Vrishabh Sankranti 2026: 15 मई को सूर्य देव की कृपा पाने के लिए जपें ये 5 शक्तिशाली मंत्र, मनोकामनाएं होंगी पूरी

15 मई की वृषभ संक्रांति पर सूर्य देव के इन शक्तिशाली मंत्रों का जप सुख, समृद्धि और सफलता दिला सकता है

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Vrishabh Sankranti 2026: आज वृषभ संक्रांति का पावन पर्व है। जब सूर्य देव मेष राशि से निकलकर शुक्र की राशि ‘वृषभ’ में प्रवेश करते हैं, तो इसे वृषभ संक्रांति कहा जाता है। ज्योतिष शास्त्र में यह गोचर स्थिरता, धन और भौतिक सुखों में वृद्धि करने वाला माना गया है। इस दिन सूर्य उपासना, दान और मंत्र जप का विशेष महत्व है। विशेष रूप से इस वर्ष यह संक्रांति शुक्रवार को पड़ रही है, जिससे इसका महत्व और भी बढ़ गया है। आइए जानते हैं उन 5 दिव्य मंत्रों के बारे में जो आज आपकी किस्मत बदल सकते हैं।

वृषभ संक्रांति का ज्योतिषीय महत्व क्या है?

वृषभ संक्रांति के दिन सूर्य की ऊर्जा पृथ्वी पर विशेष सकारात्मक प्रभाव डालती है। वृषभ राशि पृथ्वी तत्व की राशि है, जो धैर्य और समृद्धि का प्रतीक है। ज्योतिषियों के अनुसार, आज के दिन किया गया दान और पूजन आने वाले पूरे महीने के लिए शुभ फल सुनिश्चित करता है। आज सुबह पवित्र नदियों में स्नान करने या घर पर गंगाजल मिश्रित जल से स्नान करने के बाद सूर्य को अर्घ्य देना उत्तम फलदायी होता है।

मनोकामना पूर्ति के लिए कौन सा मंत्र जपें?

यदि आपकी कोई विशेष इच्छा अधूरी है, तो आज वृषभ संक्रांति पर इस मंत्र का जप करें:

ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणराय मनोवांछित फलम् देहि देहि स्वाहा॥

यह मंत्र इच्छित फलों की प्राप्ति के लिए अचूक माना जाता है। सुबह अर्घ्य देने के बाद लाल चंदन की माला से 108 बार इसका जप करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और कार्यों में सफलता मिलती है।

आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए सूर्य मूल मंत्र?

आज के दिन सूर्य के मूल मंत्र का जप करने से मानसिक शक्ति और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है:

ॐ घृणिसूर्याय नमः॥

यह मंत्र सरल है लेकिन अत्यंत प्रभावशाली है। छात्रों और सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लोगों के लिए यह मंत्र विशेष रूप से लाभकारी है, क्योंकि यह सूर्य के नकारात्मक प्रभावों को खत्म कर एकाग्रता को बढ़ाता है।

अच्छे स्वास्थ्य के लिए आरोग्य मंत्र?

यदि आप या आपके परिवार में कोई लंबे समय से बीमार है, तो आज आरोग्य मंत्र का पाठ जरूर करें:

ॐ नमः सूर्याय शान्ताय सर्वरोगनिवारिणे। आयुरारोग्यमैश्वर्यं देहि देव जगत्पते॥

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूर्य देव आरोग्य के देवता हैं। वृषभ संक्रांति पर इस मंत्र का श्रद्धापूर्वक जप करने से शारीरिक ऊर्जा बढ़ती है और नेत्र व हृदय रोगों में लाभ मिलता है।

मानसिक शांति के लिए सूर्य बीज मंत्र?

तनावपूर्ण जीवनशैली और नकारात्मक विचारों से मुक्ति पाने के लिए इस बीज मंत्र का सहारा लें:

ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः॥

यह बीज मंत्र जातक के आभा मंडल (Aura) को शुद्ध करता है और आत्मविश्वास में वृद्धि करता है। व्यापारियों के लिए यह मंत्र आज के दिन विशेष उन्नति के द्वार खोल सकता है।

आध्यात्मिक उन्नति के लिए सूर्य गायत्री मंत्र?

बुद्धि की प्रखरता और आध्यात्मिक चेतना के लिए सूर्य गायत्री मंत्र सर्वश्रेष्ठ है:

ॐ आदित्याय विद्महे प्रभाकराय धीमहि, तन्नः सूर्यः प्रचोदयात्॥

यह मंत्र गायत्री की शक्ति और सूर्य के तेज का मिश्रण है। आज इसका जप करने से पूरे वर्ष सूर्य देव का सुरक्षा कवच आपके साथ रहता है, जिससे समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है।

पूजा के दौरान क्या सावधानियां बरतें?

वृषभ संक्रांति पर पूजा करते समय कुछ बातों का विशेष ध्यान रखें:

  • सुबह सूर्योदय से पूर्व उठें और स्नान के बाद तांबे के लोटे से सूर्य को जल दें।

  • अर्घ्य के जल में लाल फूल, अक्षत और थोड़ा गुड़ जरूर डालें।

  • मंत्र जप के दौरान आपका मुख पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए।

  • आज के दिन तामसिक भोजन (प्याज, लहसुन, मांस-मदिरा) से पूरी तरह परहेज करें।

  • गरीबों को गेहूं, गुड़ या तांबे के बर्तनों का दान करना इस दिन के पुण्य को कई गुना बढ़ा देता है।

Vrishabh Sankranti 2026: निष्कर्ष

15 मई 2026 की यह वृषभ संक्रांति सूर्य देव की असीम कृपा प्राप्त करने का सुनहरा अवसर है। ऊपर दिए गए मंत्रों में से अपनी आवश्यकतानुसार किसी भी मंत्र का चयन कर श्रद्धापूर्वक जप करें। सूर्य देव की कृपा से न केवल आपका स्वास्थ्य बेहतर होगा, बल्कि जीवन में सुख, समृद्धि और ऐश्वर्य का आगमन भी होगा।

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