप्रत्याशित रूप से बदल गया है। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्णब’ के तट पार करने के बाद भी उसके अवशेषों और नमी का व्यापक असर अब मध्य व उत्तर-पूर्वी भारत के वायुमंडल पर साफ दिखाई दे रहा है। इसके साथ ही उत्तर भारत के पर्वतीय क्षेत्रों में सक्रिय हुए नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और चक्रवाती नमी के परस्पर तालमेल ने कई मैदानी राज्यों में बेमौसम बारिश, आकाशीय बिजली चमकने और तेज अंधड़ की परिस्थितियां निर्मित कर दी हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार, 30 अक्टूबर 2026 को उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली-एनसीआर, झारखंड और ओडिशा के विभिन्न अंचलों में बादलों की आवाजाही के साथ मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है, जिससे दिन के पारे में उल्लेखनीय गिरावट आएगी और गुलाबी ठंड की दस्तक तेज होगी।

Aaj Ka Mausam 30 October 2026: उत्तर प्रदेश में मौसम का हाल

उत्तर प्रदेश में 30 अक्टूबर को चक्रवाती नमी के कारण व्यापक मौसमी बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने विशेष रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश (पूर्वांचल) और गोरखपुर मंडल के जिलों के लिए बारिश और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया है। गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, बस्ती, संत कबीर नगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर और बलरामपुर जनपदों में कुछ स्थानों पर बादलों की तेज गर्जना के साथ भारी वर्षा होने का अनुमान है।

तराई और पूर्वांचल के अन्य सीमावर्ती जिलों में भी मध्यम बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। लगातार बारिश और बादलों के डेरे के चलते प्रदेश के पूर्वी अंचलों में अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की तीखी गिरावट दर्ज हो सकती है, जिससे दिन में उमस भरी गर्मी से पूरी तरह राहत मिल जाएगी। किसानों को सलाह दी गई है कि वे खलिहानों में रखी कटी हुई धान की फसलों को भीगने से बचाने के लिए तिरपाल आदि की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें।

लखनऊ में बादलों का डेरा, तेज हवाओं और बौछारों का पूर्वानुमान

राज्य की राजधानी लखनऊ में 30 अक्टूबर को दिनभर घने बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और रुक-रुक कर बारिश या गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने के आसार हैं। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के अनुसार, राजधानी का न्यूनतम तापमान लगभग 20 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान गिरकर करीब 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास सिमट सकता है।

मौसम वैज्ञानिकों ने शहर में बिजली कड़कने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की विशेष चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि तेज आंधी और बारिश के दौरान बड़े होर्डिंग्स, पुराने पेड़ों, टीन शेड और बिजली के खंभों के नीचे आश्रय न लें तथा वाहन चलाते समय अत्यधिक सतर्कता बरतें।

दिल्ली-एनसीआर और उत्तर-पश्चिम भारत में भी बदलेगा मौसम

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत पूरे एनसीआर (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद) में 30 अक्टूबर को आसमान में घने काले बादल छाए रहने, तेज हवाएं चलने और कुछ इलाकों में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से दिल्ली के अलावा हरियाणा, पंजाब और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के कई हिस्सों में 30 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने और गरज-चमक के साथ छिटपुट बारिश के योग बन रहे हैं।

मौसम में इस अचानक आए बदलाव से दिल्ली-एनसीआर के तापमान में गिरावट आएगी, जिससे सुबह और देर रात के समय हल्की सिहरन महसूस होगी। इस बेमौसम वर्षा से जहां एक ओर वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में आंशिक सुधार होने से प्रदूषण से तात्कालिक राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं तापमान के गिरने से मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ने की भी आशंका है।

बिहार, झारखंड और ओडिशा में बारिश की सक्रियता

बिहार राज्य के अधिकांश जिलों में चक्रवाती नमी का प्रभाव 30 अक्टूबर को भी पूरी तीव्रता के साथ बना रहेगा। उत्तर और दक्षिण बिहार के कई जिलों में बादलों की भीषण गड़गड़ाहट और वज्रपात के साथ मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान है। सीमांचल और मिथिलांचल के इलाकों में तेज हवाओं के साथ लगातार वर्षा की स्थिति बन सकती है, जिसे लेकर आपदा प्रबंधन विभाग ने स्थानीय प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा है।

पड़ोसी राज्य झारखंड और ओडिशा के भी कई दक्षिणी व मध्यवर्ती हिस्सों में चक्रवात से जुड़ी मौसमी गतिविधियों के कारण रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। हालांकि ओडिशा के तटीय जिलों में हवा की गति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है, किंतु आंतरिक भागों में हल्की से मध्यम वर्षा जारी रह सकती है। दोनों राज्यों के किसानों को खेतों में जलभराव की स्थिति से निपटने और तैयार फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी गई है।

Aaj Ka Mausam 30 October 2026: चक्रवात अर्णब और पश्चिमी विक्षोभ के मिलन ने क्यों बदला मिजाज?

आमतौर पर अक्टूबर के अंतिम सप्ताह तक मानसूनी हवाएं पूरे भारतीय उपमहाद्वीप से विदा हो चुकी होती हैं और मौसम शुष्क व ठंडा होने लगता है। इस वर्ष बंगाल की खाड़ी में बने शक्तिशाली चक्रवात अर्णब ने 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद जमीन के भीतर प्रवेश किया। चक्रवात के अवदाब (डिप्रेशन) में तब्दील होकर कमजोर पड़ने के बावजूद उससे उठी प्रचुर समुद्री नमी मध्य और उत्तर भारत के वायुमंडल में फैल गई।

उसी समय उत्तर-पश्चिम भारत से एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ गुजरा, जिससे अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों ओर से आने वाली हवाओं का संगम हो गया। इन दो विरोधी मौसम प्रणालियों के टकराने से उत्तर और पूर्वी भारत के विस्तृत भूभाग पर घने कपासी बादलों का निर्माण हुआ, जिसके चलते अक्टूबर के अंतिम दिनों में यह असाधारण बेमौसम बारिश देखने को मिल रही है।

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