HPV वैक्सीन क्या है और क्यों जरूरी है, जानें कैसे यह सर्वाइकल कैंसर से बचाती है, सही उम्र, फायदे और किसे लगवानी चाहिए पूरी जानकारी
सर्वाइकल कैंसर से बचाव का असरदार तरीका, जानें कब और किसे लगवानी चाहिए
HPV vaccine information: एक ऐसा वायरस जो शरीर में बिना किसी लक्षण के वर्षों तक छुपा रहता है और एक दिन अचानक जानलेवा कैंसर का रूप ले लेता है। यह HPV यानी ह्यूमन पैपिलोमा वायरस की असली कहानी है। भारत में महिलाएं प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर खुलकर बात करने से अक्सर हिचकिचाती हैं और यही चुप्पी कई बार सर्वाइकल कैंसर को समय रहते पहचानने में सबसे बड़ी बाधा बन जाती है। लेकिन अब एक वैक्सीन उपलब्ध है जो इस खतरे को जड़ से रोक सकती है।
HPV vaccine information: HPV वायरस क्या होता है और यह इतना खतरनाक क्यों है?
HPV यानी ह्यूमन पैपिलोमा वायरस एक अत्यंत सामान्य वायरस है जो त्वचा और शरीर के कुछ संवेदनशील हिस्सों को प्रभावित करता है। दुनियाभर में इस वायरस के 100 से अधिक प्रकार पाए जाते हैं जिनमें से कुछ विशेष प्रकार बेहद खतरनाक माने जाते हैं।
इस वायरस की सबसे भयावह बात यह है कि यह अधिकतर मामलों में बिना किसी लक्षण के शरीर में बना रहता है। कुछ मामलों में यह स्वयं ठीक हो जाता है लेकिन कई बार यह लंबे समय तक सक्रिय रहकर सर्वाइकल कैंसर, वजाइनल कैंसर, एनल कैंसर और गले के कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की वजह बन सकता है।
HPV vaccine information: HPV वैक्सीन क्या है और यह शरीर में कैसे काम करती है?
HPV वैक्सीन एक विशेष रूप से तैयार किया गया टीका है जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को HPV वायरस के विरुद्ध तैयार करता है। इस वैक्सीन में वायरस जैसा दिखने वाला एक नकली प्रोटीन होता है जो असली वायरस नहीं होता।
जब यह नकली प्रोटीन शरीर में पहुंचता है तो प्रतिरक्षा तंत्र इसे पहचानकर एंटीबॉडी बनाना शुरू कर देता है। भविष्य में जब असली HPV वायरस शरीर में प्रवेश करने की कोशिश करता है तो ये एंटीबॉडी तुरंत सक्रिय होकर उसे नष्ट कर देती हैं। इस तरह संक्रमण फैलने से पहले ही उसे रोक दिया जाता है।
HPV vaccine information: HPV वैक्सीन लगवाने की सबसे सही उम्र क्या है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार लड़कियों के लिए HPV वैक्सीन लगवाने का सबसे उपयुक्त समय 9 से 14 साल की आयु है। इस अवस्था में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली वैक्सीन के प्रति सबसे अधिक सक्रिय और प्रभावी प्रतिक्रिया देती है।
यदि इस उम्र में वैक्सीन नहीं लगी तो 26 साल तक भी इसे लगवाया जा सकता है। 27 से 45 साल की आयु में डॉक्टर की सलाह पर वैक्सीन दी जा सकती है लेकिन 45 साल के बाद आमतौर पर यह टीका प्रभावी नहीं माना जाता क्योंकि अधिकांश लोग तब तक इस वायरस के संपर्क में आ चुके होते हैं।
HPV vaccine information: क्या HPV वैक्सीन सिर्फ लड़कियों के लिए है या लड़कों को भी लगवानी चाहिए?
यह एक बेहद जरूरी सवाल है जिसके बारे में बहुत कम लोगों को पूरी जानकारी है। HPV वैक्सीन केवल लड़कियों के लिए नहीं बल्कि लड़कों के लिए भी उतनी ही आवश्यक है।
पुरुष भी HPV वायरस के वाहक बन सकते हैं और महिलाओं तक यह संक्रमण पहुंचा सकते हैं। इसके साथ ही पुरुषों में भी यह वायरस एनल कैंसर और गले के कैंसर का कारण बन सकता है। जब लड़के और लड़कियां दोनों यह टीका लगवाते हैं तो समाज में हर्ड इम्यूनिटी बनती है जो पूरे समुदाय को इस वायरस से सुरक्षित करती है।
HPV vaccine information: HPV वैक्सीन किन गंभीर बीमारियों से बचाती है?
स्त्री रोग विशेषज्ञों के अनुसार HPV वैक्सीन का सबसे बड़ा लाभ सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम है जो गर्भाशय की ग्रीवा में विकसित होता है। भारत में यह महिलाओं में होने वाले कैंसरों में दूसरा सबसे आम प्रकार है और इसका मुख्य कारण HPV वायरस ही है।
इसके अलावा यह वैक्सीन वजाइनल कैंसर, एनल कैंसर और मुंह व गले के कैंसर से भी सुरक्षा प्रदान करती है। HPV वायरस के कारण जननांगों में होने वाले मस्सों की समस्या से भी यह टीका बचाव करता है जो एक संक्रामक और असुविधाजनक स्थिति होती है।
HPV vaccine information: सर्वाइकल कैंसर और HPV का आपस में क्या संबंध है?
सर्वाइकल कैंसर यानी गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर गर्भाशय के निचले हिस्से में विकसित होता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार सर्वाइकल कैंसर के लगभग सभी मामलों की जड़ में HPV संक्रमण होता है।
यह वायरस धीरे धीरे स्वस्थ कोशिकाओं को असामान्य कोशिकाओं में बदल देता है और वर्षों की प्रक्रिया के बाद यह कैंसर का रूप ले लेता है। चूंकि इस पूरी प्रक्रिया में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते, इसलिए समय पर जांच और वैक्सीन ही इससे बचाव के दो सबसे कारगर उपाय हैं।
HPV vaccine information: HPV वैक्सीन लगवाने से पहले किन बातों का ध्यान रखें?
किसी भी वैक्सीन की तरह HPV वैक्सीन भी हमेशा प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी से ही लगवानी चाहिए। यदि किसी को पहले से कोई गंभीर एलर्जी है या वह गर्भवती है तो डॉक्टर से परामर्श करना अनिवार्य है।
वैक्सीन आमतौर पर दो या तीन खुराक में दी जाती है और खुराकों के बीच का अंतराल डॉक्टर द्वारा निर्धारित किया जाता है। वैक्सीन लगवाने के बाद भी नियमित स्वास्थ्य जांच जारी रखनी चाहिए क्योंकि वैक्सीन सभी प्रकार के HPV से नहीं बचाती।
निष्कर्ष
HPV वैक्सीन आधुनिक चिकित्सा विज्ञान का एक ऐसा उपहार है जो लाखों महिलाओं और पुरुषों को एक गंभीर और जानलेवा बीमारी से बचा सकता है। सर्वाइकल कैंसर जैसी बीमारी जो भारत में हर साल अनगिनत परिवारों को तोड़ती है, उसकी रोकथाम अब संभव है। जरूरत है तो केवल जागरूकता और सही समय पर कदम उठाने की। अपने परिवार के बच्चों और किशोरियों को यह वैक्सीन समय पर लगवाएं और अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या डॉक्टर से आज ही संपर्क करें।
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