रिलीज से पहले ही फंसी The Kerala Story 2! कोर्ट ने लगाई रोक, सेंसर बोर्ड को मिला दो हफ्ते का अल्टीमेटम
केरल हाईकोर्ट ने रिलीज पर अंतरिम रोक लगाई, CBFC को 2 हफ्ते में दोबारा परखने का अल्टीमेटम
The kerala story 2: बॉलीवुड की सबसे विवादित फिल्मों में शुमार हो चुकी ‘द केरल स्टोरी’ के सीक्वल को रिलीज से ठीक पहले एक बड़ा कानूनी झटका लग गया है। केरल हाई कोर्ट ने ‘द केरल स्टोरी 2 गोज बियॉन्ड’ की रिलीज पर अंतरिम रोक लगा दी है। इस फैसले ने फिल्म के निर्माताओं की तमाम उम्मीदों पर पानी फेर दिया है और एक बार फिर यह विवादित फिल्म देशभर में चर्चा का केंद्र बन गई है।
The kerala story 2: जस्टिस थॉमस की पीठ ने सुनाया सख्त फैसला
केरल हाई कोर्ट के जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस की पीठ ने इस मामले में फिल्म के सेंसर बोर्ड यानी CBFC के प्रमाणपत्र को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह ऐतिहासिक निर्देश जारी किया:
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सख्त मौखिक टिप्पणी: अदालत ने अपनी मौखिक टिप्पणी में बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया और कहा कि पहली नजर में ऐसा प्रतीत होता है कि केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने इस फिल्म को प्रमाणपत्र देते समय पर्याप्त गंभीरता और विवेक का प्रदर्शन नहीं किया।
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संस्थान पर सवाल: यह टिप्पणी इसलिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें सीधे तौर पर देश के सबसे बड़े फिल्म प्रमाणन संस्थान पर सवाल उठाए गए हैं।
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पुनर्विचार का निर्देश: अदालत ने सेंसर बोर्ड को निर्देश दिया है कि वह इस फिल्म को नए सिरे से परखे और उन सभी बिंदुओं पर विचार करे जो याचिकाकर्ताओं ने उठाए हैं।
The kerala story 2: किसने दायर की याचिका और क्या है आरोप?
इस मामले में दो याचिकाएं दायर की गई थीं— पहली श्रीदेव नंबूदरी और दूसरी फ्रेडी वी फ्रांसिस की तरफ से:
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राज्य की छवि: याचिकाकर्ताओं का मुख्य तर्क यह है कि इस फिल्म का नाम और कथानक केरल राज्य की छवि को वैश्विक मंच पर बुरी तरह धूमिल करता है।
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सांप्रदायिक सौहार्द: उन्होंने आशंका जताई कि फिल्म की सामग्री केरल में वर्षों से बनाए गए सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे को कमजोर कर सकती है।
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अदालत का रुख: जस्टिस थॉमस ने इन चिंताओं को वास्तविक और गंभीर मानते हुए कहा कि जब तक इस पर विस्तृत बहस पूरी नहीं हो जाती, तब तक फिल्म को सिनेमाघरों में नहीं उतारा जा सकता।
The kerala story 2: सेंसर बोर्ड को दो हफ्ते का समय
केरल हाई कोर्ट ने इस मामले में सीबीएफसी को स्पष्ट निर्देश दिए हैं:
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समय सीमा: बोर्ड को दो सप्ताह यानी चौदह दिनों के भीतर इस मामले पर अपना अंतिम निर्णय सुनाने का अल्टीमेटम दिया है।
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जारी रहेगी रोक: जब तक सेंसर बोर्ड का फैसला नहीं आता, तब तक फिल्म की रिलीज पर लगी रोक पूरी तरह से जारी रहेगी।
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अन्य याचिका खारिज: अदालत ने वकील अतुल रॉय द्वारा दायर एक अन्य रिट याचिका को सुनवाई योग्य न मानते हुए खारिज कर दिया क्योंकि उसमें कानूनी शर्तें पूरी नहीं थीं।
The kerala story 2: निर्माताओं ने किया जोरदार विरोध
सुनवाई के दौरान फिल्म के निर्माताओं ने याचिकाओं का पुरजोर विरोध किया:
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निर्माताओं का तर्क: उन्होंने तर्क दिया कि याचिकाकर्ताओं की शिकायतें सार्वजनिक प्रकृति की हैं और इनसे किसी को भी व्यक्तिगत रूप से कोई कानूनी नुकसान नहीं हो रहा है।
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दलीलें खारिज: अदालत ने निर्माताओं की इन सभी दलीलों को नकारते हुए याचिकाकर्ताओं के पक्ष में फैसला सुनाया। अदालत ने अतिरिक्त दस्तावेजों को रिकॉर्ड पर लेने की अनुमति भी दी और निर्माताओं की आपत्तियों को खारिज कर दिया।
The kerala story 2: पहली फिल्म भी रही थी विवादों में
गौरतलब है कि ‘द केरल स्टोरी’ की पहली फिल्म साल 2023 में रिलीज हुई थी:
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विवाद की पृष्ठभूमि: उस फिल्म पर भी केरल राज्य की छवि को नुकसान पहुंचाने और सांप्रदायिक भावनाओं को भड़काने के आरोप लगे थे।
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बैन और कमाई: पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में उस फिल्म की स्क्रीनिंग पर रोक भी लगाई गई थी। बावजूद इसके उस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त कमाई की थी।
अब सबकी नजरें सेंसर बोर्ड के फैसले पर
फिलहाल पूरे फिल्म जगत और दर्शकों की नजरें सेंसर बोर्ड के आगामी फैसले पर टिकी हैं। यह मामला केवल एक फिल्म की रिलीज तक सीमित नहीं है बल्कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, राज्य की छवि और सांप्रदायिक सौहार्द जैसे बड़े सवालों को भी सामने ला रहा है। दो हफ्ते बाद ही यह तय होगा कि ‘द केरल स्टोरी 2 गोज बियॉन्ड’ सिनेमाघरों तक पहुंच पाती है या नहीं।
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