Aaj Ka Mausam 21 September 2026: दिल्ली-UP में कैसा रहेगा मौसम, इन राज्यों में बारिश और गरज-चमक के आसार
दिल्ली और यूपी में बारिश का अलर्ट नहीं, ओडिशा और बंगाल में गरज-चमक के आसार
Aaj Ka Mausam 21 September 2026: देश के मौसम परिदृश्य में सितंबर के अंतिम पखवाड़े के दौरान क्षेत्रीय स्तर पर बड़ा विरोधाभास देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश मैदानी राज्यों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की प्रक्रिया धीरे-धीरे गति पकड़ रही है, वहीं दूसरी तरफ बंगाल की खाड़ी के मौसमी प्रभाव से पूर्वी और मध्य-पूर्वी तटीय राज्यों में वर्षा और गर्जना की गतिविधियों में तेजी आने के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा सब-डिविजन वार्निंग बुलेटिन के अनुसार सोमवार, 21 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली, समूचे उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड में किसी भी प्रकार की प्रतिकूल मौसम चेतावनी (ग्रीन जोन) जारी नहीं की गई है।
इसके ठीक विपरीत, बंगाल की खाड़ी से सटे ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल के उपखंडों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और तेज झोंके वाली हवाओं का आधिकारिक अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर भारत के मैदानी भागों में वातावरण से नमी का स्तर घटने के कारण आसमान साफ रहेगा और तापमान में हल्की वृद्धि के साथ उमस भरी गर्मी का असर देखा जाएगा, जबकि पूर्वी भारत के राज्यों में आगामी दिनों में मानसूनी बारिश का नया और तीव्र दौर दस्तक देने जा रहा है।
Aaj Ka Mausam 21 September 2026: दिल्ली-NCR में आज का मौसम
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद के निवासियों के लिए सोमवार का दिन पूरी तरह शुष्क और चेतावनी-मुक्त रहने का अनुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र, सफदरजंग द्वारा जारी स्थानीय बुलेटिन के अनुसार 21 सितंबर को राजधानी में मुख्य रूप से आसमान साफ रहेगा और धूप खिली रहेगी। इस दौरान न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस तथा अधिकतम तापमान लगभग 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किए जाने की संभावना है।
मानसून की अक्षीय रेखा के दक्षिण की ओर खिसकने और उत्तर-पश्चिमी शुष्क हवाओं के सक्रिय होने के कारण दिल्ली-एनसीआर में बारिश की संभावना नगण्य है। सुबह और देर शाम के समय तापमान में हल्की नरमी रहने से मौसम अपेक्षाकृत सुहावना लग सकता है, किंतु दोपहर के समय तीखी धूप और आर्द्रता के कारण उमस भरी गर्मी का अहसास बढ़ेगा। दैनिक यात्रियों और कामकाजी वर्ग को सलाह दी जाती है कि वे दिन के समय पर्याप्त मात्रा में पेय पदार्थों का सेवन करें और तेज धूप से बचाव का ध्यान रखें।
उत्तर प्रदेश का मौसम
उत्तर प्रदेश के सभी 75 जनपदों में सोमवार को मौसम पूरी तरह शांत और शुष्क रहने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग के उपखंडवार आंकड़ों के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश दोनों ही क्षेत्रों में 21 सितंबर के लिए किसी प्रकार का बारिश या आंधी का अलर्ट नहीं है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में तीखी धूप खिलने से दैनिक तापमान में रविवार की तुलना में बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।
राजधानी लखनऊ के स्थानीय मौसम केंद्र के अनुसार 21 सितंबर को मुख्य रूप से साफ आसमान बना रहेगा। शहर का न्यूनतम तापमान लगभग 26 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, आगरा और मेरठ में भी मानसूनी गतिविधियां पूरी तरह थमी रहेंगी। हालांकि स्थानीय संवहनीय परिस्थितियों के चलते कुछ जनपदों में हल्के बादलों की आवाजाही देखी जा सकती है, किंतु व्यापक स्तर पर किसी भी जिले में वर्षा के आसार नहीं हैं।
ओडिशा में गरज-चमक और बिजली का अलर्ट
पूर्वी तटीय राज्य ओडिशा में 21 सितंबर से वायुमंडलीय अस्थिरता में भारी इजाफा होने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र, भुवनेश्वर द्वारा जारी विशेष चेतावनी के अनुसार सोमवार को राज्य के कई तटीय और आंतरिक जनपदों में तेज गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की प्रबल संभावना है।
मौसम वैज्ञानिकों ने संकेत दिया है कि बंगाल की खाड़ी और उत्तर अंडमान सागर में विकसित हो रहे निम्न दबाव के चक्रवाती प्रभाव के कारण यह मौसमी बदलाव आ रहा है। 21 सितंबर की यह गर्जना आने वाले बड़े तूफान का पूर्वाभ्यास मात्र है, क्योंकि 22 सितंबर को ओडिशा के कई जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा और 23 व 24 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। स्थानीय प्रशासन ने विशेष रूप से खुले में काम करने वाले किसानों और मछुआरों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
गंगीय पश्चिम बंगाल में भी गरज-चमक के आसार
