क्या बंद हो जाएगी OnePlus कम्पनी, चौंकाने वाली रिपोर्ट ने टेक इंडस्ट्री में मचाया हड़कंप

'Never Settle' का नारा देने वाली कंपनी को धीरे-धीरे बंद किया जा रहा, 2024 में 20% गिरी शिपमेंट

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OnePlus: स्मार्टफोन की दुनिया में कभी ‘Never Settle’ यानी कभी समझौता मत करो का जोरदार नारा देने वाली कंपनी OnePlus आज खुद ही समझौते के दौर से गुजरती दिख रही है। एक विस्तृत जांच रिपोर्ट ने पूरे टेक मार्केट में हलचल मचा दी है। इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि OnePlus को धीरे-धीरे वाइंड डाउन किया जा रहा है। यानी ब्रांड को आधिकारिक तौर पर बंद किए बिना उसकी ताकत, टीमें और पहचान खत्म की जा रही है। यह वही पुराना कॉरपोरेट खेल है जो नोकिया, ब्लैकबेरी, एचटीसी और एलजी जैसे दिग्गज ब्रांड्स के साथ अपनाया गया था।

एंड्रॉइड हेडलाइंस की इस विस्तृत जांच रिपोर्ट में चीन, भारत, अमेरिका और यूरोप में काम कर रहे मौजूदा और पूर्व कर्मचारियों से बातचीत के साथ-साथ चार स्वतंत्र विश्लेषक फर्मों के डेटा का हवाला दिया गया है। आंकड़े वाकई चौंकाने वाले हैं और OnePlus के भविष्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में OnePlus की शिपमेंट में 20 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है, जबकि इसी अवधि में इसकी पैरेंट कंपनी OPPO ग्रुप ने 2.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। यह विरोधाभास स्पष्ट करता है कि समस्या केवल बाजार की नहीं बल्कि कंपनी की रणनीति की है।

OnePlus: भारत में बिगड़े हालात, प्रीमियम सेगमेंट 6% रही हिस्सेदारी

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भारत को OnePlus का सबसे मजबूत और भरोसेमंद बाजार माना जाता था। यहां की प्रीमियम स्मार्टफोन मार्केट में OnePlus की मजबूत पकड़ थी और ब्रांड के प्रति युवाओं में खासा उत्साह था। लेकिन 2024 में यहां भी हालात नाटकीय रूप से बिगड़ गए। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में हजारों रिटेल स्टोर्स ने कम मार्जिन और वारंटी से जुड़ी समस्याओं के कारण OnePlus के फोन बेचना बंद कर दिया।

यह केवल कुछ दुकानों की बात नहीं थी बल्कि एक व्यापक समस्या थी। रिटेल पार्टनर्स का कहना था कि OnePlus फोन बेचने पर उन्हें पर्याप्त मुनाफा नहीं मिल रहा था। साथ ही वारंटी क्लेम और सर्विस से जुड़े मुद्दों में कंपनी की तरफ से उचित सहयोग नहीं मिल रहा था। इसका सीधा असर बिक्री पर पड़ा। प्रीमियम सेगमेंट में कंपनी की बाजार हिस्सेदारी एक साल में 21 प्रतिशत से गिरकर मात्र 6 प्रतिशत रह गई। यह गिरावट किसी भी ब्रांड के लिए चिंताजनक है।

चीन में भी OnePlus की स्थिति बेहतर नहीं रही। अपने होम मार्केट में भी ब्रांड अपने निर्धारित लक्ष्यों से काफी पीछे रह गया। विश्लेषकों का स्पष्ट मत है कि OPPO ग्रुप की वृद्धि पूरी तरह से OPPO ब्रांड से आई है, जबकि OnePlus अब बोझ बनता जा रहा था। यह स्थिति बताती है कि कंपनी के भीतर OnePlus को लेकर प्राथमिकताएं बदल रही हैं।

अमेरिका में ऑफिस बंद, यूरोप में टीमें खत्म

रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाले खुलासे कंपनी के ऑफिस और टीमों के बारे में किए गए हैं। दावा किया गया है कि अमेरिका में OnePlus का डलास हेडक्वार्टर बिना किसी आधिकारिक घोषणा के बंद कर दिया गया। यह ऑफिस अमेरिकी बाजार के लिए महत्वपूर्ण था और वहां से कई अहम निर्णय लिए जाते थे। इसे चुपचाप बंद करना कंपनी की बदलती प्राथमिकताओं का संकेत है।

यूरोप में भी OnePlus की टीमें लगभग खत्म हो चुकी हैं। जो कर्मचारी बचे हैं, उनकी भूमिका सीमित कर दी गई है। भारत में कंपनी ने बड़े रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर खोलने के वादे किए थे। ये वादे मीडिया में भी खूब उछाले गए थे और यह दिखाया गया था कि OnePlus भारत को अपना प्रमुख केंद्र बनाना चाहती है। लेकिन रिपोर्ट के अनुसार, ये सभी वादे कागजों तक ही सीमित रह गए। जमीन पर कुछ खास नहीं हुआ।

