यूपी विधानसभा में आज से बजट पर चर्चा शुरू, विपक्ष की आलोचना का सीएम योगी देंगे जवाब
दो-तीन दिन चलेगी बजट चर्चा, शाहजहांपुर और भदोही में राज्य विश्वविद्यालयों के विधेयक भी होंगे पारित, विधान परिषद में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव
UP Buget Session: उत्तर प्रदेश विधानमंडल के चल रहे सत्र में सोमवार से एक महत्वपूर्ण चरण शुरू होने जा रहा है। विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर चर्चा आज से प्रारंभ होगी, जो अगले दो-तीन दिनों तक चलने की संभावना है। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना पहले विधायकों को बजट पर अपने विचार रखने का अवसर देंगे। विपक्षी दलों के नेता बजट की आलोचना करेंगे और सरकार की नीतियों पर सवाल उठाएंगे। इसके बाद अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विपक्ष की सभी आलोचनाओं और आरोपों का विस्तृत जवाब देंगे। इसके अलावा सोमवार को प्रदेश सरकार उच्च शिक्षा से जुड़े दो महत्वपूर्ण विधेयक भी विधानसभा से पारित कराएगी। ये विधेयक शाहजहांपुर और भदोही में नए राज्य विश्वविद्यालयों की स्थापना से संबंधित हैं। विधान परिषद में मुख्यमंत्री राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर विपक्ष के आरोपों का जवाब देंगे। आइए विस्तार से जानते हैं सोमवार को विधानसभा में होने वाली कार्यवाही के बारे में।
UP Buget Session: बजट चर्चा की प्रक्रिया और महत्व
बजट पर चर्चा किसी भी विधानमंडल सत्र की सबसे महत्वपूर्ण कार्यवाही होती है। यह वह मंच है जहां सरकार की आर्थिक नीतियों, प्राथमिकताओं और योजनाओं पर विस्तृत चर्चा होती है। विपक्ष को सरकार से सवाल पूछने और उसकी नीतियों की आलोचना करने का पूरा अवसर मिलता है। साथ ही सत्ताधारी पक्ष के सदस्य सरकार के कामों की सराहना करते हैं और बजट की उपलब्धियों को रेखांकित करते हैं।
बजट चर्चा की प्रक्रिया इस प्रकार होगी
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विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना विधायकों को बोलने का अवसर देंगे। वे यह तय करेंगे कि कौन से विधायक कब और कितनी देर बोलेंगे। आमतौर पर पहले विपक्ष के नेताओं को बोलने का मौका मिलता है।
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विपक्षी दलों के नेता बजट की आलोचना करेंगे। समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के नेता योगी सरकार के बजट पर हमला बोलेंगे। वे किसानों, युवाओं, महिलाओं और गरीबों के लिए पर्याप्त प्रावधान न होने, रोजगार के अवसर कम होने, कृषि क्षेत्र की उपेक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य पर कम खर्च जैसे मुद्दे उठा सकते हैं।
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सत्ताधारी भाजपा के विधायक बजट का समर्थन करेंगे। वे योगी सरकार की उपलब्धियों, विकास कार्यों, कल्याणकारी योजनाओं और बजट में किए गए प्रावधानों की सराहना करेंगे।
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अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जवाब देंगे। यह सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। मुख्यमंत्री विपक्ष द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों, आरोपों और आलोचनाओं का विस्तृत जवाब देंगे। वे आंकड़ों और तथ्यों के साथ सरकार के कामों को रखेंगे और विपक्ष के आरोपों को खारिज करेंगे।
बजट चर्चा दो-तीन दिन चलने की संभावना है। इस दौरान दोनों सदनों में जीवंत बहस देखने को मिलेगी।
शाहजहांपुर और भदोही में नए विश्वविद्यालय
सोमवार को विधानसभा में उच्च शिक्षा से संबंधित दो महत्वपूर्ण विधेयक पारित कराए जाएंगे। ये विधेयक शाहजहांपुर और भदोही जिलों में नए राज्य विश्वविद्यालयों की स्थापना के लिए हैं। सरकार ने गुरुवार को इन्हें विधानसभा में पेश किया था। विधेयकों के नाम हैं:
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उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2026
