Aaj Ka Mausam 27 October: आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी बारिश का अलर्ट
बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान का असर, तटीय राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी
Aaj Ka Mausam 27 October: अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में देश भर के मौसम का मिजाज तेजी से बदलने लगा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा राष्ट्रीय बुलेटिन के अनुसार, मंगलवार 27 अक्टूबर 2026 को दक्षिण और पूर्वी भारत के कई राज्यों में मूसलाधार बारिश, गरज-चमक और तूफानी हवाओं का दौर शुरू होने जा रहा है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय गहरे मौसमी सिस्टम के कारण आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं, उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में मंगलवार को मौसम मुख्य रूप से शुष्क और साफ रहेगा, लेकिन सप्ताह के मध्य से वहां भी बादलों की आवाजाही और हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान जताया गया है।
Aaj Ka Mausam 27 October: बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसमी प्रणाली से प्रायद्वीपीय भारत में भारी बारिश के आसार
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती दबाव क्षेत्र तेजी से तटवर्ती भागों की ओर बढ़ रहा है। इस मौसमी प्रणाली के व्यापक प्रभाव से दक्षिण, मध्य और पूर्वी भारत के विस्तृत भूभाग में घने बादलों का डेरा जम चुका है। तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक के तटीय हिस्सों, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में मंगलवार को अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम तथा कई संवेदनशील जिलों में अत्यधिक भारी वर्षा होने की चेतावनी दी गई है।
आसमान में बादलों की तेज गड़गड़ाहट और आकाशीय बिजली चमकने के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। संबंधित राज्य सरकारों और आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों ने जिला स्तर पर निगरानी समितियां सक्रिय कर दी हैं और नागरिकों से मौसम विभाग के आधिकारिक बुलेटिन पर निरंतर नजर बनाए रखने की अपील की है।
आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटों पर हाई अलर्ट, मछुआरों के समुद्र में जाने पर पाबंदी
मौसम विभाग के विशेष बुलेटिन में आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के यनम क्षेत्र में 27 अक्टूबर को अत्यधिक भारी वर्षा का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। चक्रवाती हवाओं के जोर पकड़ने से समुद्र में अशांत स्थितियां पैदा हो गई हैं और ऊंची लहरें उठने की आशंका बनी हुई है। तटीय आंध्र प्रदेश के निचले इलाकों में जलभराव और कच्चे ढांचों को नुकसान पहुंचने का अंदेशा जताया गया है।
पड़ोसी राज्य ओडिशा के दक्षिणी और तटीय जिलों—विशेषकर गंजाम, गजपति, पुरी और कोरापुट में भी मंगलवार से बारिश की तीव्रता बढ़ने की संभावना है। स्थानीय प्रशासन ने तटीय सुरक्षा बलों को मुस्तैद कर दिया है। समुद्र में प्रतिकूल और हिंसक परिस्थितियों को देखते हुए मछुआरों को आगामी सूचना तक बंगाल की खाड़ी के गहरे पानी में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है। तटीय गांवों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित आश्रय स्थलों के संपर्क में रहने के निर्देश दिए गए हैं।
दिल्ली-एनसीआर में शुष्क रहेगा मौसम, सप्ताह के अंत में बारिश की उम्मीद
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर क्षेत्र (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद) में मंगलवार, 27 अक्टूबर को मौसम अपेक्षाकृत साफ और शुष्क बना रहेगा। इस दौरान दिन में धूप खिली रहेगी और बड़े पैमाने पर बारिश होने की कोई संभावना नहीं है। हालांकि, तापमान में धीरे-धीरे गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे सुबह और देर रात में गुलाबी ठंड की शुरुआत महसूस होने लगी है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मौसमी सिस्टम के उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने से सप्ताह के मध्य में बदलाव देखने को मिलेगा। दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के कुछ हिस्सों में 28 से 30 अक्टूबर के दौरान आंशिक रूप से बादल छाए रहने, तेज सतही हवाएं चलने और छिटपुट जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां दर्ज की जा सकती हैं, जिससे तापमान में और गिरावट आने की संभावना है।
उत्तर प्रदेश में मंगलवार को खिली धूप, 28 अक्टूबर से पूर्वी जिलों में भीगेगी धरा
उत्तर प्रदेश में 27 अक्टूबर को मौसम का मिजाज अलग-अलग अंचलों में भिन्न बना रहेगा। राज्य की राजधानी लखनऊ और मध्य यूपी के जिलों में सुबह के वक्त हल्की धुंध या कोहरे की चादर दिख सकती है, जिसके बाद दिन भर धूप खिली रहेगी। लखनऊ में मंगलवार को अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 18 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है, जिससे रातों में सिहरन महसूस होगी।
हालांकि, प्रदेश के मौसम में 28 अक्टूबर से एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के असर से पूर्वी उत्तर प्रदेश के वाराणसी, प्रयागराज, गाजीपुर, मिर्जापुर और गोरखपुर क्षेत्र में 28 अक्टूबर से बादलों की आवाजाही शुरू होगी और छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है। इसके बाद 29 और 30 अक्टूबर को पूर्वी तथा तराई क्षेत्रों के कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश की गतिविधियां तेज होने का पूर्वानुमान है, जबकि पश्चिमी यूपी में सप्ताह के आखिरी दिनों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।
बिहार, झारखंड और मध्य भारत में भी दिखेगा सिस्टम का असर
पूर्वी और मध्य भारत के राज्यों में भी इस सक्रिय मौसमी प्रणाली का व्यापक असर पड़ने वाला है। बिहार में मंगलवार को मौसम सामान्य रहेगा, लेकिन 29 से 31 अक्टूबर के बीच राज्य के अधिकांश जिलों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है। झारखंड के रांची, जमशेदपुर और आसपास के इलाकों में 28 से 30 अक्टूबर के दौरान गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।
मध्य भारत के राज्य छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश से सटे विदर्भ के इलाकों में मंगलवार को कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। 28 और 29 अक्टूबर को इन क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता में भारी इजाफा होगा, जिससे तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने का अनुमान है।
Aaj Ka Mausam 27 October: खराब मौसम के दौरान सुरक्षा और सतर्कता के जरूरी नियम
बदलते मौसम और भारी बारिश की चेतावनियों के बीच आपदा प्रबंधन विशेषज्ञों ने नागरिकों को कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां बरतने की सलाह दी है। तेज आंधी, बादलों की गड़गड़ाहट या बिजली कड़कने के दौरान खुले खेतों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण लेने से पूरी तरह बचें। जलभराव वाले मार्गों पर तेज गति से वाहन न चलाएं और जरूरी यात्रा शुरू करने से पहले स्थानीय ट्रैफिक व मौसम परामर्श की पुष्टि अवश्य कर लें।
विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को सलाह दी जाती है कि वे कटी हुई फसलों या खलिहान में रखे अनाजों को सुरक्षित और तिरपाल से ढके स्थानों पर पहुंचा दें, ताकि बेमौसम बारिश से उपज को होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।
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