संसद में शिष्टाचार पर सियासी घमासान,- कंगना रनौत ने राहुल गांधी के व्यवहार पर उठाए गंभीर सवाल, महिला सांसदों की असहजता का किया जिक्र; प्रियंका गांधी की तारीफ कर कहा,- उनसे सीखें शालीनता और संवाद का तरीका

संसद में आचरण पर सवाल, प्रियंका को बताया शालीनता की मिसाल

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Kangana Ranaut: संसद के गलियारों में राजनीतिक शिष्टाचार को लेकर बहस कोई नई बात नहीं है, लेकिन जब एक महिला सांसद सार्वजनिक रूप से किसी विपक्षी नेता के व्यवहार पर इस तरह के सीधे सवाल उठाए, तो यह चर्चा एक नया मोड़ ले लेती है। भाजपा सांसद कंगना रनौत ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के संसदीय आचरण पर तीखी और सीधी टिप्पणी करके एक बार फिर राजनीतिक बहस को गरमा दिया है।

Kangana Ranaut: कंगना रनौत ने राहुल गांधी के बारे में क्या कहा?

कंगना रनौत से जब पूछा गया कि कुछ नौकरशाहों ने एक पत्र लिखकर राहुल गांधी के संसद में आचरण और रवैये पर आपत्ति जताई है, तो इस पर उनका क्या कहना है। इस पर कंगना ने बिना किसी हिचकिचाहट के अपनी राय सामने रख दी।

कंगना रनौत ने कहा, “हां बिल्कुल, हम महिलाओं को उनको देखकर बहुत ज्यादा अनकंफर्टेबल फील होता है क्योंकि एकदम जैसे टपोरी की तरह वो आते हैं। और किसी से भी तू-तड़ाक करते हैं। कोई इंटरव्यू दे रहा हो तो उनको वो हूटिंग कॉल्स करते हैं।” यह बयान तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

Kangana Ranaut: नौकरशाहों के पत्र का क्या संदर्भ है?

कंगना का यह बयान उस पत्र की पृष्ठभूमि में आया जिसमें कुछ सेवानिवृत्त और वर्तमान नौकरशाहों ने राहुल गांधी के संसदीय व्यवहार को लेकर लिखित आपत्ति दर्ज कराई थी। उस पत्र में राहुल गांधी के संसद में आचरण को असंसदीय और अनुचित बताया गया था।

यह पत्र अपने आप में राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया था। भाजपा ने इस पत्र को राहुल गांधी के खिलाफ प्रमाण के रूप में पेश किया जबकि कांग्रेस ने इसे राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज कर दिया।

Kangana Ranaut: कंगना रनौत ने प्रियंका गांधी की तारीफ क्यों की?

अपने बयान में कंगना रनौत ने राहुल गांधी की आलोचना के साथ-साथ उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा की जमकर तारीफ भी की। कंगना ने कहा कि राहुल गांधी को अपनी बहन के व्यवहार से सीखना चाहिए।

कंगना ने कहा कि प्रियंका गांधी का व्यवहार बहुत अच्छा है, लेकिन राहुल गांधी स्वयं शर्म के पात्र हैं। यह बयान इसलिए भी विशेष महत्व रखता है क्योंकि कंगना रनौत भाजपा की सांसद हैं और कांग्रेस परिवार के किसी सदस्य की तारीफ करना राजनीतिक दृष्टि से असामान्य माना जाता है।

Kangana Ranaut: कंगना रनौत का सनातन पर क्या बयान आया?

इसी बातचीत में कंगना रनौत ने सनातन धर्म पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, “यहां पर जो भी हैं, सब सनातनी हैं क्योंकि हमारा जब जन्म हुआ है, सनातन मतलब जिसका ना आदि है, ना अंत। सारे रिलीजन हजार या 1500 साल पुराने हैं। सनातन ही है जो सत्य है। तो वो भी सनातनी ही हैं। अब उनको लिखने में, सत्य लिखने में क्या घबराहट? लिख दीजिए।”

यह बयान उस चल रही राजनीतिक बहस के संदर्भ में आया जिसमें सनातन धर्म को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच तीखी नोकझोंक होती रही है। कंगना ने यह कहकर कि सभी भारतीय मूलतः सनातनी हैं, इस विवाद में अपना पक्ष स्पष्ट किया।

Kangana Ranaut: कंगना रनौत कौन हैं और राजनीति में कब आईं?

कंगना रनौत हिंदी सिनेमा की एक प्रमुख और बहुचर्चित अभिनेत्री हैं जिन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में हिमाचल प्रदेश के मंडी संसदीय क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर जीत हासिल की। वे कई राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेत्री हैं और अपने बेबाक बयानों के लिए जानी जाती हैं।

सांसद बनने के बाद से ही कंगना रनौत विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर अपनी राय सार्वजनिक रूप से रखती रही हैं। उनके बयान अक्सर राजनीतिक विवाद का केंद्र बनते हैं और सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा छेड़ देते हैं।

Kangana Ranaut: राहुल गांधी पर यह विवाद कितना पुराना है?

राहुल गांधी के संसदीय आचरण को लेकर यह पहली बार विवाद नहीं हुआ है। इससे पहले भी संसद सत्रों के दौरान उनके विभिन्न व्यवहारों को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं। संसद की सीढ़ियों पर बैठकर चाय पीने के प्रसंग को लेकर भी उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा था।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच संसदीय आचरण को लेकर इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप भारतीय लोकतंत्र की एक नियमित परिघटना बन चुके हैं। इन बयानों का असर आम मतदाताओं की सोच पर कितना पड़ता है यह हमेशा बहस का विषय रहा है।

Kangana Ranaut: इस बयान का राजनीतिक असर क्या होगा?

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि कंगना के इस बयान से भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का एक नया दौर शुरू हो सकता है। कांग्रेस की ओर से इस पर प्रतिक्रिया आना तय मानी जा रही है।

वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार जब कोई सांसद किसी विपक्षी नेता के संसदीय आचरण पर इस तरह सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करता है तो यह संसद की गरिमा और राजनीतिक शिष्टाचार दोनों पर एक बड़ी बहस को जन्म देता है। इस बयान के बाद दोनों पार्टियों के समर्थकों में तीखी प्रतिक्रियाएं आने की संभावना है।

निष्कर्ष

कंगना रनौत का यह बयान केवल एक व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं है, यह उस व्यापक राजनीतिक परिदृश्य का हिस्सा है जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष एक-दूसरे के आचरण, छवि और विश्वसनीयता पर सवाल उठाते रहते हैं। जो बात इस बयान को अलग बनाती है वह है एक ही सांस में राहुल गांधी की आलोचना और प्रियंका गांधी की प्रशंसा। भारतीय राजनीति में इस तरह के बयान बहस को जन्म देते हैं और अंततः जनता यही तय करती है कि किसका आचरण और किसकी राजनीति उनके हित में है।

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