अब ज्यादातर महत्वपूर्ण निर्णय सीधे चीन से लिए जा रहे हैं। विभिन्न देशों में मौजूद क्षेत्रीय टीमें अब केवल निर्देशों का पालन कर रही हैं। उनके पास निर्णय लेने की स्वतंत्रता नहीं रह गई है। यह केंद्रीकरण इस बात का संकेत है कि कंपनी ब्रांड को सिकोड़ रही है और स्थानीय उपस्थिति को कम करना चाहती है।

OnePlus: प्रोडक्ट लॉन्च रद्द

कई बड़े और प्रतीक्षित प्रोडक्ट लॉन्च भी कथित तौर पर रद्द कर दिए गए हैं। फोल्डेबल स्मार्टफोन OnePlus Open-2 की काफी चर्चा थी। पहला OnePlus Open अच्छा रिस्पांस पा चुका था और उम्मीद थी कि दूसरी पीढ़ी और बेहतर होगी। लेकिन रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रोजेक्ट को स्थगित या रद्द कर दिया गया है। इसी तरह एक कॉम्पैक्ट फ्लैगशिप स्मार्टफोन की योजना थी जो छोटे आकार में प्रीमियम फीचर्स देता। यह भी अब साकार नहीं होगा।

प्रोडक्ट लाइनअप में कटौती कंपनी की महत्वाकांक्षाओं में कमी को दर्शाती है। पहले OnePlus नए और इनोवेटिव प्रोडक्ट्स लाने के लिए जानी जाती थी। अब यह केवल कुछ सीमित मॉडल तक सिमट गई है। विविधता की कमी से ब्रांड की अपील भी घट रही है।

मौजूदा यूजर्स को घबराने की जरूरत नहीं

हालांकि रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि मौजूदा OnePlus उपभोक्ताओं को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। कंपनी अपने वादों और प्रतिबद्धताओं पर कायम रहेगी। जो लोग पहले से OnePlus फोन का उपयोग कर रहे हैं, उन्हें वारंटी, सॉफ्टवेयर अपडेट और सिक्योरिटी पैच नियमित रूप से मिलते रहेंगे। कंपनी अपनी मौजूदा सर्विस और सपोर्ट बनाए रखेगी।

यह एक महत्वपूर्ण बात है क्योंकि कई बार जब ब्रांड मुश्किल में होते हैं तो वे अपने पुराने ग्राहकों की उपेक्षा करने लगते हैं। लेकिन यहां ऐसा नहीं है। OnePlus ने अपने ग्राहकों के साथ विश्वास बनाया है और उसे बनाए रखने की कोशिश कर रही है। फिर भी, लंबे समय में ब्रांड के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

OPPO ग्रुप की रणनीति पर सवाल

विश्लेषकों का मानना है कि OPPO ग्रुप अपने संसाधनों को अपने मुख्य ब्रांड OPPO में केंद्रित करना चाहता है। OnePlus एक अलग ब्रांड के रूप में चलाना महंगा पड़ रहा था और मुनाफा भी कम हो रहा था। ऐसे में रणनीतिक निर्णय लिया गया कि धीरे-धीरे OnePlus को समेटा जाए। हालांकि यह आधिकारिक तौर पर नहीं कहा जा रहा, लेकिन जमीनी हकीकत यही है।

यह रणनीति कॉर्पोरेट दुनिया में नई नहीं है। पहले भी कई ब्रांड्स को इसी तरह धीरे-धीरे खत्म किया गया है। फायदा यह होता है कि ग्राहकों में अचानक नकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं होती और कंपनी अपनी छवि बचा लेती है। लेकिन लंबे समय में ब्रांड का अस्तित्व खत्म हो जाता है।

OnePlus: टेक इंडस्ट्री के लिए बड़ा नुकसान

अगर यह रिपोर्ट सही साबित होती है, तो यह पूरी टेक इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा नुकसान होगा। OnePlus ने कभी साबित किया था कि कम कीमत में भी फ्लैगशिप एक्सपीरिएंस संभव है। कंपनी ने ‘फ्लैगशिप किलर’ की अवधारणा दी थी जिसमें प्रीमियम फीचर्स को सस्ती कीमत पर पेश किया जाता था। इससे बड़ी कंपनियों को भी अपनी कीमतें नियंत्रित करनी पड़ीं।

OnePlus ने प्रतिस्पर्धा और इनोवेशन का मतलब बदल दिया था। कंपनी ने दिखाया कि छोटा ब्रांड भी बड़ों को चुनौती दे सकता है अगर उनके पास बेहतर प्रोडक्ट और सही रणनीति हो। अगर OnePlus खत्म होती है तो यह विविधता कम होगी और उपभोक्ताओं के पास विकल्प घटेंगे।

अब सभी की नजरें इस पर हैं कि OPPO आगे क्या कदम उठाता है। क्या वह OnePlus की विरासत को किसी नए रूप में बचा पाएगा या फिर ‘Never Settle’ केवल एक याद बनकर रह जाएगा। आने वाले महीने इस सवाल का जवाब देंगे।

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