शेयर बाजार में भूचाल, सेंसेक्स 537 अंक धड़ाम, निफ्टी 24,500 के नीचे फिसला, ईरान-इजरायल युद्ध का डर बाजार पर पड़ रहा है भारी, निवेशकों को करोड़ों का नुकसान
ईरान-इजरायल युद्ध के डर से बाजार धड़ाम, सेंसेक्स 537 अंक गिरकर 79,478 पर, निफ्टी 153 अंक टूटकर 24,612 पर। तेल कीमतें उछलीं, FII बिकवाली, ऑयल-आईटी-बैंकिंग सेक्टर लाल
Stock Market Today: शुक्रवार 6 मार्च 2026 को भारतीय शेयर बाजार ने भारी गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत की। मध्य पूर्व में ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जारी संघर्ष का असर घरेलू बाजार पर साफ दिख रहा है। सुबह बाजार खुलते ही बिकवाली का जबरदस्त दबाव देखने को मिला और देखते ही देखते सेंसेक्स 537 अंक से अधिक टूट गया। निफ्टी भी 24,500 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे आ गया। बाजार के इस अचानक गिरावट ने लाखों निवेशकों को बड़ा झटका दिया है। वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और विदेशी निवेशकों की बिकवाली इस गिरावट के पीछे की मुख्य वजहें बताई जा रही हैं। आइए विस्तार से समझते हैं बाजार की इस बड़ी गिरावट का पूरा माजरा।
बाजार खुलते ही मचा हाहाकार
शुक्रवार सुबह 9 बजकर 15 मिनट पर जैसे ही भारतीय शेयर बाजार खुला वैसे ही बिकवाली का तूफान आ गया। बीएसई सेंसेक्स एक समय 537.43 अंक की भारी गिरावट के साथ 79,478.47 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। इसी समय एनएसई का निफ्टी भी 153.85 अंक की गिरावट के साथ 24,612.05 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था। बाजार की यह शुरुआत निवेशकों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रही। सुबह-सुबह इतनी बड़ी गिरावट ने पूरे कारोबारी दिन के लिए नकारात्मक माहौल बना दिया।
Stock Market Today: ईरान-इजरायल युद्ध बना सबसे बड़ा कारण
बाजार की इस बड़ी गिरावट का सबसे बड़ा और सबसे सीधा कारण मध्य पूर्व में बढ़ता युद्ध का तनाव है। अमेरिका और इजरायल का ईरान के साथ जारी संघर्ष अब एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध का रूप लेता जा रहा है। ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब समेत कई देशों में अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए हैं। इस युद्ध का सबसे बड़ा खतरा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज है जो वैश्विक तेल आपूर्ति का पांचवां हिस्सा संभालता है। अगर यह मार्ग बंद होता है तो पूरी दुनिया में तेल की भारी किल्लत हो सकती है। इसी डर ने वैश्विक बाजारों को हिला दिया है और भारतीय बाजार भी इससे अछूता नहीं रह सका।
कच्चे तेल की कीमतों में उबाल
मध्य पूर्व संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 3 प्रतिशत से अधिक की उछाल देखी गई है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत जैसे देशों के लिए विशेष रूप से चिंताजनक हैं जो अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करते हैं। महंगा तेल यानी महंगाई का खतरा, चालू खाते के घाटे में बढ़ोतरी और रुपये पर दबाव। यह सब मिलकर शेयर बाजार पर नकारात्मक असर डालते हैं। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के शेयरों पर इसका सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है।
Stock Market Today: किन सेक्टर्स को लगा सबसे ज्यादा झटका
बाजार की इस गिरावट में लगभग सभी प्रमुख सेक्टर लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। ऑयल और गैस सेक्टर पर सबसे अधिक दबाव है क्योंकि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें रिफाइनिंग कंपनियों के मार्जिन पर असर डालती हैं। आईटी सेक्टर के शेयर भी दबाव में हैं। पिछले एक हफ्ते में शीर्ष पांच आईटी कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक की भारी गिरावट आ चुकी है। बैंकिंग और वित्तीय सेवा क्षेत्र के शेयर भी कमजोर हैं। ऑटो, रियल एस्टेट और उपभोक्ता वस्तु क्षेत्र में भी बिकवाली देखी जा रही है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बढ़ रहा दबाव
बाजार की गिरावट को और गहरा करने में विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII की बिकवाली का भी बड़ा हाथ है। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक निवेशक जोखिम भरे बाजारों से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश की तरफ भाग रहे हैं। सोने की कीमतें इसी वजह से अपने रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब हैं। विदेशी निवेशकों की यह बिकवाली रुपये पर भी दबाव बना रही है।
Stock Market Today: क्या करें निवेशक इस गिरावट में?
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा गिरावट पूरी तरह वैश्विक भू-राजनीतिक कारणों से है और भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियादी मजबूती पर इसका कोई असर नहीं है। घबराकर शेयर बेचना इस समय नुकसानदायक हो सकता है। जो निवेशक लंबी अवधि के लिए निवेश करते हैं उनके लिए यह गिरावट एक खरीदारी का अवसर भी हो सकती है। हालांकि बाजार में अभी और उतार-चढ़ाव आ सकते हैं इसलिए निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।
मध्य पूर्व का संकट जब तक शांत नहीं होता तब तक बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। निवेशकों को सतर्क रहने और जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला न करने की सलाह दी जाती है।
Read More Here
- भारतीय रिफाइनरियों को रूसी तेल खरीदने की 30 दिन की अस्थायी छूट, अमेरिका ने मध्य पूर्व संकट के बीच दिया बड़ा राहत पैकेज, IOC-BPCL-HPCL को मिलेगी सांस
- UPI PIN कैसे बदलें और रीसेट करें, जानें पूरी आसान प्रक्रिया, कब और क्यों बदलना चाहिए पिन, इन गलतियों से बचें वरना खाली हो सकता है बैंक अकाउंट
- राज्यपालों की बड़ी फेरबदल, बिहार-महाराष्ट्र समेत 8 राज्यों के गवर्नर बदले, तरनजीत सिंह संधू बने दिल्ली के नए एलजी, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल का अचानक इस्तीफा बना चर्चा का विषय
- Maamla Legal Hai 2: रवि किशन की धमाकेदार वापसी, 3 अप्रैल को नेटफ्लिक्स पर आएगा दूसरा सीजन, पटपड़गंज कोर्ट में फिर मचेगा कॉमेडी का तहलका