Aaj Ka Mausam 1 August 2026: 20 राज्यों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट, जानें पूरे देश का मौसम अपडेट
गुजरात में अति भारी बारिश, दिल्ली-यूपी-बिहार समेत कई राज्यों में IMD का अलर्ट
Aaj Ka Mausam 1 August 2026: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार 1 अगस्त 2026 को मानसून पूरे देश में अत्यधिक सक्रिय अवस्था में रहेगा। अगस्त महीने के पहले ही दिन मौसम विभाग ने देश के लगभग 20 राज्यों के लिए तेज हवाओं, मेघगर्जन, वज्रपात और भारी से अति भारी बारिश का व्यापक अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी और मध्य भारत के बड़े हिस्से में मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा, जबकि उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी-तूफान की आशंका जताई गई है। विशेष रूप से गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई जिलों में जलभराव, नदियों के उफान और फ्लैश फ्लड का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। दूसरी ओर दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और बिहार में भी दिनभर बादलों का डेरा रहेगा और रुक-रुक कर बौछारें पड़ने से तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।
दिल्ली-एनसीआर में बादलों का डेरा और हल्की से मध्यम बौछारें
देश की राजधानी दिल्ली और उससे सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में शनिवार को मौसम का मिजाज काफी खुशनुमा लेकिन उमस भरा रहने वाला है। सुबह से ही आसमान में काले बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। दोपहर और शाम के समय कई इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ छींटे पड़ने का पूर्वानुमान है। इस दौरान 25 से 35 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा सकता है।
बारिश के कारण भले ही तापमान में थोड़ी राहत मिले, लेकिन हवा में नमी का स्तर बहुत अधिक होने से दिनभर उमस की स्थिति बनी रहेगी। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी ऐसा ही मौसम रहेगा। दिल्ली-एनसीआर के कुछ निचले इलाकों में तात्कालिक जलभराव की समस्या हो सकती है, इसलिए वाहन चालकों और दफ्तर जाने वालों को सड़क यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी रफ्तार में, कई जिलों में तेज आंधी और बारिश
उत्तर प्रदेश के लगभग सभी जिलों में शनिवार को मानसून पूरी तरह मेहरबान रहेगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, अलीगढ़, आगरा, मथुरा और हाथरस में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश होने की प्रबल संभावना है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों जैसे लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर और बस्ती में भी दिनभर छिटपुट से लेकर तेज बौछारें पड़ सकती हैं।
राजधानी लखनऊ में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। मौसम केंद्र ने चेतावनी दी है कि राज्य के कुछ हिस्सों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने खेतों में जमा अतिरिक्त पानी की निकासी का सही प्रबंध रखें, ताकि फसलों को नुकसान न पहुंचे। शहरों में तेज बारिश के कारण ट्रैफिक जाम की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।
बिहार और पूर्वी भारत में नदियां उफान पर, कई जिलों में येलो अलर्ट
पूर्वी भारत के राज्य बिहार में भी मानसून की गतिविधियां काफी तेज बनी हुई हैं। शनिवार को राज्य के सीवान, कटिहार, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण और सारण जिलों में मूसलाधार बारिश होने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने बिहार के करीब 18 जिलों में बिजली गिरने (आकाशीय बिजली) और तेज आंधी चलने को लेकर पीला (येलो) अलर्ट जारी किया है। राजधानी पटना और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर बादल छाए रहेंगे और बीच-बीच में हल्की से मध्यम बारिश की फुहारें पड़ती रहेंगी।
कोसी और सीमांचल क्षेत्र के जिलों में मानसूनी बादल जमकर बरसेंगे, जिससे स्थानीय नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी देखी जा सकती है। बिहार के पड़ोसी राज्यों झारखंड और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी मध्यम से भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। पूर्वी भारत के पहाड़ी और तराई क्षेत्रों से आने वाली नदियों के प्रवाह पर प्रशासन पैनी नजर बनाए हुए है।
गुजरात और महाराष्ट्र में जलप्रलय जैसी स्थिति, फ्लैश फ्लड का अलर्ट
शनिवार को मौसम विभाग की सबसे बड़ी चिंता गुजरात राज्य को लेकर है, जहाँ कुदरत का प्रचंड रूप देखने को मिल सकता है। सौराष्ट्र, कच्छ और दक्षिण गुजरात के कई जिलों में असाधारण रूप से भारी बारिश (Extremely Heavy Rainfall) होने की चेतावनी जारी की गई है। लगातार बारिश के कारण गुजरात के निचले इलाकों में जलभराव, सडकों का बहना और फ्लैश फ्लड (अचानक आने वाली बाढ़) का गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
