सऊदी ने ईरान को सीधा अल्टीमेटम दे दिया! “हमले बंद करो वरना खुद भुगतोगे सबसे बड़ा अंजाम”, बहरीन के पानी प्लांट पर हमले से भड़का खाड़ी क्षेत्र, क्षेत्रीय युद्ध का खतरा बढ़ा
सऊदी विदेश मंत्रालय बोला, "हमले जारी रहे तो ईरान को ही सबसे बड़ा नुकसान", बहरीन के पानी प्लांट पर हमले की कड़ी निंदा, खाड़ी में तनाव चरम पर
Saudi Iran ultimatum: मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। ईरान की ओर से खाड़ी और अरब देशों पर लगातार मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए जा रहे हैं। इन हमलों में न सिर्फ सैन्य ठिकाने बल्कि आम नागरिकों के इलाके और जरूरी बुनियादी ढांचे को भी निशाना बनाया जा रहा है। इसी बीच सऊदी अरब ने ईरान को कड़े शब्दों में चेतावनी दे दी है। सऊदी विदेश मंत्रालय ने साफ कह दिया है कि अगर ये हमले जारी रहे तो इसका सबसे ज्यादा नुकसान ईरान को ही उठाना पड़ेगा। सऊदी के इस बयान के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में हलचल मच गई है।
Saudi Iran ultimatum: पानी के प्लांट पर हमले से भड़का पूरा खाड़ी क्षेत्र
मामला तब और बिगड़ गया जब बहरीन ने ईरान पर एक बेहद संवेदनशील और जरूरी ठिकाने पर हमले का आरोप लगाया। बहरीन के अनुसार ईरान ने खाड़ी क्षेत्र के एक डीसेलिनेशन प्लांट को निशाना बनाया। यह प्लांट खाड़ी देशों में पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए बेहद जरूरी है। समुद्र के खारे पानी को पीने योग्य बनाने वाले इन प्लांटों पर हमला करना सीधे तौर पर लाखों आम नागरिकों के जीवन को खतरे में डालना है। इससे पहले भी ईरान की ओर से खाड़ी देशों पर सैकड़ों मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए जा चुके हैं। ताजा जानकारी के मुताबिक ईरान ने UAE पर 16 बैलिस्टिक मिसाइलें और 117 से अधिक ड्रोन दागे जिनमें से एक समुद्र में जाकर गिरी।
Saudi Iran ultimatum: सऊदी विदेश मंत्रालय ने की कड़ी निंदा
सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने ईरान के इन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। मंत्रालय ने कहा कि एयरपोर्ट, तेल प्रतिष्ठानों और आम नागरिक क्षेत्रों पर किए जा रहे हमले क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता को जानबूझकर खतरे में डालने की कोशिश है। सऊदी ने इसे अंतरराष्ट्रीय चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन करार दिया है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि सिर्फ सऊदी अरब ही नहीं बल्कि अन्य खाड़ी देशों, अरब देशों और इस्लामी देशों पर हो रहे इन हमलों को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। सऊदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ईरान की यह कार्रवाई किसी भी तरह से उचित नहीं ठहराई जा सकती और इसके परिणाम गंभीर होंगे।
Saudi Iran ultimatum: ईरान के दावों को सऊदी ने बताया झूठ
ईरान ने अपने हमलों को सही ठहराते हुए दावा किया था कि सऊदी अरब ने अपनी जमीन और हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल लड़ाकू विमानों और रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट को ऑपरेट करने के लिए करने दिया था। लेकिन सऊदी विदेश मंत्रालय ने ईरान के इस दावे को पूरी तरह से खारिज करते हुए इसे झूठा और बेबुनियाद बताया है। सऊदी मंत्रालय ने साफ किया कि जिन विमानों की बात ईरान कर रहा है वे दरअसल सऊदी अरब और GCC यानी खाड़ी सहयोग परिषद के हवाई क्षेत्र की ईरानी मिसाइलों और ड्रोन से सुरक्षा के लिए हवाई गश्त कर रहे थे। इन विमानों का मकसद हमला करना नहीं बल्कि अपने देश और सहयोगी देशों की रक्षा करना था। सऊदी ने ईरान के इस कदम को तनाव बढ़ाने की सोची-समझी रणनीति बताया।
Saudi Iran ultimatum: आपसी रिश्तों पर गहरा संकट
सऊदी अरब ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ये हमले नहीं रुके तो इसका असर दोनों देशों के मौजूदा/भविष्य के संबंधों पर बहुत गहरा पड़ेगा। यह बात इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल के वर्षों में सऊदी और ईरान के बीच कूटनीतिक रिश्तों को सामान्य करने की कोशिशें हो रही थीं। चीन की मध्यस्थता में दोनों देशों के बीच 2023 में एक समझौता भी हुआ था और दोनों ने एक-दूसरे के यहां राजदूत भी नियुक्त किए थे। लेकिन ईरान के ये हमले उस सारी कूटनीतिक प्रगति को चौपट करने पर तुले दिखते हैं। सऊदी विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में साफ कहा कि ईरान की यह कार्रवाई किसी समझदार देश की नहीं बल्कि तनाव भड़काने वाली सोच का नतीजा है।
Saudi Iran ultimatum: मध्य पूर्व में बढ़ता युद्ध का खतरा
इस पूरे घटनाक्रम ने मध्य पूर्व में एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध की आशंका को और गहरा कर दिया है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई के ईरान के नए सुप्रीम लीडर बनने की खबरें सामने आ रही हैं। इस सत्ता परिवर्तन के बाद ईरान की आक्रामकता और बढ़ सकती है, ऐसा माना जा रहा है। इजरायल ने भी चेतावनी दी है कि ईरान के नए नेतृत्व के चुनाव में शामिल हर व्यक्ति उसका निशाना बन सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर सख्त रुख अपनाया है और कहा है कि इसे किसी भी कीमत पर रोका जाएगा।
Saudi Iran ultimatum: वैश्विक तेल बाजार पर असर
इस भू-राजनीतिक उथल-पुथल का सीधा असर वैश्विक तेल बाजार पर भी पड़ रहा है। खाड़ी क्षेत्र दुनिया का सबसे बड़ा तेल उत्पादक इलाका है और यहां किसी भी तरह का संघर्ष वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों को प्रभावित करता है। विश्लेषकों का मानना है कि अगर ये संघर्ष और बढ़ा तो तेल की कीमतें तेजी से ऊपर जा सकती हैं जिसका सीधा असर भारत समेत दुनिया भर के देशों पर पड़ेगा। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर मध्य पूर्व पर टिकी है। सऊदी अरब के इस कड़े रुख के बाद देखना यह होगा कि ईरान अपनी नीति में कोई बदलाव करता है या फिर हमले जारी रखकर खाड़ी क्षेत्र में और अस्थिरता फैलाता है।
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