Aaj Ka Mausam 30 July 2026: दिल्ली-एनसीआर में छाए रहेंगे बादल, गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट
आईएमडी ने दिल्ली-एनसीआर में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई
Aaj Ka Mausam 30 July 2026: गुरुवार 30 जुलाई 2026 को मानसूनी हवाओं की मजबूत सक्रियता के कारण दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत के विशाल भूभाग में झमाझम बारिश और बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राजधानी दिल्ली और आसपास के शहरों में दिनभर आसमान आमतौर पर बादलों से ढका रहेगा तथा गरज-चमक के साथ रुक-रुक कर बारिश होने का अनुमान है। बीते दिनों हुई मानसूनी बारिश के चलते अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है, हालांकि हवा में मौजूद उच्च आर्द्रता के कारण सुबह और दोपहर के वक्त हल्की उमस का अहसास बना रह सकता है।
दिल्ली-एनसीआर में बारिश का पूर्वानुमान और तापमान की स्थिति
राजधानी दिल्ली के अलावा नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में गुरुवार की सुबह से ही बादलों की आवाजाही देखने को मिलेगी। सुबह से दोपहर के दौरान अधिकांश इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है, जबकि शाम या देर रात को फिर से गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग ने दिल्ली में अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना जताई है। हवा में नमी का स्तर सुबह के समय 95 प्रतिशत तक पहुंच सकता है, जिससे हवा में भारीपन रहेगा। दक्षिण-पूर्वी दिशा से चलने वाली 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं मौसम को खुशनुमा बनाए रखेंगी।
जलभराव, यातायात और बिजली गिरने की चेतावनी
मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर के निचले और कमजोर इलाकों में जलभराव तथा सड़कों पर जलजमाव की आशंका को लेकर अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश और खराब दृश्यता के चलते व्यस्त घंटों में ट्रैफिक धीमा हो सकता है, इसलिए वाहन चालकों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने और गति सीमित रखने की सलाह दी गई है। तेज हवाओं के चलते पेड़ों की शाखाएं टूटने का डर रहता है, इसलिए पेड़ों या जर्जर ढांचों के नीचे शरण न लें। खुले मैदानों में काम करने वाले लोगों और राहगीरों को बिजली चमकने के दौरान सतर्क रहने और धातु की वस्तुओं से दूर रहने की हिदायत दी गई है।
उत्तर भारत के अन्य पहाड़ी और मैदानी राज्यों का हाल
दिल्ली के अलावा हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में भी भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी दोनों संभागों में मानसूनी बादल जमकर बरस सकते हैं। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही मुसलाधार बारिश के कारण भूस्खलन (लैंडस्लाइड) और नदियों का जलस्तर बढ़ने का गंभीर खतरा बना हुआ है, जिससे स्थानीय प्रशासन हाई अलर्ट पर है। जम्मू-कश्मीर के साथ-साथ राजस्थान के पूर्वी जिलों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि उत्तर भारत में मानसून की यह सक्रियता अगले तीन से चार दिनों तक बिना किसी रुकावट के जारी रहने वाली है।
मध्य और पूर्व भारत में भारी बारिश का अलर्ट
मध्य भारत में मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में सक्रिय मानसूनी चक्रवात के प्रभाव से मध्यम से भारी बारिश दर्ज हो सकती है। पूर्वी भारत की बात करें तो ओडिशा, झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ फुहारें पड़ेंगी। गुजरात क्षेत्र में 31 जुलाई को अत्यंत भारी वर्षा होने का रेड/ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। तटीय और निचले मैदानी इलाकों में रहने वाले निवासियों को संभावित बाढ़ जैसी स्थितियों से निपटने के लिए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
कृषि, आम जनजीवन और स्वास्थ्य संबंधी सलाह
जारी मानसूनी बारिश (Aaj Ka Mausam 30 July 2026) खरीफ फसलों, विशेषकर धान की रोपाई और बागवानी के लिए अत्यंत लाभदायक साबित हो रही है। हालांकि, किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने खेतों में अतिरिक्त जल निकासी का समुचित प्रबंध रखें ताकि फसलों की जड़ें खराब न हों। आम नागरिकों को सलाह दी जाती है कि बाहर निकलते समय छाता या रेनकोट साथ रखें, उबला या शुद्ध पानी ही पिएं और मच्छरों से होने वाली बीमारियों से बचने के लिए घर के आसपास पानी न जमा होने दें। उमस भरे इस मौसम में खान-पान का विशेष ध्यान रखें और स्थानीय मौसम बुलेटिन पर लगातार नजर बनाए रखें।
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