भाजपा सांसद एवं अभिनेता मनोज तिवारी के मुंबई आवास में 5.40 लाख की चोरी, पूर्व कर्मचारी गिरफ्तार
मनोज तिवारी के मुंबई आवास से 5.40 लाख रुपये की चोरी का मामला सुलझा
Manoj Tiwari: भाजपा सांसद और प्रसिद्ध गायक अभिनेता मनोज तिवारी के मुंबई स्थित निवास स्थान पर हुई चोरी का मामला सुलझ गया है। अंधेरी पश्चिम के शास्त्रीनगर इलाके में स्थित सुंदरबन अपार्टमेंट से करीब 5.40 लाख रुपये की नकदी चोरी हुई थी। पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि चोर कोई बाहरी व्यक्ति नहीं बल्कि सांसद का ही एक पूर्व कर्मचारी निकला। अंबोली पुलिस ने सुरेंद्र कुमार दीनानाथ शर्मा को गिरफ्तार किया है जिसे दो साल पहले नौकरी से निकाल दिया गया था। सीसीटीवी फुटेज में कैद होने के बाद आरोपी ने अपना अपराध कबूल कर लिया है।
मैनेजर ने दर्ज कराई शिकायत
इस चोरी की शिकायत मनोज तिवारी (Manoj Tiwari) के मैनेजर प्रमोद जोगेंद्र पांडे ने अंबोली पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई थी। प्रमोद पांडे पिछले 20 वर्षों से मनोज तिवारी के मैनेजर के रूप में कार्यरत हैं और उनकी व्यक्तिगत और पेशेवर गतिविधियों का प्रबंधन देखते हैं। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि मुंबई स्थित आवास के एक कमरे में रखी कुल 5.40 लाख रुपये की नकदी गायब हो गई।
दिलचस्प बात यह है कि यह चोरी एक बार में नहीं हुई। पहली चोरी जून 2025 में हुई थी जब अलमारी से 4.40 लाख रुपये गायब हो गए थे। उस समय किसी को चोर का पता नहीं चल सका था और मामला रहस्य बना रहा। घर के सदस्यों और कर्मचारियों पर शक था लेकिन कोई ठोस सबूत नहीं था।
Manoj Tiwari: संदेह पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरे

जून की चोरी के बाद घर में लगातार असुरक्षा का माहौल बना रहा। मनोज तिवारी (Manoj Tiwari) और उनके मैनेजर को लगता था कि कोई घर के अंदर की जानकारी रखने वाला व्यक्ति ही चोरी कर रहा है। इसलिए चोरी की गुत्थी सुलझाने और चोर को पकड़ने के उद्देश्य से दिसंबर 2025 में घर के भीतर रणनीतिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए।
ये कैमरे विशेष रूप से उन कमरों और जगहों पर लगाए गए जहां महत्वपूर्ण सामान और नकदी रखी जाती थी। कैमरे छुपे हुए थे ताकि चोर को पता न चले कि उसकी हरकतें रिकॉर्ड हो रही हैं। यह रणनीति कारगर साबित हुई और जल्द ही चोर कैमरे में कैद हो गया।
रात 9 बजे हुई दूसरी चोरी
15 जनवरी 2026 की रात करीब 9 बजे रिकॉर्ड हुए फुटेज में एक व्यक्ति चोरी करते हुए स्पष्ट दिखाई दिया। जब फुटेज को ध्यान से देखा गया तो पता चला कि यह व्यक्ति कोई और नहीं बल्कि मनोज तिवारी (Manoj Tiwari) का पूर्व कर्मचारी सुरेंद्र कुमार शर्मा है। फुटेज में यह भी साफ दिखाई दिया कि उसके पास घर की मुख्य चाबी, बेडरूम की चाबी और अलमारी की डुप्लीकेट चाबियां थीं।
वीडियो में देखा जा सकता था कि वह बिना किसी हिचकिचाहट के सीधे उस कमरे में गया जहां नकदी रखी थी। उसने अलमारी खोली और करीब 1 लाख रुपये की नकदी निकालकर अपनी जेब में रख ली। पूरी कार्रवाई बहुत सहजता से की गई जैसे उसे घर की हर चीज का पता हो।
Manoj Tiwari: डुप्लीकेट चाबियों का इस्तेमाल
जांच में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि आरोपी के पास घर, बेडरूम और अलमारी तीनों की डुप्लीकेट चाबियां थीं। यह स्पष्ट संकेत था कि उसने यह चोरी पहले से सोच समझकर की थी। संभवतः नौकरी में रहते हुए ही उसने चाबियों की नकल बनवा ली थी या नौकरी छोड़ते समय चाबियां वापस नहीं कीं।
