Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश की राजनीति में बुधवार को एक बेहद महत्वपूर्ण मुलाकात हुई जिसकी चर्चा पूरे प्रदेश में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत लखनऊ के निराला नगर स्थित सरस्वती कुंज में मिले, जहां संघ का कार्यालय है। यह मुलाकात करीब 35 मिनट तक चली और सूत्रों के अनुसार इस दौरान 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अहम रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।
2027 चुनाव का रोडमैप बना केंद्र बिंदु
सूत्रों के अनुसार इस बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर हुई। किस तरह हिंदुत्व की लहर को पूरे प्रदेश में और अधिक मजबूती से जागृत किया जाए, इस पर विस्तार से रोडमैप तैयार किया गया। सीएम योगी जिस एजेंडे को लेकर आगे बढ़ रहे हैं जिसमें काशी विश्वनाथ मंदिर, अयोध्या राम मंदिर और कृष्ण जन्मभूमि शामिल हैं, उस एजेंडे को संगठन और सरकार मिलकर आगे कैसे ले जाएं, इस पर भी गहन विचार-विमर्श हुआ।
Yogi Adityanath: दो लाख संघ कार्यकर्ताओं को मिलेगी जिम्मेदारी
बैठक से जो जानकारी सामने आई है उसके अनुसार उत्तर प्रदेश में संघ के दो लाख कार्यकर्ताओं को एक बड़ी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। ये कार्यकर्ता सीधे आम जनता तक पहुंचेंगे और सरकार की नीतियों तथा योजनाओं के बारे में जानकारी देंगे। योजनाओं के लाभार्थियों से सीधा संपर्क बनाकर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सरकार की उपलब्धियों का संदेश घर-घर तक पहुंचे। यह कदम 2027 के चुनाव में जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़ बनाने की दिशा में एक बड़ी रणनीतिक पहल होगी।
SIR और अवैध बांग्लादेशियों पर भी हुई चर्चा
बैठक में SIR यानी विशेष जांच अभियान को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। मोहन भागवत ने स्पष्ट संदेश दिया कि भारतीय जनता पार्टी से जुड़े आमजन किसी भी स्थिति में SIR प्रक्रिया से पीछे न रहें। संगठन और सरकार को मिलकर इस मुद्दे पर काम करना होगा। इसके अलावा अवैध बांग्लादेशियों के खिलाफ जो कार्रवाई हुई है उसे और प्रभावी ढंग से आगे ले जाने पर भी विचार हुआ। भागवत चाहते हैं कि इन मुद्दों पर संगठन और सरकार की एकजुट आवाज जनता तक पहुंचे।
Yogi Adityanath: 2026 में होगा साधु-संतों का बड़ा सम्मेलन
बैठक में सामने आई एक बड़ी और महत्वपूर्ण बात यह है कि मोहन भागवत ने सीएम योगी को सुझाव दिया है कि 2026 में उत्तर प्रदेश में हिंदुत्व संगठनों और साधु-संतों का एक भव्य सम्मेलन आयोजित किया जाए। इस सम्मेलन में देशभर के साधु-संतों और हिंदूवादी संगठनों को आमंत्रित किया जाएगा। संघ के पदाधिकारी और BJP के राष्ट्रीय स्तर के नेता भी इसमें भाग लेंगे। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज को एकता और संगठन का संदेश देना है जो 2027 के चुनाव से पहले एक बड़ा राजनीतिक-सामाजिक कदम साबित होगा।
हिंदुत्व सोशल इंजीनियरिंग की तैयारी
2027 के चुनाव में डबल इंजन की सरकार को तीसरी बार बड़ा बहुमत दिलाने के लिए योगी के हिंदुत्व एजेंडे के जरिए संघ उत्तर प्रदेश में सोशल इंजीनियरिंग की व्यापक रणनीति तैयार कर रहा है। इस पूरी योजना में संगठन की ताकत और सरकार की उपलब्धियों को एकसाथ जनता के सामने रखने की कोशिश होगी।
Yogi Adityanath: हाल ही में भागवत ने दिए थे ये अहम बयान
मोहन भागवत हाल ही में इसलिए भी चर्चा में रहे थे क्योंकि उन्होंने लखनऊ के निराला नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में आयोजित सामाजिक सद्भाव बैठक में महत्वपूर्ण बातें कही थीं। उन्होंने कहा था कि हिंदू समाज को संगठित और सशक्त होने की आवश्यकता है। उन्होंने हिंदुओं की घटती जनसंख्या पर चिंता जताते हुए घर वापसी के काम को तेज करने की बात कही थी। उन्होंने यह भी कहा था कि जो लोग हिंदू धर्म में लौटें उनका भी उचित ध्यान रखना होगा और हिंदुओं के कम से कम तीन बच्चे होने चाहिए।
योगी और भागवत की यह मुलाकात 2027 के यूपी चुनाव की दृष्टि से बेहद अहम मानी जा रही है और आने वाले दिनों में इसके राजनीतिक असर स्पष्ट रूप से दिखाई देंगे।
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