महाराष्ट्र की बात करें तो कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और विदर्भ के इलाकों में भी भारी से बहुत भारी वर्षा का अनुमान है। मुंबई और उसके उपनगरीय इलाकों में भी समुद्र में ऊंची लहरें उठने और तेज बारिश का अंदेशा है। राजस्थान के पूर्वी जिलों और मध्य प्रदेश के मालवा व निमाड़ अंचल में भी मूसलाधार बारिश से नदियां-नाले उफान पर आ सकते हैं। प्रशासन ने इन सभी राज्यों के नागरिकों से अपील की है कि वे अत्यधिक आवश्यकता न होने पर लंबी दूरी की यात्रा करने से बचें और स्थानीय आपदा प्रबंधन की हिदायतों का पालन करें।
पहाड़ी राज्यों में लैंडस्लाइड का खतरा, उत्तर-पश्चिम भारत का हाल
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के पर्वतीय क्षेत्रों में मानसूनी बादल जमकर बरस रहे हैं। शनिवार को इन पहाड़ी राज्यों में व्यापक वर्षा, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने का अनुमान व्यक्त किया गया है। पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश से चट्टानें खिसकने यानी भूस्खलन (Landslides) और भू-धंसाव का खतरा काफी बढ़ गया है। केदारनाथ, बद्रीनाथ और मनाली जैसे पर्यटन मार्गों पर जाने वाले यात्रियों और स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने और संवेदनशील रास्तों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है। पंजाब और हरियाणा के मैदानी इलाकों में भी कई स्थानों पर तूफानी हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में भी दिनभर बादल छाए रहने और मध्यम बारिश होने के आसार हैं।
तापमान का गणित, उमस की स्थिति और अगस्त का मानसूनी ट्रेंड
देश के अधिकांश मैदानी और तटीय इलाकों में शनिवार को अधिकतम तापमान 32 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा सकता है। बारिश की वजह से दिन के तापमान में 2 से 4 डिग्री की गिरावट देखने को मिलेगी, लेकिन वातावरण में अत्यधिक नमी की मौजूदगी के कारण उमस का स्तर काफी ऊंचा बना रहेगा। दक्षिण भारत के राज्यों तमिलनाडु, केरल और तटीय कर्नाटक में भी बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हालांकि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने पूरे अगस्त महीने के दौरान समग्र रूप से देश में औसत से थोड़ी कम बारिश का दीर्घकालिक पूर्वानुमान जताया है, लेकिन अगस्त के शुरुआती चार से पांच दिनों में मानसून की यह सक्रियता देश के बड़े हिस्से को तरबतर करती रहेगी और जलाशयों में पानी का स्तर बढ़ाने में मददगार साबित होगी।
यातायात, रेल और हवाई सेवाओं पर असर की संभावना
मूसलाधार बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलने वाली हवाओं के कारण देश के कई बड़े महानगरों में जनजीवन और यातायात प्रभावित हो सकता है। दिल्ली-एनसीआर के निचले मार्गों, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे, गुजरात के राज्य राजमार्गों और उत्तराखंड व हिमाचल प्रदेश के राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करते समय यात्रियों को विशेष ध्यान रखना होगा। खराब मौसम और कम दृश्यता (Visibility) के कारण कुछ उड़ानों के डायवर्जन और ट्रेनों के अपनी निर्धारित समय-सारणी से देरी से चलने की पूरी संभावना है। अभिभावकों को भी सलाह दी गई है कि बच्चों को स्कूल भेजते समय मौसम के ताजा अपडेट्स पर नजर रखें।
नागरिकों और किसानों के लिए जरूरी सावधानियां
मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भारी बारिश से प्रभावित इलाकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। लोगों को उफान पर बह रही नदियों, बरसाती नालों और जलभराव वाले जलजमाव स्थलों से दूर रहने की ताकीद की गई है। बारिश और तेज आंधी के समय बड़े और पुराने वृक्षों, होर्डिंग्स तथा बिजली के खंभों व ट्रांसफॉर्मरों के नीचे शरण बिल्कुल न लें।
दिल्ली और यूपी के निवासियों को सलाह दी गई है कि वे उमस से बचने के लिए हल्के और ढीले सूती कपड़े पहनें तथा शरीर में पानी की कमी न होने दें। किसानों को सलाह है कि वे अपने मवेशियों को पक्के बाड़ों में बांधें और तैयार फसलों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएं।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, 1 अगस्त 2026 को मानसून की जबरदस्त सक्रियता देखने को मिलेगी। एक तरफ जहाँ पश्चिमी भारत और गुजरात में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त होने का खतरा है, वहीं उत्तर और पूर्वी भारत के राज्यों में बारिश की ये बौछारें भीषण गर्मी से राहत दिलाएंगी। मौसम पल-पल बदल रहा है, इसलिए किसी भी प्रकार की यात्रा या बाहरी योजना बनाने से पहले मौसम केंद्र द्वारा जारी किए जाने वाले नवीनतम बुलेटिन और चेतावनियों पर ध्यान देना ही समझदारी होगी।
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