इससे यह भी समझ में आया कि जून 2025 में हुई 4.40 लाख रुपये की चोरी भी इसी व्यक्ति ने की होगी। उस समय सीसीटीवी कैमरे नहीं थे इसलिए वह पकड़ में नहीं आया था। लेकिन इस बार तकनीक ने उसे बेनकाब कर दिया।
आरोपी ने कबूला अपराध
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जब सुरेंद्र कुमार शर्मा से पूछताछ की गई तो शुरुआत में उसने इनकार किया। लेकिन जब उसे वीडियो दिखाया गया तो वह चुप हो गया। उसके पास बचाव का कोई रास्ता नहीं था क्योंकि सबूत बिल्कुल साफ थे। अंततः उसने अपना अपराध कबूल कर लिया।
आरोपी ने बताया कि उसे दो साल पहले नौकरी से निकाल (Manoj Tiwari) दिया गया था। इस बात का उसे बहुत गुस्सा था। उसने बदला लेने के लिए चाबियों की नकल बनवा ली और समय समय पर घर में घुसकर चोरी करने लगा। जून में हुई बड़ी चोरी के बाद जब कुछ नहीं हुआ तो उसका हौसला बढ़ गया और उसने दोबारा चोरी की।
पुलिस को दी सूचना और गिरफ्तारी
जैसे ही चोर की पहचान हो गई, तुरंत मैनेजर प्रमोद पांडे ने अंबोली पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और सीसीटीवी फुटेज की जांच की। फुटेज में सब कुछ स्पष्ट था। पुलिस ने सुरेंद्र कुमार शर्मा को हिरासत में ले लिया और औपचारिक गिरफ्तारी की।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज (Manoj Tiwari) को सबूत के तौर पर जब्त कर लिया है। आरोपी से चोरी की गई रकम के बारे में पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जानना चाहती है कि उसने चुराए गए पैसों का क्या किया। क्या वह सारी रकम अभी भी उसके पास है या उसने खर्च कर दी।
Manoj Tiwari: दो साल पहले हुई थी नौकरी से बर्खास्तगी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि सुरेंद्र कुमार शर्मा को दो साल पहले किसी कारणवश नौकरी (Manoj Tiwari) से निकाल दिया गया था। हालांकि बर्खास्तगी का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं है। संभव है कि उसके काम में लापरवाही थी या फिर किसी अन्य गलती के कारण उसकी नौकरी गई।
जो भी कारण हो, इस घटना ने उसके मन में मालिक के प्रति नकारात्मक भावना पैदा कर दी। वह मानता था कि उसके साथ अन्याय हुआ है। इसी कारण उसने बदला लेने का फैसला किया और चोरी करने लगा। यह एक सोची समझी साजिश थी जिसमें उसने पुरानी जानकारी और चाबियों का फायदा उठाया।
आगे की जांच जारी
अंबोली पुलिस ने बताया कि मामले की आगे जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस चोरी में कोई और व्यक्ति भी शामिल था। आरोपी से पूछताछ में यह भी जानने का प्रयास किया जा रहा है कि क्या उसने और कहीं भी इसी तरह की चोरी की है।
पुलिस ने डुप्लीकेट चाबियां भी जब्त कर ली हैं। यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि उसने ये चाबियां कब और कहां से बनवाई थीं। क्या नौकरी के दौरान ही उसने यह तैयारी कर ली थी या बाद में किसी तरीके से चाबियां हासिल कीं।
Manoj Tiwari: सबक और सावधानियां
यह घटना एक महत्वपूर्ण सबक है। घर के पुराने कर्मचारियों को नौकरी से निकालते समय यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके पास घर की चाबियां या अन्य महत्वपूर्ण चीजें न रहें। चाबियां वापस लेनी चाहिए और यदि संभव हो तो ताले बदल देने चाहिए।
सीसीटीवी कैमरे लगवाना भी एक अच्छा कदम है। इस मामले में यही तकनीक काम आई और चोर पकड़ा गया। घर में नकदी रखने से बचना चाहिए या फिर उसे सुरक्षित तिजोरी में रखना चाहिए। यह मामला दिखाता है कि कभी कभी अपराधी बाहर से नहीं बल्कि अंदर से होते हैं और उन पर भरोसा करना महंगा पड़ सकता है।
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