Aaj Ka Mausam 12 August 2026: देशभर में मानसून का कहर, 16 से अधिक राज्यों में भारी बारिश और अंधड़ का अलर्ट

दिल्ली से ओडिशा तक बारिश का दौर, पहाड़ों में बाढ़ और भूस्खलन की आशंका बढ़ी

0
Aaj Ka Mausam 12 August 2026:  भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 12 अगस्त 2026 के लिए देश के विशाल हिस्से में सक्रिय मानसून और भारी बारिश की गंभीर चेतावनी जारी की है। उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र (Low-Pressure Area) और बंगाल की खाड़ी में उभर रही नई मौसमी गतिविधियों के संयुक्त प्रभाव से पूरे उत्तर, पूर्व और मध्य भारत में मूसलाधार बारिश और तूफान का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर, पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल सहित लगभग 16 से 19 राज्यों में बारिश का अलर्ट घोषित किया है। पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक आने वाली बाढ़ (Flash Floods) और भूस्खलन (Landslides) तथा मैदानी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए नागरिकों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।

दिल्ली-एनसीआर में बादलों का डेरा, हल्की से मध्यम बारिश और उमस का अनुमान

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (गुरुग्राम, नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद) में 12 अगस्त को आमतौर पर आसमान में काले बादलों का पहरा रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, दिनभर रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश या बूंदाबांदी का दौर देखने को मिल सकता है। इस दौरान अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के करीब रहने की संभावना है।
हवा में नमी का स्तर 80 से 90 प्रतिशत तक रहने के कारण लोगों को भारी उमस और चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। शहर में हवा की गति मुख्य रूप से दक्षिण-पूर्वी दिशा से 12 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे रहेगी। यद्यपि कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने से निचले इलाकों में पानी भरने और यातायात की रफ्तार धीमी होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। प्रशासन ने वाहन चालकों को संभलकर चलने की सलाह दी है।

उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में मूसलाधार बारिश का ऑरेंज अलर्ट

उत्तर भारत के पर्वतीय राज्यों में मानसून का प्रकोप सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों में अति भारी बारिश के खतरे को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि शिमला, सोलन, चंबा और ऊना में यलो अलर्ट प्रभावी रहेगा। उत्तराखंड में भी देहरादून और हरिद्वार सहित अधिकांश जिलों में तेज बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं और कई जगहों पर भूस्खलन की आशंका जताई गई है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कई हिस्सों में 13 अगस्त तक भारी वर्षा का दौर जारी रहेगा।
मैदानी राज्यों की बात करें तो राजस्थान में मानसून बेहद आक्रामक रूप में है। पूर्वी राजस्थान के अजमेर, कोटा, उदयपुर और भरतपुर संभागों में कहीं-कहीं भारी तो कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की आशंका है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों और पंजाब में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। बिहार के कई पूर्वी और उत्तरी जिलों जैसे पटना, गया और मुजफ्फरपुर में भी मध्यम से मूसलाधार बारिश की संभावना बनी हुई है।

पूर्वी और मध्य भारत में मानसून की आक्रामक सक्रियता, ओडिशा और बंगाल में चेतावनी

पूर्वी भारत में बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के चलते मौसम का मिजाज काफी सख्त बना हुआ है। ओडिशा में मौसम विभाग ने भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किए हैं। ओडिशा के कुछ हिस्सों में 7 से 20 सेंटीमीटर तक अत्यधिक बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके साथ ही गंगा के तटीय मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल (कोलकाता, हावड़ा, मिदनापुर) और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का अनुमान है।
मध्य भारत के राज्यों छत्तीसगढ़, झारखंड और मध्य प्रदेश में कम दबाव के क्षेत्र का असर साफ दिखेगा। पश्चिमी मध्य प्रदेश में कई स्थानों पर मध्यम से भारी वर्षा हो सकती है। नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने की संभावना है, जिसे देखते हुए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क कर दिया गया है। बिजली गिरने की आशंका के चलते किसानों और ग्रामीणों को खुले खेतों या पेड़ों के नीचे शरण न लेने की कड़ी चेतावनी दी गई है।

