Satish Jarkiholi ED Raid: मंत्री के ठिकानों पर 37 घंटे की रेड, 3 करोड़ कैश बरामद

FEMA और विदेशी निवेश की जांच के बीच बेलगावी परिसर से नकदी, दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मिले

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Satish Jarkiholi ED Raid: कर्नाटक के लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सतीश जारकीहोली से जुड़े परिसरों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की मैराथन छापेमारी लगभग 37 घंटे के गहन तलाशी अभियान के बाद पूरी हुई। केंद्रीय जांच एजेंसी ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के कथित उल्लंघन और संदिग्ध विदेशी निवेश की जांच के सिलसिले में बेंगलुरु, बेलगावी और गोकाक सहित लगभग 18 स्थानों पर एक साथ व्यापक तलाशी अभियान चलाया।

इस सघन कार्रवाई के दौरान बेलगावी स्थित परिसर से करीब 3 करोड़ रुपये की अघोषित नकदी, महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बरामद किए जाने की बात सामने आई है। मंत्री सतीश जारकीहोली ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि बरामद नकदी उनकी ही है और वे इस राशि के पूर्ण कानूनी स्रोत का विवरण जांच अधिकारियों को समय पर उपलब्ध कराएंगे।

Satish Jarkiholi ED Raid: 18 ठिकानों पर एक साथ दबिश, 37 घंटे तक चला तलाशी अभियान

प्रवर्तन निदेशालय की कई टीमों ने केंद्रीय सुरक्षा बलों की निगरानी में 9 सितंबर की सुबह से यह सघन कार्रवाई प्रारंभ की थी, जो लगातार 37 घंटे से अधिक समय तक चलने के बाद समाप्त हुई। जांच का दायरा बेंगलुरु के अति-प्रतिष्ठित डॉलर कॉलोनी स्थित मंत्री के सरकारी आवास से लेकर उनके गृह क्षेत्र बेलगावी और गोकाक स्थित निजी कार्यालयों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और उनके पारिवारिक सहयोगियों के आवासों तक विस्तृत था।

जांच अधिकारियों ने इस अवधि के दौरान भारी मात्रा में बैलेंस शीट, संपत्ति के दस्तावेज, बैंक लेन-देन की रसीदें और कंप्यूटर हार्ड ड्राइव को अपने अधिकार में लिया। एजेंसी का मुख्य ध्यान यह पता लगाने पर था कि क्या मंत्री और उनके पारिवारिक कारोबारी नेटवर्क द्वारा किए गए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष विदेशी लेन-देन भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और फेमा नियमों के अनुरूप संचालित किए गए हैं अथवा नहीं।

3 करोड़ रुपये की नकदी बरामद: मंत्री ने स्वीकार की स्वामित्व की बात

छापेमारी के दौरान सबसे अधिक ध्यान बेलगावी स्थित एक परिसर से लगभग 3 करोड़ रुपये की नकदी की बरामदगी पर केंद्रित रहा। नकदी की वास्तविक गिनती के लिए स्थानीय बैंक अधिकारियों और नोट गिनने वाली मशीनों की सहायता ली गई।

कार्रवाई संपन्न होने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए मंत्री सतीश जारकीहोली ने स्पष्ट कहा कि जांच एजेंसी द्वारा जब्त की गई नकदी उनकी वैध संपत्ति का हिस्सा है। उन्होंने दावा किया कि उनका व्यवसाय दशकों पुराना और पारदर्शी है तथा वे अपनी वित्तीय ऑडिट रिपोर्ट और आयकर विवरणी के माध्यम से नकदी के प्रत्येक रुपये का वैध स्रोत ईडी के समक्ष प्रमाणित करने के लिए पूर्णतः तैयार हैं।

विदेशी निवेश और FEMA जांच के केंद्र में

प्रवर्तन निदेशालय की यह जांच मुख्य रूप से कथित विदेशी निवेश (Foreign Direct Investment) और सीमा पार से हुए वित्तीय लेन-देन से संबंधित है। एजेंसी इस बात की तफ्तीश कर रही है कि क्या जारकीहोली परिवार या उनसे जुड़ी कंपनियों ने विदेशों में पूंजी निवेश या परिसंपत्तियों के अधिग्रहण के दौरान अनिवार्य वित्तीय स्वीकृतियां प्राप्त की थीं।

इस विषय पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए मंत्री ने बताया कि जांच दल ने उनसे विदेशों में संभावित निवेश योजनाओं के संदर्भ में प्रश्न पूछे थे। उन्होंने अधिकारियों को अवगत कराया कि संबंधित व्यावसायिक परियोजनाएं अभी केवल शुरुआती योजना के स्तर पर हैं और किसी भी प्रकार का अवैध वित्तीय अंतरण नहीं किया गया है।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप: कांग्रेस ने साधा केंद्र पर निशाना

कर्नाटक के एक प्रमुख कैबिनेट मंत्री के खिलाफ हुई इस बड़ी कार्रवाई के बाद राज्य का राजनीतिक तापमान अचानक बढ़ गया है। मंत्री सतीश जारकीहोली ने कार्रवाई के तरीके पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि यदि एजेंसी को किसी दस्तावेज या लेन-देन की आवश्यकता थी, तो वह साधारण नोटिस जारी कर विवरण मांग सकती थी, जिसके लिए इस प्रकार के व्यापक छापे की आवश्यकता नहीं थी।

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और अन्य प्रमुख कांग्रेस नेताओं ने भी इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे विपक्षी दलों के नेताओं को भयभीत करने का प्रयास बताया। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने पलटवार करते हुए कहा कि जांच एजेंसियां कानून के दायरे में रहकर साक्ष्यों के आधार पर स्वतंत्र कार्रवाई कर रही हैं और नकदी की बरामदगी स्वयं में जांच की आवश्यकता को सिद्ध करती है।

बेलगावी में समर्थकों का प्रदर्शन और तनाव

तलाशी अभियान के दौरान बेलगावी और आसपास के क्षेत्रों में तनाव की स्थिति भी देखने को मिली। मंत्री के समर्थकों और स्थानीय सामाजिक संगठनों ने सड़कों पर उतरकर केंद्रीय एजेंसी के विरोध में प्रदर्शन किया। समर्थकों का आरोप था कि राजनीतिक दबाव के चलते निष्पक्ष छवि वाले नेताओं की प्रतिष्ठा को धूमिल करने की कोशिश की जा रही है।

कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। तनातनी के बीच जांच दल ने सभी औपचारिक पंचनामे तैयार कर शांतिपूर्वक अपनी कार्रवाई को संपन्न किया।

Satish Jarkiholi ED Raid: निष्कर्ष

कर्नाटक के प्रभावशाली जारकीहोली परिवार के ठिकानों पर 37 घंटे चली यह मैराथन कार्रवाई राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम बन चुकी है। 3 करोड़ रुपये की नकदी और विदेशी निवेश से संबंधित दस्तावेजों की जब्ती के बाद अब गेंद पूरी तरह से जांच एजेंसी के पाले में है।

आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मंत्री द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले आय और टैक्स दस्तावेज जांच एजेंसी को संतुष्ट कर पाते हैं अथवा फेमा के प्रावधानों के तहत मामले में अग्रिम कानूनी कदम उठाए जाते हैं।

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