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Garuda Purana

Garuda Purana: मृत्यु के बाद मृतक की किन वस्तुओं को घर में रखना चाहिए और किनका करना चाहिए दान, जानें…

Garuda Purana: क्या मृतक के गहने पहनने चाहिए? गरुड़ पुराण के अनुसार कपड़ों का मोह कैसे बनता है पितृ दोष का कारण। जानें मृत आत्मा की शांति और घर में सकारात्मकता लाने के शास्त्र सम्मत उपाय।

Garuda Purana: मृत्यु के बाद 13 दिन भोजन में हल्दी का प्रयोग क्यों वर्जित है? जानिए इसके पीछे का…

Garuda Purana: सनातन परंपरा में जीवन के हर पड़ाव के लिए कुछ नियम तय किए गए हैं। इनमें से सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील समय किसी प्रियजन के निधन के बाद का होता है। आपने देखा होगा कि परिवार में किसी के जाने के बाद 13 दिनों के सूतक काल के दौरान…

Garuda Purana: कानून की जद से भले बच जाएं आरोपी, लेकिन गरुड़ पुराण में इन 4 नरकों में तय है सजा

Garuda Purana: पुणे के लोहागढ़ किले की ऊंची पहाड़ियों पर जो हुआ, उसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। केतन अग्रवाल हत्याकांड के मामले में जिस तरह से मंगेतर और उसके प्रेमी की क्रूर साजिश का पर्दाफाश हुआ है, उसने रिश्तों के सबसे पवित्र धागे…

Garuda Purana: आखिर क्यों रात में नहीं किया जाता अंतिम संस्कार, गरुड़ पुराण में छिपा है इसका रहस्य

Garuda Purana: हिंदू धर्म में सूर्यास्त के बाद अंतिम संस्कार को पूरी तरह वर्जित माना गया है। गरुड़ पुराण के अनुसार रात में दाह संस्कार करने से जीव को मोक्ष नहीं मिलता और आत्मा भटकती है। इसके पीछे छिपे धार्मिक, वैज्ञानिक और व्यावहारिक कारणों…

गरुड़ पुराण में सूतक काल क्यों नहीं जलाया जाता चूल्हा? आध्यात्मिक, मनोवैज्ञानिक और वैज्ञानिक कारण

Garuda Purana: गरुड़ पुराण के अनुसार, मृत्यु के बाद 13 दिनों तक सूतक काल में घर में चूल्हा न जलाना और भोजन न बनाना एक महत्वपूर्ण परंपरा है। इसका आध्यात्मिक कारण यह है कि मृतात्मा कुछ समय तक परिवार के आसपास रहती है और सामान्य गतिविधियां शुरू…