ब्रह्म मुहूर्त में नींद खुलना है शुभ संकेत,- जानें सुबह 3-4 बजे जागने के आध्यात्मिक और वैज्ञानिक कारण

सुबह 3-4 बजे जागना आध्यात्मिक जागृति और स्वास्थ्य का संकेत, ब्रह्म मुहूर्त में ध्यान-योग सर्वोत्तम

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Sleep Sign: क्या आपकी नींद अक्सर सुबह 3 से 4 बजे के बीच अपने आप खुल जाती है? अगर हां, तो इसे महज संयोग या नींद में खलल न समझें। प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा, योग शास्त्र और आधुनिक विज्ञान – दोनों ही इस समय को विशेष महत्व देते हैं। यह वह पवित्र समय है जिसे ‘ब्रह्म मुहूर्त’ कहा जाता है और इस दौरान स्वतः जाग जाना कई गहरे अर्थों का संकेत हो सकता है।

Sleep Sign: ब्रह्म मुहूर्त क्या है और इसका महत्व

ब्रह्म मुहूर्त वह पवित्र समय है जो सूर्योदय से लगभग डेढ़ घंटे पहले शुरू होता है। सामान्यतः यह सुबह 3 बजकर 30 मिनट से 5 बजकर 30 मिनट के बीच होता है।

  • शाब्दिक अर्थ: ‘ब्रह्म’ का अर्थ है परम चेतना या ईश्वर, और ‘मुहूर्त’ का अर्थ है समय की एक विशेष अवधि।

  • प्रकृति का प्रभाव: यह वह समय है जब प्रकृति में सात्विकता का प्रभाव सर्वाधिक होता है और वातावरण शांत, स्वच्छ और ऊर्जावान होता है।

Sleep Sign: आध्यात्मिक और सकारात्मक संकेत

  1. सकारात्मक ऊर्जा का संचार: जब व्यक्ति के शरीर और मन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है, तो नींद स्वाभाविक रूप से ब्रह्म मुहूर्त में खुल जाती है। यह संतुलित अवस्था का संकेत है।

  2. दिव्य शक्तियों का मार्गदर्शन: माना जाता है कि ब्रह्मांडीय चेतना अधिक सक्रिय होती है और आपका अंतर्मन उससे जुड़ने के लिए तैयार होता है। यह आत्म-चिंतन के लिए सर्वोत्तम समय है।

  3. आध्यात्मिक जागृति का प्रतीक: चेतना का स्तर ऊंचा होने पर शरीर की आंतरिक घड़ी स्वतः ही सक्रिय हो जाती है। इस समय आत्म-साक्षात्कार की संभावना बढ़ जाती है।

  4. ईश्वरीय आशीर्वाद: धार्मिक दृष्टिकोण से इस पवित्र घड़ी में स्वतः जाग जाना ईश्वर के आशीर्वाद और पिछले जन्मों के अच्छे कर्मों का फल माना जाता है।

Sleep Sign: वैज्ञानिक दृष्टिकोण

  • ऑक्सीजन और प्रदूषण: इस समय वातावरण में ऑक्सीजन का स्तर सर्वाधिक होता है और प्रदूषण न्यूनतम होता है।

  • जैविक घड़ी (Circadian Rhythm): शरीर को जागने के लिए तैयार करने वाला कोर्टिसोल हार्मोन इसी समय स्रावित होना शुरू होता है।

  • मानसिक स्वास्थ्य: वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, इस समय जागने वालों में अवसाद, चिंता और तनाव कम होता है तथा स्मृति और निर्णय लेने की क्षमता बेहतर होती है।

  • शारीरिक लाभ: बेहतर मेटाबोलिज्म, स्वस्थ पाचन तंत्र और मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली।

Sleep Sign: इस समय क्या करें

  • ध्यान और प्राणायाम: मन को शांत करने और आध्यात्मिक विकास के लिए।

  • मंत्र जाप: अपने इष्ट देव का नाम लें; यह समय मंत्र सिद्धि के लिए सर्वोत्तम है।

  • योगाभ्यास: हल्के योगासन और सूर्य नमस्कार करें।

  • स्वाध्याय: धार्मिक या आध्यात्मिक ग्रंथों का पाठ करें।

  • सकारात्मक संकल्प: दिनभर के लिए लक्ष्य निर्धारित करें।

Sleep Sign: सावधानियां

  • नींद का चक्र: यदि आप रात 11 बजे के बाद सोते हैं, तो 3 बजे जागना स्वास्थ्यकर नहीं होगा। रात 9-10 बजे तक सोने की आदत डालें।

  • आराम की जरूरत: यदि आप थकान महसूस कर रहे हैं, तो जबरदस्ती जागे रहने की जरूरत नहीं है।

  • चिकित्सकीय परामर्श: यदि नींद बार-बार टूटती है और आप थकान महसूस करते हैं, तो यह किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है।

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