हापुड़ में भाजपा नेता पर जानलेवा हमला, बाल-बाल बची जान, पिस्तौल का ट्रिगर दबा लेकिन नहीं चली गोली

पूर्व मंत्री मदन चौहान पर फॉर्च्यूनर सवार बदमाशों ने किया हमला, पुलिस जांच में जुटी

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Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के हापुड़ जिले में रविवार रात एक ऐसी घटना घटी जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री मदन चौहान पर सफेद फॉर्च्यूनर में सवार अज्ञात बदमाशों ने जानलेवा हमला करने का प्रयास किया। घटना इतनी भयावह थी कि हमलावरों ने भरे इलाके में नेता पर पिस्तौल तानकर गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि, किस्मत ने साथ दिया और पिस्तौल का ट्रिगर दबने के बावजूद गोली नहीं चली, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई। यह घटना गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली क्षेत्र के गांव हिरणपुरा में हुई जहां मदन चौहान एक सगाई समारोह में शामिल होने जा रहे थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है।

Uttar Pradesh: सगाई समारोह में जाते समय रोकी गाड़ी

रविवार रात को भाजपा नेता और तीन बार विधायक रहे मदन चौहान गांव हिरणपुरा में एक सगाई समारोह में शामिल होने जा रहे थे। जब उनकी गाड़ी गांव के पास पहुंची, तो अचानक एक सफेद रंग की फॉर्च्यूनर कार ने उनकी गाड़ी को रोक दिया।

फॉर्च्यूनर में सवार तीन से चार बदमाशों ने पूर्व मंत्री की गाड़ी को घेर लिया। शुरुआत में उन्होंने मदन चौहान के साथ अभद्र व्यवहार किया और गाली-गलौज की। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब बदमाशों ने पिस्तौल निकालकर नेता पर तान दी।

मदन चौहान ने बाद में पुलिस को बताया कि बदमाशों का इरादा उन्हें मारने का था। हमलावरों ने ड्राइवर की तरफ से पिस्तौल का ट्रिगर भी दबाया, लेकिन किसी तकनीकी खराबी या अन्य कारण से गोली नहीं चली। यह सचमुच एक चमत्कार था जिसने पूर्व मंत्री की जान बचा ली।

सुरक्षाकर्मियों ने की पकड़ने की कोशिश, फरार हुए आरोपी

जब बदमाशों ने पूर्व मंत्री पर हमला किया, तो उनके साथ मौजूद सुरक्षाकर्मियों और अन्य लोगों ने तत्परता दिखाई। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया।

हालांकि, बदमाश पहले से तैयार थे और उन्होंने फुर्ती से फॉर्च्यूनर में सवार होकर मौके से भागने में सफलता पा ली। सुरक्षाकर्मियों के हाथ कुछ नहीं आया और हमलावर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।

घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। एक लोकप्रिय नेता और पूर्व मंत्री पर इस तरह का खुलेआम हमला क्षेत्र में (Uttar Pradesh) कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

Uttar Pradesh: पूर्व मंत्री ने दर्ज कराई शिकायत

घटना के तुरंत बाद मदन चौहान ने गढ़मुक्तेश्वर पुलिस स्टेशन में इस हमले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। अपनी शिकायत में उन्होंने पूरी घटना का विस्तृत विवरण दिया और बताया कि कैसे बदमाशों ने उन पर जानलेवा हमला करने की कोशिश की।

पूर्व मंत्री ने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए और इस मामले की गहन जांच की जाए।

मदन चौहान ने यह भी कहा कि यह पहली बार नहीं है जब उन पर हमला हुआ हो। इससे पहले भी खनन माफियाओं ने उन पर हमला किया था। इसलिए वे अपनी सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं।

कौन हैं मदन चौहान?

मदन चौहान उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक परिचित नाम हैं। वे तीन बार विधायक रह चुके हैं और समाजवादी पार्टी की सरकार में मंत्री भी रहे हैं। बाद में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन कर ली और वर्तमान में भाजपा में सक्रिय हैं।

हापुड़ क्षेत्र में मदन चौहान को एक लोकप्रिय जननेता माना जाता है। उनका जनाधार काफी मजबूत है और वे हमेशा जनता के मुद्दों को उठाते रहे हैं। पूर्व में उन पर खनन माफियाओं द्वारा हमला किए जाने की घटना भी सामने आ चुकी है। यह दर्शाता है कि स्थानीय माफियाओं और अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ उनका सख्त रुख रहा है।

