जोमैटो के फाउंडर दीपिंदर गोयल की नई हेल्थ टेक कंपनी Temple ने पहले फंडिंग राउंड में जुटाए 5.4 करोड़ डॉलर, वैल्यूएशन 19 करोड़ डॉलर, अनोखी भर्ती शर्त से भी मचाई थी सनसनी

दीपिंदर गोयल की नई हेल्थ टेक कंपनी Temple, फ्रेंड्स एंड फैमिली राउंड में 5.4 करोड़ डॉलर फंडिंग, वैल्यूएशन 19 करोड़ डॉलर, अनोखी भर्ती शर्त पर बहस

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Deepinder Goyal: भारत के सबसे चर्चित और सफल उद्यमियों में शुमार जोमैटो के संस्थापक दीपिंदर गोयल एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह है उनकी नई स्टार्टअप कंपनी Temple जिसने हेल्थ टेक सेक्टर में अपनी धमाकेदार एंट्री कर ली है। दीपिंदर गोयल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि उनकी नई कंपनी Temple ने फंडिंग के पहले दौर में कुल 5.4 करोड़ डॉलर यानी करीब 450 करोड़ रुपये जुटाने में कामयाबी हासिल की है। इस फंडिंग के बाद कंपनी की कुल वैल्यूएशन लगभग 19 करोड़ डॉलर यानी करीब 1580 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह खबर उस वक्त आई जब कंपनी अपनी अनोखी भर्ती शर्तों को लेकर पहले से ही सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में थी।

दोस्तों और परिवार से मिला फंड

दीपिंदर गोयल ने सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट में बताया कि Temple के पहले फंडिंग राउंड में जुटाई गई 5.4 करोड़ डॉलर की राशि उनके करीबी दोस्तों और परिवार से आई है। यह एक फ्रेंड्स एंड फैमिली राउंड था जिसमें किसी बड़े वेंचर कैपिटल फर्म की बजाय उनके व्यक्तिगत संपर्कों ने निवेश किया। इस निवेश के बाद कंपनी की वैल्यूएशन करीब 19 करोड़ डॉलर तक पहुंच गई जो किसी भी नई स्टार्टअप के लिए एक बेहद उत्साहजनक शुरुआत मानी जाती है। इससे जाहिर होता है कि दीपिंदर गोयल के व्यावसायिक दृष्टिकोण पर उनके करीबी लोगों का कितना गहरा भरोसा है।

Deepinder Goyal: भर्ती की अनोखी शर्त ने मचाई थी सनसनी

फंडिंग की घोषणा से कुछ घंटे पहले ही दीपिंदर गोयल ने Temple के लिए एक बेहद अनोखी और चर्चा में आने वाली भर्ती पोस्ट की थी। उन्होंने ऐसे लोगों की तलाश की बात कही जो एक साथ एथलीट, इंजीनियर और वैज्ञानिक हों। इसके साथ ही उन्होंने एक विशेष शर्त भी रखी कि आवेदन करने वाले पुरुष उम्मीदवारों के शरीर में बॉडी फैट 16 प्रतिशत से कम होना चाहिए जबकि महिला उम्मीदवारों के लिए यह सीमा 26 प्रतिशत से कम निर्धारित की गई थी। इस अनोखी और असामान्य शर्त ने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया और सोशल मीडिया पर यह विषय जोरदार बहस का केंद्र बन गया। कुछ लोगों ने इसे प्रेरणादायक बताया तो कुछ ने सवाल उठाए।

Eternal के CEO पद से दे चुके हैं इस्तीफा

दीपिंदर गोयल ने 1 फरवरी 2026 से Eternal यानी पूर्व जोमैटो के डायरेक्टर, मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO के तीनों बड़े पद छोड़ दिए थे। इस फैसले की घोषणा उन्होंने जनवरी 2026 में ही कर दी थी। उनके जाने के बाद Eternal के बोर्ड ने उन्हें वाइस चेयरमैन और डायरेक्टर के पद पर नियुक्त करने की सिफारिश की है। CEO के पद पर Blinkit के अलबिंदर सिंह ढींडसा को उनकी जगह नियुक्त किया गया है। पिछले साल ही जोमैटो का नाम बदलकर Eternal कर दिया गया था और अब जोमैटो, ब्लिंकइट, डिस्ट्रिक्ट, हाइपरप्योर और फीडिंग इंडिया ये सभी Eternal की ब्रांड के रूप में काम कर रही हैं।

Deepinder Goyal: नए सफर का कारण क्या बताया दीपिंदर ने

CEO पद से इस्तीफे की जानकारी साझा करते हुए दीपिंदर गोयल ने अपनी नई यात्रा के पीछे की सोच को भी उजागर किया था। उन्होंने कहा था कि कुछ नए और जोखिम भरे विचारों ने उन्हें आकर्षित किया है जिनके लिए Eternal जैसी एक सार्वजनिक सूचीबद्ध कंपनी के दायरे से बाहर जाकर काम करना जरूरी है। उनका मानना था कि Eternal को अपने मौजूदा कारोबार पर ध्यान केंद्रित रखते हुए अनुशासित तरीके से आगे बढ़ना चाहिए। नए और प्रयोगात्मक विचारों के लिए एक अलग मंच की जरूरत थी और Temple उसी सोच का नतीजा है।

Temple के हेल्थ टेक सेक्टर में प्रवेश और पहले ही दौर में इतनी बड़ी फंडिंग हासिल करना यह साफ संकेत देता है कि दीपिंदर गोयल एक बार फिर किसी बड़े बदलाव की तैयारी में हैं। अब देखना यह है कि Temple आने वाले समय में हेल्थ टेक की दुनिया में किस तरह की क्रांति लेकर आती है।

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