ओडिशा से सटे पश्चिम बंगाल के गंगीय मैदानी इलाकों में भी 21 सितंबर को मौसम का मिजाज बदलने वाला है। कोलकाता के क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार कोलकाता, हावड़ा, हुगली, दक्षिण और उत्तर 24 परगना तथा पूर्व मेदिनीपुर जैसे दक्षिण बंगाल के जिलों में सोमवार को गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और क्षणिक बौछारों का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है।
गंगीय पश्चिम बंगाल के लिए मौसम विभाग ने थंडरस्टॉर्म और लाइटनिंग की आधिकारिक चेतावनी दर्ज की है। इस क्षेत्र में भी 22 सितंबर से मानसूनी बादलों का जमावड़ा और अधिक सघन हो जाएगा, जिससे मध्यम से भारी बारिश का दौर शुरू होने की पूरी संभावना है। अचानक मौसम बदलने और बिजली कड़कने की स्थिति में नागरिकों को सुरक्षित भवनों के भीतर रहने की सलाह दी गई है।
बिहार और राजस्थान में मौसम की वास्तविक स्थिति
बिहार राज्य के संदर्भ में 21 सितंबर को व्यापक स्तर पर किसी अतिवृष्टि की चेतावनी नहीं है। हालांकि बंगाल की खाड़ी से आ रही नम पुरवैया हवाओं के संपर्क से राज्य के सीमावर्ती और दक्षिण-पूर्वी जिलों में स्थानीय स्तर पर घने बादल बन सकते हैं और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बौछारें पड़ सकती हैं। पटना, गया और भागलपुर में उमस का असर बना रहेगा।
दूसरी ओर राजस्थान के परिदृश्य में पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों में मौसम सामान्य रहने का अनुमान है। 20 सितंबर को पूर्वी राजस्थान में जो आंधी और गरज-चमक की चेतावनी थी, वह 21 सितंबर को पूरी तरह निष्प्रभावी हो चुकी है। पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर संभाग से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई की अनुकूल परिस्थितियां बनने के कारण वहां का मौसम पूरी तरह शुष्क हो चुका है और दिन के तापमान में हल्की वृद्धि का क्रम शुरू हो चुका है।
उत्तराखंड और हिमालयी क्षेत्रों में चारधाम मौसम का हाल
उत्तराखंड के लिए मौसम विभाग के आधिकारिक सब-डिविजनल बुलेटिन में 21 सितंबर को किसी भी प्रकार की गंभीर मौसम चेतावनी दर्ज नहीं की गई है। इसके बावजूद पर्वतीय क्षेत्रों की विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियों के कारण स्थानीय स्तर पर बादलों के बनने की प्रक्रिया जारी रहेगी।
चारधाम यात्रा मार्ग—केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री—के आसपास के उच्च पर्वतीय इलाकों में 21 सितंबर को आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ-साथ दोपहर बाद हल्की वर्षा या गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना बनी रहेगी। वहीं मैदानी और तराई वाले हरिद्वार तथा ऋषिकेश क्षेत्र में भी आंशिक रूप से बादल छाए रहने और क्षणिक बौछारों की संभावना है। तीर्थयात्रियों के लिए मार्ग सामान्य रूप से खुले रहने की उम्मीद है, फिर भी ऊंचाई वाले इलाकों में यात्रा करते समय स्थानीय जिला प्रशासन के परामर्श का ध्यान रखना उचित रहेगा।
मानसून की वापसी और देश में मौसम का बदलता चक्र
सितंबर के अंतिम सप्ताह में देश का मौसम संक्रमण काल के उस दौर में होता है जहां उत्तर भारत से मानसून विदा हो रहा होता है और पूर्वी व दक्षिणी प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में बारिश की प्रणालियां सक्रिय रहती हैं। दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी कोई एक दिन में होने वाली घटना नहीं है, बल्कि यह चरणबद्ध तरीके से उत्तर-पश्चिम से दक्षिण-पूर्व की ओर बढ़ती है।
यही कारण है कि जहां दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आने वाले दिनों में वर्षा की गतिविधियां लगभग समाप्त हो जाएंगी और शुष्क मौसम का प्रभुत्व रहेगा, वहीं बंगाल की खाड़ी के निम्न दबाव तंत्र के कारण ओडिशा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ के हिस्सों में सितंबर के अंतिम दिनों तक मानसूनी वर्षा का भरपूर प्रभाव देखने को मिलेगा।
Aaj Ka Mausam 21 September 2026: निष्कर्ष
21 सितंबर 2026 को पूरे देश में मौसम का स्वरूप दो अलग-अलग रूपों में दिखाई देगा। दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के निवासियों के लिए सोमवार का दिन पूरी तरह सूखा, साफ और लगभग 35 से 36 डिग्री सेल्सियस की उमस भरी गर्मी वाला रहेगा, जहां बारिश का कोई बड़ा अलर्ट नहीं है। वहीं दूसरी ओर ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल के क्षेत्रों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की सक्रियता बनी रहेगी, जो 22 सितंबर से शुरू होने वाले भारी मानसूनी वर्षा चक्र की पूर्व सूचना दे रही है। किसी भी यात्रा या कृषि कार्य की योजना बनाते समय नागरिकों को अपने संबंधित जिले के तात्कालिक स्थानीय मौसम बुलेटिन का अनुसरण करना चाहिए।
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