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उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन) विधेयक 2026
वास्तव में, उत्तर प्रदेश सरकार ने शाहजहांपुर और भदोही में राज्य विश्वविद्यालयों की स्थापना के लिए पहले ही अध्यादेश जारी कर दिए थे। अध्यादेश राज्यपाल द्वारा जारी किया गया एक अस्थायी कानून होता है जो विधानमंडल के सत्र में न होने पर लाया जाता है। लेकिन अध्यादेश को स्थायी कानून बनाने के लिए इसे विधानमंडल से पारित कराना अनिवार्य होता है। इसी उद्देश्य से सोमवार को ये प्रतिस्थापन विधेयक (Replacement Bills) पारित कराए जा रहे हैं।
शाहजहांपुर और भदोही में विश्वविद्यालयों का महत्व
शाहजहांपुर और भदोही दोनों ही ऐसे जिले हैं जहां उच्च शिक्षा की सुविधाओं की कमी रही है। इन जिलों के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए लखनऊ, कानपुर, वाराणसी जैसे बड़े शहरों में जाना पड़ता था, जिसमें समय और पैसा दोनों खर्च होता था। नए विश्वविद्यालय स्थानीय युवाओं को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराएंगे। इससे इन क्षेत्रों में शैक्षिक माहौल मजबूत होगा और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
योगी सरकार ने अपने कार्यकाल में कई नए विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना की है। यह सरकार की शिक्षा को प्राथमिकता देने की नीति का हिस्सा है।
UP Buget Session: विधान परिषद में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव
विधानमंडल सत्र की शुरुआत में राज्यपाल अपना अभिभाषण देते हैं। इस अभिभाषण में सरकार की नीतियों, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का उल्लेख होता है। हालांकि अभिभाषण राज्यपाल देते हैं, लेकिन इसकी सामग्री सरकार द्वारा तैयार की जाती है। इसलिए यह सरकार का नीति दस्तावेज होता है। अभिभाषण के बाद, दोनों सदनों में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होती है।
विधान परिषद (उच्च सदन) में सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर विपक्ष के आरोपों का जवाब देंगे। विपक्ष ने अभिभाषण पर चर्चा के दौरान कई आरोप लगाए होंगे – जैसे कि सरकार के दावे खोखले हैं, जमीनी हकीकत अलग है, किसानों और गरीबों की उपेक्षा हो रही है, आदि। मुख्यमंत्री इन सभी आरोपों का तथ्यों और आंकड़ों के साथ खंडन करेंगे और सरकार के कामों को रखेंगे।
सोमवार की कार्यवाही का राजनीतिक महत्व
सोमवार की विधानसभा कार्यवाही राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होगी। बजट चर्चा के दौरान विपक्ष योगी सरकार पर जमकर हमला बोलेगा। 2027 में उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं, इसलिए विपक्ष इस अवसर का उपयोग सरकार को घेरने के लिए करेगा। समाजवादी पार्टी, बसपा और कांग्रेस अपने-अपने मुद्दे उठाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जवाब भी महत्वपूर्ण होगा क्योंकि वे विपक्ष के आरोपों को कैसे काटते हैं और सरकार की उपलब्धियों को कैसे रखते हैं, यह आने वाले चुनावों के लिहाज से अहम होगा।
शाहजहांपुर और भदोही में नए विश्वविद्यालयों की स्थापना भी सरकार के लिए राजनीतिक लाभ का मुद्दा है। यह दिखाता है कि सरकार शिक्षा को प्राथमिकता दे रही है और पिछड़े क्षेत्रों में भी विकास कर रही है।
UP Buget Session: निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश विधानसभा में सोमवार से बजट चर्चा शुरू होगी जो दो-तीन दिन चलेगी। विपक्ष बजट की आलोचना करेगा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जवाब देंगे। शाहजहांपुर और भदोही में राज्य विश्वविद्यालयों के विधेयक भी पारित होंगे। विधान परिषद में मुख्यमंत्री राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देंगे। यह सत्र राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।
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