आवारा कुत्तों के हमले पर SC का बड़ा फैसला, पीड़ितों को अब मिलेगा मुआवजा

राज्य सरकारें देंगी मुआवजा, कुत्तों को खिलाने वाले भी जिम्मेदार; बच्चों-बुजुर्गों की सुरक्षा पर जोर

0

Supreme Court on Stray Dogs: देश में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया। शीर्ष अदालत ने साफ कर दिया कि यदि किसी व्यक्ति को आवारा कुत्ता काट ले और उसे चोट लगे या मृत्यु हो जाए तो संबंधित राज्य सरकार को आर्थिक क्षतिपूर्ति देनी होगी। यह आदेश विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दिया गया है। पूरे देश में खासकर शहरी इलाकों में आवारा कुत्तों से जुड़ी घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं जिससे आम नागरिकों में भय का माहौल बना हुआ है।

न्यायालय ने दी सख्त चेतावनी

सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली पीठ ने बेहद कड़े शब्दों (Supreme Court on Stray Dogs) में टिप्पणी की। अदालत ने उन लोगों को आड़े हाथ लिया जो सड़कों पर कुत्तों को भोजन देते हैं। पीठ ने कहा कि अगर लोगों को इतनी ही चिंता है तो वे इन जानवरों को अपने आवास में रखें। सार्वजनिक स्थानों पर इन्हें खुला छोड़ देना जिम्मेदारी से भागना है। जस्टिस नाथ ने स्पष्ट किया कि जो व्यक्ति नियमित रूप से किसी कुत्ते को खिलाता है उसे उस जानवर की जिम्मेदारी भी उठानी होगी। यदि वह कुत्ता किसी को नुकसान पहुंचाता है तो खिलाने वाला व्यक्ति भी उत्तरदायी माना जाएगा।

Supreme Court on Stray Dogs: भावुकता बनाम जनसुरक्षा पर बहस

वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी ने अदालत के समक्ष तर्क दिया कि यह विषय भावनात्मक पहलुओं से जुड़ा है। उनका कहना था कि पशु प्रेमियों की संवेदनाओं का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। इस पर न्यायालय ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भावनाएं सिर्फ जानवरों के प्रति ही क्यों दिखाई जाती हैं। मासूम बच्चों और कमजोर बुजुर्गों के प्रति भी तो संवेदनशील होना चाहिए। जब इंसानी जानें खतरे में हों तो प्राथमिकता किसे देनी है यह स्पष्ट होना चाहिए। वकील ने जवाब दिया कि वे मनुष्यों की भी उतनी ही फिक्र करते हैं लेकिन अदालत का मानना था कि व्यावहारिक स्तर पर यह संतुलन नजर नहीं आता।

पहले भी दिए थे सख्त निर्देश

गौरतलब है कि पिछले साल नवंबर में भी शीर्ष अदालत (Supreme Court on Stray Dogs) ने इस विषय पर कठोर आदेश पारित किए थे। 7 नवंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया था कि सभी शैक्षणिक संस्थानों, चिकित्सालयों, बस अड्डों, खेल परिसरों और रेलवे प्लेटफार्मों से आवारा कुत्तों को तुरंत हटाया जाए। अदालत का कहना था कि ये ऐसे संवेदनशील स्थान हैं जहां रोज हजारों लोग आते जाते हैं। यहां किसी हमले की घटना बेहद गंभीर हो सकती है। कोर्ट ने यह भी निर्देशित किया था कि सार्वजनिक और सरकारी भवनों में कुत्तों के प्रवेश पर पूर्ण रोक लगाई जाए। हालांकि इस आदेश का कई पशु अधिकार संगठनों ने विरोध किया था।

Supreme Court on Stray Dogs: बढ़ते हमलों ने बढ़ाई चिंता

Supreme Court on Stray Dogs
Supreme Court on Stray Dogs

देश के विभिन्न हिस्सों से रोजाना आवारा कुत्तों द्वारा काटे जाने की खबरें (Supreme Court on Stray Dogs) आती रहती हैं। खासकर बच्चे और बुजुर्ग इनके आसान शिकार बनते हैं। कई मामलों में छोटे बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। कुछ दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं में मौतें भी हुई हैं। दिल्ली एनसीआर जैसे महानगरीय क्षेत्रों में तो स्थिति विशेष रूप से भयावह है। सुबह शाम की सैर के दौरान लोग डर महसूस करते हैं। स्कूल जाते बच्चों पर भी हमले हो रहे हैं। यह समस्या ग्रामीण क्षेत्रों में भी तेजी से बढ़ रही है।

राज्य सरकारों की जिम्मेदारी तय

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले (Supreme Court on Stray Dogs) से अब राज्य सरकारों की जिम्मेदारी स्पष्ट हो गई है। उन्हें न केवल आवारा कुत्तों (Supreme Court on Stray Dogs) को नियंत्रित करना होगा बल्कि किसी दुर्घटना की स्थिति में पीड़ितों को मुआवजा भी देना होगा। यह व्यवस्था सरकारों को ज्यादा सक्रिय बनाएगी। अब तक इस मामले में स्पष्ट जवाबदेही नहीं थी। पीड़ितों को इलाज का खर्च और अन्य नुकसान खुद उठाना पड़ता था। नया आदेश इस अन्याय को दूर करेगा। राज्य प्रशासनों को अब निवारक उपाय अपनाने होंगे ताकि ऐसी घटनाएं हों ही नहीं।

Supreme Court on Stray Dogs: समाधान की दिशा में कदम

यह निर्णय समस्या के समाधान की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। अब सरकारों को गंभीरता से काम करना होगा। पशु नियंत्रण केंद्र स्थापित करने होंगे। नसबंदी कार्यक्रम तेज करने होंगे। पशु आश्रय गृहों का निर्माण करना होगा। साथ ही जनता को भी जागरूक होना होगा। बिना सोचे समझे कुत्तों को खाना देना बंद करना होगा। यदि कोई पशु प्रेमी है तो उसे जानवर को गोद लेकर अपने घर रखना चाहिए। सड़कों पर छोड़कर सिर्फ खिलाना जिम्मेदारी नहीं है। संतुलित दृष्टिकोण से ही मानव और पशु दोनों का कल्याण संभव है।

Read More Here 

सोने चांदी के दाम में उछाल जारी, एमसीएक्स पर नए स्तर पर पहुंचा भाव

डिजिटल अरेस्ट पर केंद्र की स्टेटस रिपोर्ट, सुप्रीम कोर्ट से मांगा एक महीने का समय

पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दो संदिग्ध मामले, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया हाई अलर्ट

PF का पैसा अब ATM और UPI से निकाल सकेंगे, EPFO का नया नियम अप्रैल 2026 से लागू होने की उम्मीद

आपको यह भी पसंद आ सकता है
Leave A Reply

Your email address will not be published.