रोज धूप सेंकने के बाद भी विटामिन D कम? डॉक्टर ने खोली 2 बड़ी गलतियां, बाइल फ्लो की कमी और लगातार तनाव, इनसे लिवर-किडनी-पेट की बीमारियां बढ़ती हैं!
रोज धूप सेंकने के बावजूद विटामिन D कम रहता है? बाइल फ्लो की कमी और लगातार तनाव दो मुख्य कारण, जानें सुधार के आसान उपाय
Vitamin D deficiency causes: आजकल हर दूसरे व्यक्ति की लैब रिपोर्ट में विटामिन डी की कमी सामने आ रही है। लेकिन सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जो लोग रोजाना सुबह की धूप लेते हैं, विटामिन डी से भरपूर खाना खाते हैं और डॉक्टर की लिखी गोलियां भी खाते हैं, उनके शरीर में भी यह विटामिन पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पाता। यह स्थिति बेहद निराशाजनक और चिंताजनक दोनों है। न्यूट्रिशनिस्ट नेहा रंगलानी ने इस रहस्य से पर्दा उठाया है और बताया है कि धूप और दवा के बावजूद शरीर में विटामिन डी कम क्यों रहता है। इसके पीछे सिर्फ दो मुख्य कारण हैं जिन्हें जानना हर किसी के लिए जरूरी है।
Vitamin D deficiency causes: विटामिन डी की कमी क्यों है खतरनाक
शरीर में विटामिन डी की कमी सिर्फ हड्डियों को कमजोर नहीं करती बल्कि इसके दुष्प्रभाव कहीं अधिक व्यापक हैं। जब शरीर में विटामिन डी का स्तर गिरता है तो रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ जाती है जिससे व्यक्ति बार-बार बीमार पड़ने लगता है। थकान, मांसपेशियों में दर्द, मूड में बदलाव और अवसाद भी विटामिन डी की कमी के संकेत हो सकते हैं। बच्चों में यह कमी रिकेट्स जैसी गंभीर बीमारी पैदा कर सकती है जबकि बड़ों में ऑस्टियोपोरोसिस यानी हड्डियों के कमजोर होने का खतरा बढ़ जाता है। इसीलिए यह समझना जरूरी है कि सिर्फ धूप लेने या गोली खाने से काम नहीं चलता।
Vitamin D deficiency causes: पहला कारण है बाइल फ्लो की कमी
बहुत कम लोग जानते हैं कि विटामिन डी एक फैट सॉल्युबल विटामिन है। इसका मतलब यह है कि यह विटामिन शरीर में तभी ठीक से काम कर पाता है जब उसके साथ वसा यानी फैट का अवशोषण भी सही तरीके से हो। और यहीं पर बाइल की भूमिका सामने आती है। बाइल एक पाचक रस है जो लिवर बनाता है और पित्ताशय यानी गॉल ब्लैडर में इकट्ठा होता है। जब भी हम कुछ वसायुक्त भोजन खाते हैं तो यह बाइल छोटी आंत में पहुंचता है और वसा को छोटे-छोटे कणों में तोड़ता है। इसी प्रक्रिया के दौरान विटामिन डी, विटामिन ए, विटामिन ई और विटामिन के जैसे फैट सॉल्युबल विटामिन रक्त में अवशोषित होते हैं।
Vitamin D deficiency causes: बाइल फ्लो को बेहतर बनाने के उपाय
अगर किसी कारण से बाइल फ्लो कम हो जाए तो चाहे आप कितनी भी धूप लें, विटामिन डी शरीर में ठीक से पहुंच ही नहीं पाएगा। इसे स्वस्थ रखने के लिए खाने में कड़वे स्वाद वाली सब्जियां जैसे करेला, मेथी, मूली और अरुगुला शामिल करें। अपने भोजन में स्वस्थ वसा जैसे जैतून का तेल, अखरोट, बादाम, अलसी और चिया सीड्स का समावेश करें। बहुत कम वसा वाली डाइट यानी लो फैट डाइट का अत्यधिक पालन करने से बचें क्योंकि इससे बाइल फ्लो पर बुरा असर पड़ सकता है। खाने के बाद थोड़ी सैर करें और लिवर को स्वस्थ रखने के लिए साबुत अनाज का सेवन करें।
Vitamin D deficiency causes: दूसरा कारण है लगातार बना रहने वाला तनाव
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव विटामिन डी की कमी के लिए भी जिम्मेदार हो सकता है। हमारा शरीर कोलेस्ट्रॉल का उपयोग कई जरूरी हार्मोन बनाने के लिए करता है। इनमें से दो सबसे महत्वपूर्ण हैं कोर्टिसोल जिसे स्ट्रेस हार्मोन भी कहते हैं और विटामिन डी हार्मोन। जब हम तनाव में होते हैं तो शरीर की प्राथमिकता कोर्टिसोल का उत्पादन बढ़ाना हो जाती है। नतीजा यह होता है कि जो कोलेस्ट्रॉल विटामिन डी हार्मोन बनाने के लिए इस्तेमाल होनी चाहिए थी वह कोर्टिसोल बनाने में खर्च हो जाती है।
Vitamin D deficiency causes: तनाव कम करने के प्रभावी तरीके
तनाव से मुक्ति पाना और विटामिन डी का स्तर ठीक रखना एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। रात को पर्याप्त और गहरी नींद लेना सबसे पहली जरूरत है। रोजाना सुबह की धूप में थोड़ा समय बिताएं क्योंकि यह मूड को बेहतर बनाने वाले हार्मोन सेरोटोनिन का उत्पादन बढ़ाती है। प्राणायाम और मेडिटेशन कोर्टिसोल के स्तर को कम करने में बेहद प्रभावी हैं। खाने में ऐसी चीजें शामिल करें जो ब्लड शुगर को स्थिर रखें क्योंकि ब्लड शुगर में उतार-चढ़ाव भी तनाव बढ़ाता है। प्रकृति के बीच कुछ समय बिताएं और नियमित व्यायाम करें। ये सभी उपाय शरीर में विटामिन डी के स्तर को सामान्य बनाए रखने में मदद करेंगे।
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