पश्चिमी तटीय क्षेत्रों और दक्षिण भारत में मौसम का मिजाज

पश्चिमी तट पर महाराष्ट्र के कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में 12 अगस्त को भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। गुजरात के पूर्वी क्षेत्रों और सौराष्ट्र के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी।
दक्षिण भारत के राज्यों में तटीय कर्नाटक और केरल में मानसून की व्यापक बारिश जारी रहेगी। तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहेगा, हालांकि कहीं-कहीं अचानक तेज हवाओं (30 से 50 किमी प्रति घंटे) के साथ आंधी-तूफान और हल्की बौछारें गिर सकती हैं। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में मौसम विभाग ने 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले झोंके (Thundersquall) और तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है।

तापमान, हवाओं की गति और आर्द्रता का समग्र आंकलन

12 अगस्त को देश के अधिकांश मैदानी भागों में अधिकतम तापमान सामान्य या सामान्य से 1 से 2 डिग्री कम बना रहेगा। पूर्वी भारत और तटीय क्षेत्रों में दिन का तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा, जबकि रात का न्यूनतम तापमान 24 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज होगा। आर्द्रता का स्तर 80 से 90 प्रतिशत तक बना रहेगा, जिससे बारिश न होने के दौरान उमस भरी गर्मी परेशान कर सकती है।
सामान्य दिनों की तुलना में पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हवाओं की गति 15 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे रहेगी, जबकि समुद्र तटीय इलाकों, अंडमान और राजस्थान के तूफानी क्षेत्रों में हवा के झोंके 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

नागरिकों, पर्यटकों और किसानों के लिए आवश्यक सुरक्षा सलाह

मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों ने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी राज्यों में यात्रा कर रहे पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे लैंडस्लाइड संभावित क्षेत्रों और नदी-नालों के आसपास जाने से बचें तथा अपनी गैर-जरूरी यात्राएं स्थगित रखें। मैदानी इलाकों में जलभराव वाले रास्तों पर गाड़ी चलाने से परहेज करें और अपनी गाड़ियों को कमजोर पेड़ों व पुराने ढांचों के नीचे पार्क न करें।
किसानों के लिए सलाह है कि वे अपने खेतों में अत्यधिक जलभराव रोकने के लिए जल निकासी (Drainage) की उचित व्यवस्था तुरंत करें और अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित ढके हुए स्थानों पर पहुंचाएं। पशुओं को खुले में बांधने के बजाय पक्के छप्परों के नीचे रखें। बिजली चमकने के दौरान धातु के खंभों, मोबाइल टावरों और ऊंचे पेड़ों से दूर रहें।

Aaj Ka Mausam 12 August 2026: आगामी दिनों में कैसा रहेगा मौसम का रुख?

12 अगस्त के बाद भी मध्य और उत्तर भारत में मानसून की सक्रियता पूरी तरह खत्म नहीं होगी। हालांकि, 13 अगस्त से पूर्वी राजस्थान और उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में बारिश की तीव्रता में थोड़ी कमी आने की उम्मीद है। इसके विपरीत, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम और मेघालय जैसे पूर्वी राज्यों में 14 से 16 अगस्त के दौरान बारिश का एक नया और मजबूत दौर शुरू हो सकता है।
देश के अधिकांश हिस्सों में अगस्त के दूसरे सप्ताह का यह मानसून चरण खेती-किसानी के लिए जल आपूर्ति के लिहाज से काफी फायदेमंद माना जा रहा है, लेकिन अत्यधिक बारिश वाले जिलों में आपदा प्रबंधन दल पूरी तरह मुस्तैद हैं। आम नागरिकों से अपील है कि वे स्थानीय मौसम केंद्र के ताजा बुलेटिन पर नजर बनाए रखें।

आपको यह भी पसंद आ सकता है
Leave A Reply

Your email address will not be published.