NCR में नई सौगात! मेरठ के बाद अब दिल्ली-करनाल रूट पर दौड़ेगी नमो भारत रैपिड रेल, 136 किमी का सफर होगा मात्र 90 मिनट में
136 किमी लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर; मेरठ की सफलता के बाद अब हरियाणा को मिलेगी नमो भारत की रफ्तार।
NAMO Metro Update: दिल्ली-मेरठ रूट पर नमो भारत ट्रेन के सफल संचालन के बाद अब दिल्ली से हरियाणा के करनाल तक 136 किलोमीटर लंबा रैपिड रेल कॉरिडोर तैयार होने वाला है। NCRTC ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को गति देने के लिए जमीनी स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं।
दिल्ली-मेरठ सफलता के बाद करनाल रूट को प्राथमिकता
दिल्ली-मेरठ रूट पर यात्रियों की भारी संख्या और समय की बचत ने RRTS सिस्टम की लोकप्रियता बढ़ा दी है। इसी आधार पर अब दिल्ली-करनाल कॉरिडोर को प्राथमिकता दी गई है। हरियाणा सरकार के आग्रह पर पहले से प्रस्तावित पानीपत रूट को अब करनाल तक बढ़ा दिया गया है, जिससे उत्तरी हरियाणा के लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
NAMO Metro Update: 136 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर और हाई स्पीड
यह पूरा कॉरिडोर 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने वाली नमो भारत ट्रेनों के लिए डिजाइन किया गया है।
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डिजाइन: ज्यादातर हिस्सा एलिवेटेड होगा ताकि जमीन अधिग्रहण की समस्या कम हो।
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कनेक्टिविटी: यह रूट राष्ट्रीय राजमार्ग-1 (NH-1) के समानांतर विकसित होगा।
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स्टेशन सुविधाएं: विश्वस्तरीय एस्केलेटर्स, लिफ्ट्स, वाई-फाई और मल्टी-लेवल पार्किंग की सुविधा दी जाएगी।
यूटिलिटी शिफ्टिंग का काम शुरू: निर्माण में तेजी
कैबिनेट की अंतिम मंजूरी का इंतजार किए बिना NCRTC ने जमीनी बाधाएं हटाने का काम शुरू कर दिया है:
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बिजली लाइनों की शिफ्टिंग: 33 केवी और 11 केवी लाइनों के स्थानांतरण के लिए टेंडर जारी।
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सीवर और पानी की पाइपलाइन: करीब 36 किलोमीटर लंबी लाइनों को शिफ्ट करने की तैयारी। यह रणनीति निर्माण कार्य शुरू होने के बाद होने वाली देरी को रोकने में मदद करेगी।
दिल्ली के प्रमुख इंटरचेंज: मेट्रो और बस से सीधा कनेक्शन
इस कॉरिडोर की सबसे बड़ी ताकत इसका ‘मल्टी-मॉडल’ नेटवर्क होगा। यह सराय काले खां से शुरू होकर इंद्रप्रस्थ और कश्मीरी गेट जैसे बड़े मेट्रो स्टेशनों और बस अड्डों (ISBT) से जुड़ेगा। यात्री बिना स्टेशन से बाहर निकले एक सिस्टम से दूसरे सिस्टम में आसानी से शिफ्ट कर सकेंगे।
NAMO Metro Update: यात्रियों और अर्थव्यवस्था को होने वाले बड़े फायदे
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समय की बचत: 3-4 घंटे का थकाऊ सफर मात्र 90 मिनट में सिमट जाएगा।
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रियल एस्टेट को बढ़ावा: करनाल, पानीपत और सोनीपत के इलाकों में हाउसिंग और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स में निवेश बढ़ेगा।
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पर्यावरण अनुकूल: इलेक्ट्रिक ट्रेन होने के कारण कार्बन उत्सर्जन और वायु प्रदूषण में भारी कमी आएगी।
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रोजगार: स्टेशन मैनेजमेंट, सुरक्षा और निर्माण चरण में हजारों नए रोजगार पैदा होंगे।
निष्कर्ष: आधुनिक परिवहन से सजेगा NCR का भविष्य
दिल्ली-करनाल रैपिड रेल प्रोजेक्ट केवल एक परिवहन व्यवस्था नहीं, बल्कि NCR के उत्तरी क्षेत्र के विकास का इंजन साबित होगा। नमो भारत की यह रफ्तार जल्द ही लाखों लोगों के दैनिक जीवन का हिस्सा बनेगी, जिससे हरियाणा और दिल्ली की दूरियां सिमट जाएंगी।
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