Uttar Pradesh: पुलिस ने की जांच शुरू

घटना की जानकारी मिलते ही हापुड़ पुलिस सक्रिय हो गई। एएसपी विनीत भटनागर ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण किया और पूर्व मंत्री मदन चौहान से मिलकर उनका पक्ष सुना।

एएसपी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि थाना गढ़मुक्तेश्वर के गांव हिरणपुरा में एक वैवाहिक समारोह के दौरान पूर्व मंत्री मदन चौहान के साथ अभद्रता और जानलेवा हमले के प्रयास की सूचना मिली थी।

पुलिस अधिकारी के अनुसार, जब पूर्व मंत्री गांव में प्रवेश कर रहे थे, तब एक सफेद फॉर्च्यूनर में सवार युवकों ने उनके साथ बदतमीजी की और ड्राइवर की साइड से पिस्तौल दिखाकर ट्रिगर दबाया। एएसपी ने आश्वासन दिया कि मदन चौहान पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनकी तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है।

Uttar Pradesh: मिले महत्वपूर्ण सुराग

पुलिस ने दावा किया है कि जांच में कुछ महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। एएसपी विनीत भटनागर ने कहा कि इन सुरागों के आधार पर जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।

पुलिस ने घटनास्थल से सबूत एकत्र किए हैं और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। सफेद फॉर्च्यूनर की पहचान करने और उसके मालिक का पता लगाने के प्रयास जारी हैं। स्थानीय मुखबिरों से भी जानकारी एकत्र की जा रही है। पुलिस का मानना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कानून व्यवस्था पर सवाल

इस घटना ने हापुड़ जिले में कानून व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता पर सरेआम इस तरह का जानलेवा हमला करने की कोशिश चिंताजनक है।

स्थानीय लोगों और राजनीतिक हलकों में इस घटना की कड़ी निंदा की जा रही है। कई नेताओं ने सोशल मीडिया पर इस हमले की निंदा करते हुए पुलिस से त्वरित कार्रवाई की मांग की है। विपक्षी दलों ने भी इस मामले को उठाया है और सरकार से सवाल पूछे हैं कि अगर एक पूर्व मंत्री सुरक्षित नहीं है तो आम जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।

Uttar Pradesh: हमले के पीछे का कारण अभी अस्पष्ट

अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मदन चौहान पर इस हमले के पीछे क्या कारण हो सकता है। पुलिस विभिन्न कोणों से जांच कर रही है।

एक संभावना यह है कि यह हमला किसी पुरानी रंजिश या राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से जुड़ा हो सकता है। दूसरी संभावना यह है कि खनन माफिया या अन्य अवैध गतिविधियों में लिप्त लोग मदन चौहान के सख्त रुख से नाराज होकर उन्हें डराने या नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हों। पुलिस सभी संभावनाओं की जांच कर रही है और आरोपियों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी को प्राथमिकता दे रही है।

किस्मत की मेहरबानी

इस पूरी घटना में सबसे आश्चर्यजनक और राहत देने वाली बात यह रही कि ट्रिगर दबने के बावजूद पिस्तौल से गोली नहीं चली। यह सचमुच एक चमत्कार जैसा ही था।

तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, पिस्तौल में कई कारणों से गोली नहीं चल सकती – गोली का जाम हो जाना, हथियार में तकनीकी खराबी, या फायरिंग पिन का काम न करना। जो भी कारण रहा हो, इसने निश्चित रूप से मदन चौहान की जान बचा ली। स्थानीय लोग इसे ईश्वरीय कृपा मान रहे हैं। मदन चौहान के समर्थकों ने मंदिरों में पूजा-अर्चना की और उनकी सुरक्षा के लिए प्रार्थना की।

Uttar Pradesh: निष्कर्ष

हापुड़ में भाजपा नेता और पूर्व मंत्री मदन चौहान पर हुआ यह हमला एक गंभीर घटना है। यह न केवल कानून व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि राजनीतिक हिंसा और अपराधीकरण की समस्या कितनी गहरी है। पुलिस के सामने अब चुनौती है कि वह जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करे और यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। मदन चौहान की जान बच गई, यह सौभाग्य की बात है, लेकिन अगली बार किस्मत साथ दे या न दे, यह कोई नहीं जानता। इसलिए जरूरी है कि पुलिस सख्त कार्रवाई करे और ऐसे तत्वों को कड़ा संदेश दे।

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