‘संसद में कल PM मोदी पर हमला होने वाला था’, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला का बड़ा दावा, विपक्ष पर साधा निशाना
लोकसभा स्पीकर ने खुलासा - विपक्ष के हंगामे से अप्रत्याशित घटना की आशंका, पीएम को सदन न आने का आग्रह किया
PM Modi: लोकसभा में बजट सत्र के दौरान राजनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने गुरुवार को सदन में बड़ा खुलासा किया कि बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सदन में हमला होने की आशंका थी। इसलिए उन्होंने पीएम मोदी से सदन में न आने का आग्रह किया, जिसे पीएम ने मान लिया। स्पीकर ने कहा कि अगर पीएम सदन में आते तो अप्रत्याशित और अप्रिय घटना हो सकती थी, जो लोकतंत्र की परंपरा के लिए ठीक नहीं होता।
यह दावा बजट सत्र के बीच विपक्षी दलों के हंगामे के बाद आया है। बुधवार शाम 5 बजे पीएम मोदी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देना था, लेकिन विपक्षी सांसदों की नारेबाजी और हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही स्थगित हो गई। ध्वनि मत से प्रस्ताव पास हो गया, लेकिन पीएम का भाषण नहीं हो सका। 2004 के बाद यह पहली बार हुआ जब धन्यवाद प्रस्ताव बिना पीएम के भाषण के पारित हुआ।
स्पीकर ओम बिरला का पूरा बयान
लोकसभा की कार्यवाही के दौरान स्पीकर ओम बिरला ने कहा, “कल जो घटना हुई, वह सदन के इतिहास में कभी नहीं हुई। कांग्रेस सांसदों ने पोस्टर लेकर सदन में हंगामा किया। विपक्षी सदस्यों ने पीएम की कुर्सी तक पहुंचकर घेराव किया। माहौल को देखते हुए मैंने पीएम मोदी से सदन में न आने का आग्रह किया। उन्होंने मेरी बात मानी। अगर वे आते तो अप्रत्याशित घटना हो सकती थी।”
स्पीकर ने कांग्रेस सांसदों को चेतावनी दी कि पोस्टर लेकर सदन में आएंगे तो कार्यवाही नहीं चलने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सदन में अनुशासन बनाए रखना जरूरी है। अगर अप्रिय घटना होती तो लोकतंत्र की परंपरा तार-तार हो जाती। स्पीकर ने पीएम मोदी का धन्यवाद किया कि उन्होंने उनकी सलाह मानी।
PM Modi: बुधवार को सदन में क्या हुआ?
बुधवार को लोकसभा में विपक्षी दलों ने भारी हंगामा किया। कांग्रेस, डीएमके और अन्य विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी की। महिला सांसदों ने पीएम मोदी की कुर्सी तक पहुंचकर बैनर लहराए और घेराव किया। सदन की कार्यवाही बार-बार स्थगित हुई। शाम 5 बजे जब सदन दोबारा शुरू हुआ तो हंगामा जारी रहा।
इस बीच स्पीकर ने ध्वनि मत से धन्यवाद प्रस्ताव पास कर दिया। पीएम मोदी संसद परिसर में मौजूद थे, लेकिन सदन में नहीं गए। विपक्ष का आरोप है कि पीएम सदन में नहीं आए क्योंकि वे सवालों का सामना नहीं करना चाहते थे।
स्रोतों का दावा – कांग्रेस की साजिश?
सूत्रों के हवाले से खबर आई है कि कांग्रेस ने पीएम मोदी पर शारीरिक हमले की योजना बनाई थी। महिला सांसदों को कवर के रूप में इस्तेमाल किया गया। बीजेपी सांसद मनोज तिवारी और कंगना रनौत ने भी यही आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्षी सांसदों ने पीएम की कुर्सी घेरी और हमले की कोशिश की।
PM Modi: सदन में हंगामे की वजह
यह सब बजट सत्र के दौरान हुआ। सत्र में कई मुद्दे गरमाए हुए हैं। राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरावणे की अप्रकाशित किताब का हवाला देना चाहा था, लेकिन स्पीकर ने रोक दिया। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने नेहरू-इंदिरा गांधी परिवार पर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं, जिससे हंगामा बढ़ा। विपक्ष ने दुबे के बयानों पर आपत्ति जताई और स्पीकर से कार्रवाई की मांग की।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
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बीजेपी: विपक्ष ने लोकतंत्र को कलंकित किया। पीएम पर हमले की साजिश थी। स्पीकर का फैसला सही था।
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कांग्रेस: पीएम सदन में नहीं आए क्योंकि वे जवाब नहीं देना चाहते। सरकार डर गई है। स्पीकर पक्षपाती हैं।
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अन्य दल: डीएमके और वाम दल भी हंगामे में शामिल रहे। उन्होंने कहा कि सरकार बहस से भाग रही है।
PM Modi: महत्वपूर्ण बिंदु
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पीएम मोदी का भाषण पहली बार टला (2004 के बाद)।
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स्पीकर ने खुद पीएम को रोका।
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विपक्षी महिला सांसदों ने कुर्सी घेराव किया।
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सूत्रों ने हमले की साजिश का दावा किया।
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सदन में ध्वनि मत से प्रस्ताव पास हुआ।
यह खुलासा संसद में राजनीतिक तनाव को और बढ़ा रहा है। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। संसद की कार्यवाही पर असर पड़ रहा है। सरकार और विपक्ष दोनों को जिम्मेदारी से काम करने की जरूरत है ताकि सदन सुचारू रूप से चले।
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